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Thiruvananthapuram · Kerala

श्री

श्री (अनन्त) पद्मनाभस्वामी मन्दिर — पश्चिम नाडा, पूर्व किला (East Fort), पजहवङ्गाडी, तिरुवनन्तपुरम् (त्रिवेन्द्रम्), केरल

श्री अनन्त-पद्मनाभस्वामी — विश्व का सर्वाधिक-धनी हिन्दू-मन्दिर; त्रावणकोर-राजवंश का प्रमुख-इष्ट-देव; 108 दिव्य-देशम में सम्मिलित; अनन्त-शयन विष्णु; 18-फुट मूर्ति 12,008 शालिग्राम-शिला + कटु-शर्करा-योगम् आयुर्वेदिक-लेपन से निर्मित — विश्व-अद्वितीय

अन्य नाम: पद्मनाभस्वामी · अनन्त-पद्मनाभ · श्री पद्मनाभ · त्रिवेन्द्रम् पद्मनाभस्वामी

  • 108 दिव्य-देशम में सम्मिलित
  • विश्व का सर्वाधिक-धनी हिन्दू-मन्दि…
  • वौल्ट B
  • त्रावणकोर-राजवंश का प्रमुख-इष्ट-दे…
श्री
दर्शन समय
03:30 – 21:00
स्वरूप
12,008 शालिग्राम-शिला
स्थान
Thiruvananthapuram · Kerala
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
अति-प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 दिव्य-देशम में सम्मिलित (अल्वार-गायित मङ्गलाशासनम्)
  • विश्व का सर्वाधिक-धनी हिन्दू-मन्दिर — 6 ज्ञात-कोष-वौल्ट A, B, C, D, E, F; 2011 में 5 (A, C, D, E, F) सर्वोच्च-न्यायालय-आदेश पर खोले गए; अनुमानित-मूल्य ~₹1 लाख करोड़ / ~$22 अरब
  • वौल्ट B (भारतमाला) — आधुनिक-काल में कभी नहीं खोला (1880 के बाद कोई-प्रलेखित-उद्घाटन नहीं); नागबन्धनम् (तान्त्रिक-सर्प-बन्ध) से सीलबन्द; 2020 SC ने धार्मिक-भावना-आधार पर उद्घाटन-अस्वीकार किया
  • त्रावणकोर-राजवंश का प्रमुख-इष्ट-देव — 5 मकरम् 925 ME (17 जनवरी 1750) मार्तण्ड वर्मा द्वारा त्रिप्पडि-दानम् (पूरा-राज्य-समर्पण); तत्पश्चात् सभी-त्रावणकोर-राजा 'श्री पद्मनाभदास' (पद्मनाभ-सेवक)-उपाधि-धारी
  • त्रि-द्वार-दर्शन — एक-मूर्ति को 3 पृथक-द्वारों से दर्शन: (1) मुख/शिवलिङ्ग, (2) नाभि/ब्रह्मा, (3) चरण — विश्व-अद्वितीय
  • केवल-हिन्दू-प्रवेश; गैर-हिन्दू केवल हलफनामा-हस्ताक्षर-कर हिन्दू-धर्म-घोषणा-पश्चात् दुर्लभ-प्रवेश
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री अनन्त-पद्मनाभस्वामी — महाविष्णु अनन्त-शयन (योग-निद्रा) पञ्च-फण आदिशेष/अनन्त-नाग पर शयन; 18-फुट मूर्ति; नाभि से कमल-निःसरण उस पर ब्रह्मा-आसीन; दक्षिण-हस्त शिवलिङ्ग पर स्थापित; पार्श्व में श्रीदेवी (लक्ष्मी) एवं भूदेवी; ऋषि भृगु एवं मार्कण्डेय कटु-शर्करा-योगम्-निर्मित गर्भगृह में स्थित

