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Veraval · Gujarat

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर

श्री सोमनाथ महादेव — आदि-ज्योतिर्लिंग

अन्य नाम: सोमनाथ महादेव · देव-पाटन · प्रभास-पाटन का सोमेश्वर · आदि ज्योतिर्लिंग

  • 12 ज्योतिर्लिंग
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का प्र…
श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर
दर्शन समय
06:00 – 21:00
स्वरूप
स्वयंभू शिवलिंग
स्थान
Veraval · Gujarat
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
प्राचीन काल

इस मन्दिर की विशेषता

  • 12 ज्योतिर्लिंग (प्रथम — सौराष्ट्र सोमनाथ)
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र का प्रथम श्लोक
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री सोमनाथ महादेव (शिव — चन्द्र-देव द्वारा प्रतिष्ठित प्रथम ज्योतिर्लिंग)

स्वयंभू शिवलिंग — गर्भगृह में मूल ज्योतिर्लिंग

सम्प्रदाय: शैव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शिव पुराण

कोटिरुद्र संहिता — सोमनाथ-माहात्म्य; चन्द्र-देव की दक्ष-शाप-कथा

स्कन्द पुराण

प्रभास खण्ड — प्रभास क्षेत्र एवं सोमनाथ का विस्तृत वर्णन

श्रीमद् भागवत पुराण

स्कन्ध 11 — श्रीकृष्ण का अन्तिम महाप्रस्थान प्रभास क्षेत्र में (भालका तीर्थ)

महाभारत

मौसल पर्व — प्रभास क्षेत्र में यदु-वंश का अन्त एवं श्रीकृष्ण का देहत्याग

ऋग्वेद

सोम-सूक्त — सोम-देव की प्राचीन स्तुति

संत एवं परम्परा

  • चन्द्र-देव (सोम) — प्रथम भक्त एवं प्रथम लिंग-स्थापक; दक्ष-शाप से क्षीणता प्राप्त होने पर प्रभास क्षेत्र में महामृत्युञ्जय जप द्वारा शिव-कृपा से शुक्ल-पक्ष/कृष्ण-पक्ष चक्र प्राप्त
  • श्रीकृष्ण — द्वारका से प्रभास क्षेत्र में अन्तिम महाप्रस्थान (भालका तीर्थ — व्याध 'जरा' का बाण); द्वापर युग का समापन एवं कलियुग का आरम्भ-स्थल
  • आदि शंकराचार्य (8वीं-9वीं शताब्दी) — द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र की प्रथम पंक्ति 'सौराष्ट्रे सोमनाथं च' द्वारा 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ को प्रथम स्थान
  • सरदार वल्लभभाई पटेल (1947-1950) — स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री; 13 नवम्बर 1947 को त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से सोमनाथ पुनर्निर्माण-संकल्प; पुनर्निर्माण के मुख्य प्रेरक

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 649लगभग 649 ईस्वी — सोमनाथ मंदिर का प्राचीनतम पुरातत्वीय संदर्भ-काल; मूल मंदिर इससे और भी प्राचीन माना जाता हैGujarat Tourism + Wikipedia
  2. 1026जनवरी 1026 — गज़नी के महमूद का सोमनाथ पर 15वाँ आक्रमण (18 अक्टूबर 1025 को गज़नी से 30,000 अश्व-सेना सहित प्रस्थान, 6 जनवरी 1026 को सोमनाथ-दुर्ग पर अधिकार)। दो दिनों के युद्ध में लगभग 70,000 रक्षक मारे गये; मूल ज्योतिर्लिंग खण्ड-खण्ड; 2 करोड़ दीनार स्वर्ण-संपदा लूट कर ले जाई गयी।Wikipedia Sack of Somnath
  3. 12991299 — अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति उलुग़ ख़ान के नेतृत्व में सोमनाथ पर आक्रमण एवं विध्वंसWikipedia Somnath Temple
  4. 13951395 — ज़फ़र ख़ान (मुज़फ़्फ़र शाह प्रथम, गुजरात सल्तनत) द्वारा पुनः विध्वंसWikipedia Somnath Temple
  5. 14511451 — महमूद बेगड़ा (गुजरात सल्तनत) द्वारा सोमनाथ का अपमान-कार्यWikipedia Somnath Temple
  6. 17061706 — मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब द्वारा अन्तिम मध्यकालीन विध्वंस एवं मंदिर का मस्जिद में रूपान्तरणWikipedia Somnath Temple
  7. 194713 नवम्बर 1947 — स्वतंत्र भारत के उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का सोमनाथ-आगमन; त्रिवेणी संगम के जल को हाथ में लेकर सोमनाथ के पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक संकल्प; पुनर्निर्माण कार्य प्रारम्भGir Somnath जिला + Gujarat Tourism
  8. 195111 मई 1951 (प्रातः 9:47) — भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण-प्रतिष्ठा (कैलाश-महामेरु-प्रासाद शैली / चालुक्य-नागर शैली); शिखर 15 मीटर (49 फीट) गर्भगृह के ऊपर + 8.2 मीटर ध्वज-दण्ड; सम्पूर्ण निर्माण लोह/इस्पात-रहित बलुआ-पत्थर निर्मित; दिसम्बर 1951 तक मुख्य निर्माण पूर्णWikipedia Somnath Temple + Shree Somnath Trust + DeshGujarat
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 21:00 तक

