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Srikalahasti · Andhra Pradesh

श्री काळहस्ती मंदिर, श्रीकालहस्ती

काळहस्तीश्वर — वायु-तत्व का शिव; मकड़ी (श्री) + सर्प (काल) + हाथी (हस्ती) के भक्तों से अभिषिक्त

अन्य नाम: श्रीकालहस्ती · काळहस्तीश्वर · वायु-लिंग · दक्षिण-काशी

  • 5 पञ्च-भूत स्थलम्
  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्र
  • राहु-केतु दोष-निवारण का प्रमुख-स्थ…
श्री काळहस्ती मंदिर, श्रीकालहस्ती
दर्शन समय
05:30 – 21:00
स्वरूप
वायु-लिंग
स्थान
Srikalahasti · Andhra Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च। महाशिवरात्रि ब्रह्मोत…
काल
मूल मंदिर: 5वीं शताब्दी

इस मन्दिर की विशेषता

  • 5 पञ्च-भूत स्थलम् (वायु-तत्व)
  • 108 शिव-दिव्य-क्षेत्र (नायन्मार थेवारम्-स्तुत)
  • राहु-केतु दोष-निवारण का प्रमुख-स्थल (विश्व-प्रसिद्ध)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री काळहस्तीश्वर (शिव — पञ्च-भूत स्थलों में वायु-तत्व); सहचर्या देवी ज्ञान-प्रसून्नाम्बिका

वायु-लिंग — गर्भगृह में रखे दीप की लौ बिना हवा के निरंतर हिलती है (वायु-तत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण); स्वयंभू शिवलिंग; पुजारी भी स्पर्श नहीं करते — चन्दन-कपूर-फूल हाथ-दूरी से अर्पित

सम्प्रदाय: शैव

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

शिव पुराण

कोटिरुद्र संहिता — श्री-काल-हस्ती-कथा

स्कन्द पुराण

श्रीकालहस्ती माहात्म्य

थेवारम् (तमिल)

नायन्मार स्तुति

कण्णप्प नायन्मार चरितम्

बाल्य-व्याध भक्त की कथा

संत एवं परम्परा

  • श्री (मकड़ी), काल (सर्प), हस्ती (हाथी) — प्रारंभिक 3 भक्त; इनके नाम से ही मंदिर का नाम 'श्रीकालहस्ती'
  • कण्णप्प नायन्मार — 63 नायन्मार में अग्रणी; बाल्य-व्याध भक्त; अपने दोनों नेत्र शिवलिंग को अर्पित करने को तत्पर; शिव-कृपा से दर्शन — परम भक्ति का आदर्श
  • थिरुज्ञानसम्बन्दर, अप्पर, सुन्दरर — नायन्मार स्तोत्र-रचयिता

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 5005वीं शताब्दी — पल्लव-काल मूल मंदिरWikipedia Srikalahasti Temple
  2. 15161516 — विजयनगर सम्राट कृष्ण देव राय द्वारा 100-स्तम्भ मण्डप एवं मुख्य गोपुर निर्माणWikipedia
  3. 201026 मई 2010 — 120 फीट / 37 मीटर ऊँचा राजगोपुर एक तूफान-वर्षा में गिर गया; पुनर्निर्माण-पश्चात् 18 जनवरी 2017 को पुनः-प्राण-प्रतिष्ठाWikipedia + ASI records
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:30 से 21:00 तक

सुप्रभात / उषत्कालम्05:30-06:00
दैनिक
अभिषेक एवं अर्चना06:00-09:30
दैनिक
मध्याह्न पूजा11:30-12:30
दैनिक
सायं पूजा17:00-19:00
दैनिक
अर्ध-जाम पूजा (शयन)20:30-21:00
दैनिक
04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-21:00
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

मुख्य काळहस्तीश्वर दर्शन निःशुल्क।

राहु-केतु पूजा / काल सर्प दोष निवारण
उपयुक्त
जिनकी कुंडली में राहु-केतु काल-सर्प दोष

विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण पूजा — सम्पूर्ण दिन उपलब्ध; राहु-काल में सर्वाधिक प्रभावी। ₹300-1,500 श्रेणियाँ (आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित)। आधिकारिक पंजीकरण आवश्यक।

विशेष अभिषेकम्
उपयुक्त
श्रद्धालु — विशेष संकल्प हेतु

रुद्राभिषेकम्, महान्यास, सहस्रनाम-पूजा

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् (14-दिवसीय)फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