12,008 शालिग्राम-शिला (नेपाल गण्डकी नदी से लाये) से निर्मित + कटु-शर्करा-योगम् (~108 आयुर्वेदिक-घटक: औषधीय-वनस्पति, गुड़/शर्करा, बालू, बन्धक-द्रव्य) से लिप्त — विश्व-अद्वितीय निर्माण; मुख्य-मूर्ति पर अभिषेक निषिद्ध (केवल कटु-शर्करा-योगम्-संरक्षण-हेतु); पुष्प-निकासन मयूर-पिच्छ से (शिला-क्षति-निवारण); 906 ME / 1731 ईस्वी अनिज़म तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा द्वारा पुनः-प्रतिष्ठा

सम्प्रदाय: वैष्णव — श्री वैष्णव परम्परा (केरल विशिष्ट); त्रावणकोर-राजवंश-दीक्षा; पद्मनाभदास-परम्परा (राजा-गण देवता के सेवक); केवल-हिन्दू-प्रवेश; पारम्परिक-वेश-नियम कठोर

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

विष्णु-पुराण + ब्रह्म-पुराण + मत्स्य-पुराण + भागवत-पुराण

अनन्त-शयन विष्णु-स्तुति; अनन्त-पद्मनाभ-धाम-वर्णन

दिव्य-प्रबन्धम् (नालायिर दिव्य प्रबन्धम्)

108 दिव्य-देशम में मङ्गलाशासनम्; अल्वार-पासुर-गायित

विल्वमङ्गलाथु स्वामि-कथा (मूल-स्थल-पुराण)

ऋषि विल्वमङ्गलाथु स्वामियार ने विष्णु-दर्शन-प्रार्थना की; प्रभु ने बाल-स्वरूप-धारण-कर पूजा-विग्रह-अपवित्र किया; ऋषि-दण्ड-पश्चात् बालक 'अनन्तंकाडु में मुझे ढूँढो' कह-कर अदृश्य हो गया; ऋषि ने पुलय-स्त्री के बालक-तर्जना-स्वर सुना, अनुसरण-कर इलुप्पा (भारतीय-नवनीत-वृक्ष) में बालक का विलीनीकरण देखा; पतित-वृक्ष ने अनन्त-शयन विष्णु का स्वरूप-धारण किया; प्रथम-नैवेद्य पुलय-स्त्री द्वारा नारियल-खोल में चावल-कांजी + उप्पुमांग (नमक-आम) — परम्परा आज-तक

अनन्तपुर-कासरगोड मूल-स्थानम् कथा

अनन्त-पद्मनाभ का प्रथम-प्रकटन कासरगोड-ज़िले अनन्तपुर झील-मन्दिर पर (केरल का एकमात्र झील-मन्दिर; 9वीं-शताब्दी; मूर्ति बैठ-स्वरूप); तिरुवनन्तपुरम् अनन्त-शयन-स्वरूप का प्रमुख-धाम

संत एवं परम्परा

  • ऋषि विल्वमङ्गलाथु स्वामियार — मूल-दर्शन-ऋषि; प्रथम-प्रकटन-स्थल-कथा
  • ऋषि भृगु + ऋषि मार्कण्डेय — गर्भगृह में कटु-शर्करा-योगम्-निर्मित
  • अल्वार-सन्त — दिव्य-प्रबन्धम् मङ्गलाशासनम्
  • अनिज़म तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा (त्रावणकोर-महाराजा; जन्म 1706; शासन 1729-1758) — 1731 ईस्वी पुनः-प्रतिष्ठा + 12,008 शालिग्राम-शिला नेपाल-से-लाये + कटु-शर्करा-योगम्-निर्माण + 1750 त्रिप्पडि-दानम्; मुरजपम् + लक्ष-दीपम् 6-वर्षीय-परम्परा-संस्थापक
  • त्रावणकोर-राजवंश 'श्री पद्मनाभदास'-उपाधि-वंश (1750-वर्तमान)
  • पुलय-स्त्री (आदिवासी-ब्राह्मणी) — प्रथम-नैवेद्य-कथा