प्रातः आरती07:00-07:30
दैनिक

दिन की प्रथम आरती

मध्याह्न आरती12:00-12:30
दैनिक
सायं आरती19:00-19:30
दैनिक
04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य (निःशुल्क) दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-21:00
उपयुक्त
सभी भक्त

मुख्य ज्योतिर्लिंग दर्शन निःशुल्क। मोबाइल फोन, कैमरा, चमड़े की वस्तुएँ, बैग वर्जित — मुख्य द्वार पर निःशुल्क लॉकर उपलब्ध।

ऑनलाइन पूजा / प्रसाद बुकिंग
उपयुक्त
दूरस्थ भक्त

श्री सोमनाथ ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन पूजा एवं प्रसाद की बुकिंग।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

वर्ष का सर्वोच्च पर्व — विशेष अभिषेक, रुद्राभिषेक, रात्रि-जागरण, चार-प्रहर पूजा। दर्शन-समय विस्तारित। 2026 — 15 फरवरी रविवार।

कार्तिक पूर्णिमा मेला (5-दिवसीय)कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा

सोमनाथ का सबसे बड़ा वार्षिक मेला — 5 दिनों का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन; प्रथम दिन सायंकालीन उद्घाटन; मध्य-रात्रि विशेष अर्चना एवं महा-आरती; अरब-सागर पर असंख्य दीप; कार्तिक स्नान की पूर्णता। 2026 — 24 नवम्बर मंगलवार।

श्रावण मासश्रावण

सम्पूर्ण मास शिव-उपासना; प्रति सोमवार विशेष रुद्राभिषेक; लाखों कांवड़िये एवं भक्त

सोमवती अमावस्या

जब अमावस्या सोमवार को आये — चन्द्र-देव से सम्बद्ध सोमनाथ का विशेष मास-पर्व

श्रीकृष्ण जन्माष्टमीभाद्रपद कृष्ण अष्टमी

भालका तीर्थ (मंदिर से 5 किमी) पर विशेष आयोजन — श्रीकृष्ण के अन्तिम-लीला स्थल पर। 2026 — 4 सितंबर शुक्रवार (वैष्णव)

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

चन्द्र-ग्रह दोष-निवारण एवं मानसिक स्थिरता

सोमनाथ चन्द्र-देव द्वारा प्रतिष्ठित; कुण्डली में चन्द्र-दोष, अमावस्या-दोष, मानसिक अस्थिरता हेतु सोमनाथ-दर्शन एवं रुद्राभिषेक श्रेष्ठ माने जाते हैं

स्रोत: शिव पुराण कोटिरुद्र संहिता + ज्योतिष-शास्त्र परंपरा

12 ज्योतिर्लिंग यात्रा की पूर्णता

आदि शंकराचार्य के द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र अनुसार 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा का प्रथम तीर्थ सोमनाथ; 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन से सात जन्मों के पाप-नाश

स्रोत: द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)

पुनर्जागरण एवं स्व-सम्मान का प्रतीक

8 बार विध्वंस के बाद पुनर्निर्माण — 'अमृतत्व का प्रतीक'; सरदार पटेल का 1947 पुनर्निर्माण-संकल्प स्वतंत्र भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है

स्रोत: ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय परंपरा

मोक्ष एवं अन्तिम लीला-दर्शन

प्रभास क्षेत्र — श्रीकृष्ण के अन्तिम-लीला (भालका तीर्थ) एवं देहत्याग का स्थल; द्वापर-कलियुग संधि-क्षेत्र; मोक्ष-दायी तीर्थ