वर्ष का सर्वोच्च उत्सव — 14-दिवसीय ब्रह्मोत्सवम्; निशीत-काल पूजा (मध्य-रात्रि); रथ-यात्रा। 2026 — 10-23 फरवरी (शिवरात्रि 15 फरवरी)।

श्रावण मास सोमवारश्रावण

प्रति-सोमवार रुद्राभिषेक

कण्णप्प नायन्मार जयन्ती

63 नायन्मार में अग्रणी की पूजा

कार्तिक पूर्णिमा

विशेष दीप-दान

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

राहु-केतु काल-सर्प दोष-निवारण

विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण-स्थल; ज्योतिष-कुंडली में राहु-केतु काल-सर्प दोष की निवारण-पूजा हेतु सर्वोच्च तीर्थ

स्रोत: ज्योतिष-शास्त्र + तंत्र परंपरा

5 पञ्च-भूत स्थलम् यात्रा (वायु-तत्व)

पञ्च-भूत यात्रा का वायु-तीर्थ

स्रोत: पञ्च-भूत स्थल परंपरा

अकाल-मृत्यु निवारण

ग्रहण-काल में भी खुले रहने वाले दुर्लभ मंदिर; अकाल-मृत्यु निवारण हेतु विशेष

स्रोत: स्थल-परंपरा

तिरुपति-श्रीकालहस्ती संयुक्त यात्रा

तिरुपति वेंकटेश्वर (विष्णु) + श्रीकालहस्ती (शिव) — हरि-हर युगल-यात्रा का प्रमुख तीर्थ; 36 किमी

स्रोत: स्थानीय परंपरा

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • कण्णप्प नायन्मार चरितम् पदस्तोत्रतमिल नायन्मार परंपराइस मन्दिर हेतु
  • महामृत्युञ्जय मंत्रमंत्रऋग्वेद 7.59.12
  • राहु-केतु बीज मंत्रमंत्रज्योतिष-तंत्र परंपराइस मन्दिर हेतुराहु-केतु दोष-निवारण पूजा का मूल मंत्र
  • थेवारम् (तमिल)स्तोत्र-संग्रहनायन्मारइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर (तिरुमला)60 किमी

विश्व का सबसे धनी मंदिर; हरि-हर युगल यात्रा का अनिवार्य अंग

स्वर्ण-मुखी नदी (Swarnamukhi)500 मी

श्रीकालहस्ती का पवित्र नदी-तट; दर्शन-पूर्व स्नान

कण्णप्प नायन्मार मंदिर1 किमी

अद्वितीय भक्त कण्णप्प नायन्मार की समाधि-स्थल

दुर्ग कालिका माता मंदिर1.5 किमी

श्रीकालहस्ती की दुर्ग कालिका माता का मंदिर

5 पञ्च-भूत स्थलम् यात्रा

वायु-तत्व; अन्य 4: एकाम्बरेश्वर (पृथ्वी), जम्बुकेश्वर (जल), अरुणाचलेश्वर (अग्नि), चिदम्बरम् (आकाश)

5 मंदिर

तिरुपति + श्रीकालहस्ती हरि-हर यात्रा

शिव-तीर्थ; तिरुपति वेंकटेश्वर के साथ संयुक्त

2 मंदिर

राहु-केतु दोष-निवारण विशेष यात्रा

केन्द्रीय; विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण-पीठ

108 शिव-दिव्य-क्षेत्र

नायन्मार थेवारम्-स्तुत; तेलुगु-तमिल सीमा का प्रमुख शैव-तीर्थ

108 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री काळहस्तीश्वर देवस्थानम्, श्रीकालहस्ती — 517644, तिरुपति जिला, आन्ध्र प्रदेश
हवाई अड्डा
तिरुपति हवाई अड्डा (TIR) — ~22 किमी; चेन्नई (MAA) — ~140 किमी
रेलवे
श्रीकालहस्ती रेलवे स्टेशन (KHT) — मंदिर से ~1 किमी; तिरुपति (TPTY) — 36 किमी
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च। महाशिवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् पीक।
1 किमीSrikalahasti Station
36 किमीTirupati
60 किमीTirumala
22 किमीTirupati Airport
140 किमीChennai
280 किमीBengaluru
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