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 15667-तल पाण्ड्य-शैली पूर्व-गोपुरम-निर्माण-प्रारम्भ; ~100-फुट (~30 मी); दशावतार-उत्कीर्णन; 7-स्वर्ण-गुम्बदWikipedia + Kerala Tourism
  2. 1731906 ME — अनिज़म तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा द्वारा पुनः-प्रतिष्ठा; 12,008 शालिग्राम-शिला नेपाल-गण्डकी-से-लाये + कटु-शर्करा-योगम्-निर्माण; ओत्तक्कल-मण्डपम् एक-शिला 20 वर्ग-फुट × 2.5 फुट-मोटाई-स्थापनाWikipedia + spst.in आधिकारिक + Kirtankar बहु-स्रोत
  3. 175017 जनवरी 1750 (5 मकरम् 925 ME) — मार्तण्ड वर्मा का त्रिप्पडि-दानम् — पूर्ण त्रावणकोर-राज्य-समर्पण; तलवार-समर्पण-पश्चात् न्यासी-स्वरूप-वापसी; सभी-उत्तराधिकारी 'श्री पद्मनाभदास'-उपाधि-धारी; मुरजपम्-संस्था-स्थापना (56-दिवसीय वेद-पारायण 7-मुरों × 8-दिन; 6-वर्षीय)HinduPost + Wikipedia Marthanda Varma बहु-स्रोत
  4. 1880वौल्ट B का अन्तिम-प्रलेखित-उद्घाटन-काल (1880-दशक); तत्पश्चात् कभी नहीं खुलाLiveHistoryIndia + EDTimes
  5. 2011सर्वोच्च-न्यायालय-आदेशित-समिति द्वारा 5/6 वौल्ट (A, C, D, E, F) उद्घाटन; A सर्वाधिक-कोष (~102,000 वस्तु-समूह); 4-फुट हीरा-जड़ित स्वर्ण-महाविष्णु, 18-फुट स्वर्ण-शृंखला, 800 किग्रा मध्यकालीन-सिक्के, रोम-सिक्के; कुल अनुमानित-मूल्य ~₹1 लाख करोड़ / ~$22 अरबWikipedia Padmanabhaswamy Temple Treasure + LiveHistoryIndia बहु-स्रोत
  6. 2011वौल्ट B उद्घाटन-प्रयास — त्रावणकोर-राजवंश के अष्टमङ्गल देवप्रश्नम्-परामर्श-पश्चात् न्यायालय-निषेध-प्रार्थना से रोका गयाWikipedia Treasure
  7. 202013 जुलाई 2020 — सर्वोच्च-न्यायालय ने 1949 के समझौते को मान्यता-दे-कर त्रावणकोर-राजवंश के वंशानुगत 'शेबैत'-अधिकार पुष्ट किए; कार्यकारी-अधिकारी + 3-सदस्यीय सलाहकार-समिति (सभी-हिन्दू) Travancore-Cochin Hindu Religious Institutions Act sec. 18-23 के तहत; पृथक-समिति वौल्ट-निगरानी; ₹15 लाख/मास या ₹1 करोड़-एकमुश्त से अधिक व्यय-हेतु राजा की पूर्व-स्वीकृति आवश्यक; वौल्ट B उद्घाटन-धार्मिक-भावना-आधार-अस्वीकारNUS-ISAS + Wikipedia + LiveHistoryIndia बहु-स्रोत
  8. 2026जनवरी 2026 — नवीनतम लक्ष-दीपम् (भद्र-दीपम्) समारोह; 6-वर्षीय 56-दिवसीय मुरजपम् समापन-दिवस; 1 लाख तेल-दीप पूरे-मन्दिर-परिसर में प्रज्ज्वलितCultural Heritage of India + Kerala Tourism
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

03:30 से 21:00 तक

निर्माल्य दर्शन03:30-04:45
दैनिक
विशेष दर्शन06:30-07:00
दैनिक
सामान्य दर्शन (प्रातः)08:30-10:00
दैनिक
मध्याह्न दर्शन11:45-12:00
दैनिक
सायं दर्शन17:00-18:15
दैनिक
विस्तारित सायं दर्शन18:45-19:20
दैनिक
VIP दर्शन20:30-21:00
दैनिक