स्रोत: श्रीमद् भागवत पुराण स्कन्ध 11 + महाभारत मौसल पर्व

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • महामृत्युञ्जय मंत्र — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...'मंत्रऋग्वेद 7.59.12; यजुर्वेदइस मन्दिर हेतुचन्द्र-देव द्वारा प्रभास क्षेत्र में जपा गया — सोमनाथ-कथा का मूल मंत्र
  • द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — 'सौराष्ट्रे सोमनाथं च...'स्तोत्रआदि शंकराचार्य रचित द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र — प्रथम पंक्तिइस मन्दिर हेतु12 ज्योतिर्लिंगों के स्मरण-स्तोत्र का प्रारम्भ सोमनाथ से ही
  • ॐ नमः शिवाय — पञ्चाक्षर मंत्रमंत्रयजुर्वेद रुद्राध्याय
  • श्री रुद्राष्टाध्यायी / श्री रुद्रम् चमकम्स्तोत्रयजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिताज्योतिर्लिंग-पूजा का प्रमुख स्तोत्र
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

त्रिवेणी संगम (कपिला + हिरण्या + सरस्वती)1 किमी

तीन पवित्र नदियों — कपिला, हिरण्या एवं सरस्वती — का अरब-सागर में अद्भुत त्रिवेणी संगम; सरदार पटेल ने इसी संगम के जल से सोमनाथ पुनर्निर्माण का संकल्प लिया (13 नवम्बर 1947)। प्रभास क्षेत्र का मूल पवित्र-तीर्थ।

भालका तीर्थ (Bhalka Tirth)5 किमी

श्रीकृष्ण के अन्तिम-लीला का स्थल — पीपल-वृक्ष के नीचे विश्राम करते समय व्याध 'जरा' द्वारा पैर में हिरण-समझकर बाण लगा; श्रीकृष्ण ने व्याध को क्षमा-दान दिया एवं वहीं देह-त्याग। द्वापर युग समापन एवं कलियुग आरम्भ का संधि-स्थल।

गीता मंदिर एवं देह-उत्सर्ग स्थल1.5 किमी

श्रीकृष्ण के देह-उत्सर्ग के पश्चात् अंतिम-संस्कार स्थल; भगवद्गीता-पाठ मंदिर

श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय एवं संग्रहालय500 मी

सोमनाथ ट्रस्ट का प्राचीन शिल्प-संग्रहालय; पुरातत्व-अवशेष

सूर्य मंदिर, प्रभास-पाटन1 किमी

प्रभास-पाटन का प्राचीन सूर्य मंदिर

द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा

प्रथम ज्योतिर्लिंग — 'सौराष्ट्रे सोमनाथं च' (आदि शंकराचार्य द्वादश-ज्योतिर्लिंग स्तोत्र के प्रथम पद में स्तुत)

12 मंदिर

गुजरात ज्योतिर्लिंग-धाम यात्रा (सोमनाथ + नागेश्वर + द्वारका)

गुजरात के 2 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख; द्वारका-कृष्ण-धाम के साथ संयुक्त यात्रा

प्रभास क्षेत्र तीर्थ-समूह (सोमनाथ + त्रिवेणी संगम + भालका तीर्थ + गीता मंदिर)

केन्द्रीय; 4-तीर्थ-समूह की पूर्ण यात्रा 1-2 दिनों में

श्रीकृष्ण अन्तिम-लीला यात्रा (द्वारका → भालका तीर्थ → गीता मंदिर)

श्रीकृष्ण के द्वारका-जीवन से अन्तिम-देहत्याग तक की यात्रा का समापन-स्थल

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री सोमनाथ ट्रस्ट, सोमनाथ मंदिर, प्रभास-पाटन, वेरावल — 362268, गिर सोमनाथ जिला, गुजरात
हवाई अड्डा
दीव हवाई अड्डा (DIU) — ~85 किमी (निकटतम); राजकोट हवाई अड्डा (RAJ) — ~190 किमी; अहमदाबाद SVPI — ~400 किमी
रेलवे
वेरावल जंक्शन (VRL) — सोमनाथ मंदिर से ~7 किमी; पश्चिम रेलवे का प्रमुख स्टेशन
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; तापमान 18-30°C। मानसून (जुलाई-सितंबर) में अरब-सागर के दृश्य अद्वितीय। मई-जून अति-गर्म (38-42°C)। महाशिवरात्रि एवं कार्तिक पूर्णिमा पर पीक भीड़।
वेबसाइट
https://somnath.org
7 किमीVeraval
85 किमीDiu
79 किमीJunagadh
130 किमीPorbandar
190 किमीRajkot
400 किमीAhmedabad
235 किमीDwarka
880 किमीMumbai
1300 किमीDelhi
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