शिव पुराण
कोटिरुद्र संहिता — श्री-काल-हस्ती-कथा
Srikalahasti · Andhra Pradesh
काळहस्तीश्वर — वायु-तत्व का शिव; मकड़ी (श्री) + सर्प (काल) + हाथी (हस्ती) के भक्तों से अभिषिक्त
अन्य नाम: श्रीकालहस्ती · काळहस्तीश्वर · वायु-लिंग · दक्षिण-काशी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री काळहस्तीश्वर (शिव — पञ्च-भूत स्थलों में वायु-तत्व); सहचर्या देवी ज्ञान-प्रसून्नाम्बिका
वायु-लिंग — गर्भगृह में रखे दीप की लौ बिना हवा के निरंतर हिलती है (वायु-तत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण); स्वयंभू शिवलिंग; पुजारी भी स्पर्श नहीं करते — चन्दन-कपूर-फूल हाथ-दूरी से अर्पित
सम्प्रदाय: शैव
कोटिरुद्र संहिता — श्री-काल-हस्ती-कथा
श्रीकालहस्ती माहात्म्य
नायन्मार स्तुति
बाल्य-व्याध भक्त की कथा
05:30 से 21:00 तक
मुख्य काळहस्तीश्वर दर्शन निःशुल्क।
विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण पूजा — सम्पूर्ण दिन उपलब्ध; राहु-काल में सर्वाधिक प्रभावी। ₹300-1,500 श्रेणियाँ (आधिकारिक काउंटर पर सत्यापित)। आधिकारिक पंजीकरण आवश्यक।
रुद्राभिषेकम्, महान्यास, सहस्रनाम-पूजा
वर्ष का सर्वोच्च उत्सव — 14-दिवसीय ब्रह्मोत्सवम्; निशीत-काल पूजा (मध्य-रात्रि); रथ-यात्रा। 2026 — 10-23 फरवरी (शिवरात्रि 15 फरवरी)।
प्रति-सोमवार रुद्राभिषेक
63 नायन्मार में अग्रणी की पूजा
विशेष दीप-दान
विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण-स्थल; ज्योतिष-कुंडली में राहु-केतु काल-सर्प दोष की निवारण-पूजा हेतु सर्वोच्च तीर्थ
स्रोत: ज्योतिष-शास्त्र + तंत्र परंपरा
पञ्च-भूत यात्रा का वायु-तीर्थ
स्रोत: पञ्च-भूत स्थल परंपरा
ग्रहण-काल में भी खुले रहने वाले दुर्लभ मंदिर; अकाल-मृत्यु निवारण हेतु विशेष
स्रोत: स्थल-परंपरा
तिरुपति वेंकटेश्वर (विष्णु) + श्रीकालहस्ती (शिव) — हरि-हर युगल-यात्रा का प्रमुख तीर्थ; 36 किमी
स्रोत: स्थानीय परंपरा
विश्व का सबसे धनी मंदिर; हरि-हर युगल यात्रा का अनिवार्य अंग
श्रीकालहस्ती का पवित्र नदी-तट; दर्शन-पूर्व स्नान
अद्वितीय भक्त कण्णप्प नायन्मार की समाधि-स्थल
श्रीकालहस्ती की दुर्ग कालिका माता का मंदिर
वायु-तत्व; अन्य 4: एकाम्बरेश्वर (पृथ्वी), जम्बुकेश्वर (जल), अरुणाचलेश्वर (अग्नि), चिदम्बरम् (आकाश)
5 मंदिर
शिव-तीर्थ; तिरुपति वेंकटेश्वर के साथ संयुक्त
2 मंदिर
केन्द्रीय; विश्व-प्रसिद्ध दोष-निवारण-पीठ
नायन्मार थेवारम्-स्तुत; तेलुगु-तमिल सीमा का प्रमुख शैव-तीर्थ
108 मंदिर