विशेष नियम: केवल-हिन्दू-प्रवेश (कठोर-नियम); गैर-हिन्दू केवल हलफनामा-हस्ताक्षर-पश्चात्; पारम्परिक-वेश-नियम कठोर — पुरुष: मुण्डु/धोती कमर-नीचे, छाती-नग्न (अङ्गवस्त्र-वैकल्पिक), कोई शर्ट/पैण्ट नहीं (प्रवेश-पर भाड़े पर उपलब्ध); स्त्री: साड़ी, मुण्डुम-नेरियथुम्, अर्ध-साड़ी, या स्कर्ट-ब्लाउज़ (सलवार के ऊपर धोती-लपेट अनिवार्य); मुख्य-मूर्ति पर अभिषेक निषिद्ध (कटु-शर्करा-योगम्-संरक्षण); गर्भगृह-फोटोग्राफी पूर्ण-निषिद्ध

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शन (त्रि-द्वार-दर्शन)निःशुल्क
समय
08:30-10:00; 11:45-12:00; 17:00-18:15; 18:45-19:20 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी हिन्दू-श्रद्धालु

ओत्तक्कल-मण्डपम् से एक-मूर्ति को 3 पृथक-द्वारों से दर्शन: मुख-शिवलिङ्ग + नाभि-ब्रह्मा + चरण — विश्व-अद्वितीय।

विशेष दर्शन (Special Darshan)₹150

₹150 (बिना-प्रसादम्) / ₹180 (प्रसादम्-सहित); 06:30-07:00।

VIP दर्शन (दो-व्यक्ति)₹250

₹250 दो-व्यक्ति; 20:30-21:00।

निर्माल्य दर्शन (प्रातः 03:30)निःशुल्क

ब्रह्म-मुहूर्त-काल पूर्व-पूजा-दर्शन।

त्रिप्पडि-दानम् दर्शन-संकल्प (त्रावणकोर-राजवंश परम्परा)

1750 त्रिप्पडि-दानम्-स्मरण; राज्य-समर्पण-संकल्प-तीर्थ।

365¼ श्रीबलिप्पुर स्तम्भ-गलियारा परिक्रमा

365¼ एक-शिला-उत्कीर्ण ग्रेनाइट-स्तम्भ (सौर-वर्ष के प्रत्येक-दिन हेतु एक); स्तम्भ-गणना-परिक्रमा।

कुलशेखर मण्डपम् सप्तस्वर-स्तम्भ

28 पाषाण-स्तम्भ जिन्हें ताड़न से 7 सङ्गीत-स्वर उत्पन्न होते हैं।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

पैन्कुनी उत्सवम् (10-दिवसीय)तमिल पङ्गुनि / मलयालम मीनम् (मार्च-अप्रैल)

10-दिवसीय; पूर्व-प्रवेश पर पाण्डव-फायबरग्लास-प्रतिमा-स्थापना; दिन-9 पल्लिवेट्ट (राज-शिकार); समापन अरट्टु शोभायात्रा शङ्खुमुखम् समुद्र-तट पर उत्सव-मूर्तियों के समुद्र-स्नान-हेतु; पश्चिमी-द्वार पर 1001 तोप-गोले की सलामी।

अल्पशि उत्सवम् (10-दिवसीय)तमिल ऐप्पसि / मलयालम तुलम् (अक्टूबर-नवंबर)

10-दिवसीय; अनुष्ठान पैन्कुनी के समान; समान शङ्खुमुखम् अरट्टु समुद्र-स्नान-समापन।

अरट्टु शोभायात्रा (पैन्कुनी + अल्पशि-समापन)उत्सव-समापन-दिवस

त्रावणकोर-महाराजा शोभायात्रा-नेतृत्व पैदल, तलवार-धारी; सुसज्जित-हाथी; पद्मनाभ-वाहन स्वर्ण, अन्य रजत।

मुरजपम् (56-दिवसीय वेद-पारायण; 6-वर्षीय)7-मुरों × 8-दिन

मार्तण्ड वर्मा द्वारा 1750-संस्थापित; ऋग्-यजुर्-साम वेद-पारायण; 6-वर्ष में एक-बार; मकर सङ्क्रान्ति पर लक्ष-दीपम् समापन।

लक्ष-दीपम् (भद्र-दीपम्; 6-वर्षीय)मकर सङ्क्रान्ति (मुरजपम् समापन-दिवस)

मुरजपम्-समापन; 1 लाख तेल-दीप पूरे-मन्दिर-परिसर में प्रज्ज्वलित; 6-वर्षीय; नवीनतम जनवरी 2026; अगला ~जनवरी 2032।

नवरात्रिआश्विन शुक्ल 1-9

नवरात्रि-समारोह।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

त्रि-द्वार-अनन्त-शयन-दर्शन संकल्प (विश्व-अद्वितीय)

विश्व का एकमात्र मन्दिर जहाँ एक-मूर्ति को 3 पृथक-द्वारों से दर्शन; पूर्ण-विष्णु-दर्शन (मुख-नाभि-चरण) हेतु अद्वितीय-संकल्प

स्रोत: Britannica + Wikipedia + East Indian Traveller बहु-स्रोत

त्रिप्पडि-दानम्-संकल्प (पूर्ण-आत्म-समर्पण)

मार्तण्ड वर्मा का पूर्ण-राज्य-समर्पण-आदर्श; भगवान को पूर्ण-आत्म-समर्पण-संकल्प-तीर्थ; पद्मनाभदास-दीक्षा

स्रोत: HinduPost + Wikipedia Marthanda Varma

12,008 शालिग्राम-दर्शन-संकल्प (विश्व-अद्वितीय निर्माण)

नेपाल-गण्डकी-नदी-से-लाए 12,008 शालिग्राम-शिला + कटु-शर्करा-योगम्-निर्मित विश्व-अद्वितीय मूर्ति-दर्शन

स्रोत: spst.in आधिकारिक + Wikipedia + Kirtankar बहु-स्रोत

विश्व-धनिक-मन्दिर-कोष-दर्शन-संकल्प (5 वौल्ट)

विश्व का सर्वाधिक-धनी हिन्दू-मन्दिर ~$22 अरब-कोष; 5/6 वौल्ट-उद्घाटित; भगवान की सर्व-समृद्धि-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia Treasure + LiveHistoryIndia

वौल्ट B नागबन्धनम्-दर्शन-संकल्प (तान्त्रिक-रहस्य)

विश्व का एकमात्र अबन्ध-वौल्ट; नागबन्धनम्-सीलबन्द; गरुड-मन्त्र-सिद्ध-योगी-मात्र-उद्घाटन-योग्य; तान्त्रिक-रहस्य-दर्शन-संकल्प

स्रोत: EDTimes + LiveHistoryIndia

लक्ष-दीपम्-दर्शन-संकल्प (6-वर्षीय)

6-वर्ष में एक-बार; 1 लाख तेल-दीप-प्रज्ज्वलन; मुरजपम् 56-दिवसीय वेद-पारायण-समापन-दिवस; अनुपम-तीर्थानुभव

स्रोत: Cultural Heritage of India + Kerala Tourism

365¼ श्रीबलिप्पुर स्तम्भ-दर्शन-संकल्प (सौर-वर्ष-प्रतीक)

365¼ एक-शिला-स्तम्भ — सौर-वर्ष के प्रत्येक-दिन हेतु एक; काल-चक्र-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Kerala Tourism + Wikipedia

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (द्वादशाक्षर मन्त्र)मूल मन्त्रभागवत-परम्परा
  • ॐ नमो नारायणाय (अष्टाक्षर)मन्त्रवैष्णव परम्परा
  • विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रस्तोत्रमहाभारत अनुशासन पर्व
  • नालायिर दिव्य प्रबन्धम् पासुर-गायनतमिल वैष्णव स्तोत्र12 अल्वार-सन्तइस मन्दिर हेतु108 दिव्य-देशम मङ्गलाशासनम्-पासुर पारायण
  • मुरजपम् 56-दिवसीय वेद-पारायण (ऋग् + यजुर् + साम)वेद-पारायणअनिज़म तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा (1750-संस्थापक)इस मन्दिर हेतु7-मुरों × 8-दिन = 56-दिवसीय; 6-वर्षीय अनुष्ठान; मकर सङ्क्रान्ति समापन = लक्ष-दीपम्
  • अनन्त-पद्मनाभ अष्टकम्स्तोत्रवैष्णव परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

शङ्खुमुखम् समुद्र-तट (अरट्टु समुद्र-स्नान-स्थल)8 किमी

पैन्कुनी एवं अल्पशि उत्सवम्-समापन अरट्टु शोभायात्रा का समुद्र-स्नान-स्थल; उत्सव-मूर्तियों का अनुष्ठानिक-समुद्र-स्नान

पद्मनाभपुरम् पैलेस (तमिलनाडु)55 किमी

16वीं-शताब्दी त्रावणकोर-राजवंश-राजधानी-महल; सर्वाधिक-वृहत् भारतीय काष्ठ-महल; पद्मनाभ-राजवंश-इतिहास-केन्द्र

कुलशेखर मण्डपम् सप्तस्वर-स्तम्भ (मन्दिर-परिसर)100 मी

28 पाषाण-स्तम्भ; ताड़न से 7 सङ्गीत-स्वर उत्पन्न

श्रीबलिप्पुर 365¼-स्तम्भ-गलियारा100 मी

365¼ एक-शिला-उत्कीर्ण ग्रेनाइट-स्तम्भ; सौर-वर्ष के प्रत्येक-दिन हेतु एक

अनन्तपुर झील-मन्दिर (मूल-स्थानम्, कासरगोड)580 किमी

अनन्त-पद्मनाभ का प्रथम-प्रकटन-स्थल; केरल का एकमात्र झील-मन्दिर; 9वीं-शताब्दी; मूर्ति बैठ-स्वरूप

कोवलम् समुद्र-तट16 किमी

विश्व-प्रसिद्ध समुद्र-तट; तीर्थ-पर्यटन-संयोजन

अट्टुकल भगवती मन्दिर2 किमी

विश्व का सर्वाधिक-वृहत् स्त्री-तीर्थ-संगम (अट्टुकल पोङ्गाला); Guinness Records

108 दिव्य देशम (वैष्णव यात्रा-शृङ्खला)

केरल-दिव्य-देशम-समूह में सम्मिलित; अल्वार-मङ्गलाशासनम्-गायित

108 मंदिर

पद्मनाभ-राजवंश यात्रा (अनन्त-पद्मनाभ-त्रावणकोर-राज्य-दर्शन)

अनन्त-पद्मनाभस्वामी (मूल-तीर्थ) + पद्मनाभपुरम् पैलेस (राजधानी-महल) + अनन्तपुर झील-मन्दिर (मूल-स्थानम् कासरगोड) — त्रिविध-दर्शन-संयोजन

3 मंदिर

त्रिवेन्द्रम्-तीर्थ क्लस्टर एक-दिवसीय-यात्रा

पद्मनाभस्वामी + अट्टुकल भगवती + शङ्खुमुखम् समुद्र-तट + कोवलम् — एक-दिवसीय

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री पद्मनाभस्वामी मन्दिर, पश्चिम नाडा, पूर्व किला (East Fort), पजहवङ्गाडी, तिरुवनन्तपुरम् (त्रिवेन्द्रम्), केरल — PIN 695023
हवाई अड्डा
तिरुवनन्तपुरम् अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (TRV) — ~5 किमी; ड्राइव 10-25 मिनट
रेलवे
तिरुवनन्तपुरम् सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन (TVC) — ~1.5-2 किमी; तिरुवनन्तपुरम् पेट्टा (TVP) — वैकल्पिक
बस-स्टैण्ड
केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) सेन्ट्रल बस-स्टैण्ड तिरुवनन्तपुरम् — ~1-2 किमी; पूर्व किला बस-स्टॉप मन्दिर-समीप
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; पैन्कुनी उत्सवम् मार्च-अप्रैल; अल्पशि उत्सवम् अक्टूबर-नवंबर; नवीनतम लक्ष-दीपम् जनवरी 2026 (अगला ~जनवरी 2032); मानसून जून-अगस्त (केरल विशिष्ट)
वेबसाइट
https://spst.in
2 किमीThiruvananthapuram
5 किमीTrivandrum Airport
16 किमीKovalam Beach
55 किमीPadmanabhapuram Palace
70 किमीKollam
580 किमीAnantapuram Lake Temple
200 किमीKochi
88 किमीKanyakumari
740 किमीBangalore
715 किमीChennai
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