कालिका पुराण
4 आदि शक्ति-पीठ — सती के स्तन कुमारी-पहाड़ी (ऋषिकुल्या-तट) पर गिरे; तारा तारिणी = स्तन खण्ड
Brahmapur · Odisha
श्री माँ तारा तारिणी मंदिर — कुमारी पहाड़ी, पुरुषोत्तमपुर, ज़िला गंजाम, ब्रह्मपुर (बेरहामपुर)
तारा तारिणी — युगल देवी; आदि शक्ति के स्तन-स्वरूप; तारक एवं तारिणी (पार करवाने वाली)
अन्य नाम: तारा-तारिणी · स्तन पीठ · युगल देवी · गंजाम की इष्ट देवी · कुमारी देवी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री माँ तारा तारिणी — अद्वितीय युगल-देवी (yugala-Devi); गर्भगृह में दो पाषाण-मुख — तारा (वाम) एवं तारिणी (दक्षिण); स्वर्ण-रजत आभूषण-अलंकृत; मध्य में 2 पीतल-निर्मित चलन्ती-प्रतिमा; एक लघु बुद्ध-मूर्ति भी गर्भगृह में (महायान-तांत्रिक परत)
दो स्तन-स्वरूप मुख (युगल मूर्ति); मध्य 2 पीतल चलन्ती-प्रतिमा; गर्भगृह में बुद्ध-मूर्ति (बौद्ध-शाक्त सिञ्जन-परंपरा)
सम्प्रदाय: शाक्त तंत्र पीठ — विशेष-रूप से तंत्र-साधक सिद्ध-स्थान; ऐतिहासिक रूप से महायान बौद्ध तारा-उपासना से सिञ्जित (सिञ्क्रेटिक)
4 आदि शक्ति-पीठ — सती के स्तन कुमारी-पहाड़ी (ऋषिकुल्या-तट) पर गिरे; तारा तारिणी = स्तन खण्ड
4 आदि शक्ति-पीठ-सूची में सम्मिलित — प्रसिद्ध श्लोक 'विमला पाद-खण्डञ्च, स्तन-खण्डञ्च तारिणी, कामाख्या योनि-खण्डञ्च, मुख-खण्डञ्च कालिका'
51/52 शक्ति-पीठ-सूची में तारा तारिणी = प्रमुख स्तन-पीठ
52 शक्ति-पीठ-सूची में सम्मिलन
मार्कण्डेय पुराण अध्याय 81-93 — मंदिर का प्रमुख चण्डी-यज्ञ एवं चण्डी-पाठ-ग्रन्थ
06:00 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:35-14:15 (पहाड़ा / दोपहर विश्राम)
देवी का प्रथम-स्नान
दिन की प्रथम आरती + प्रथम भोग
मध्याह्न भोग
गर्भगृह बन्द
सायं प्रमुख आरती
दिन की अन्तिम सेवा; गर्भगृह बन्द
पंक्ति-दर्शन; कोई प्रवेश-शुल्क नहीं।
आधिकारिक मूल्य ₹7 प्रति पैकेट (अधिक राशि माँगने वालों से सावधान)।
तारा तारिणी विकास बोर्ड द्वारा नियुक्त ~750 अधिकृत नापित; केवल आधिकारिक नापितों से ही मुण्डन करवाएँ।
आधिकारिक संकल्प-पूजा बुकिंग ओडिशा एण्डाउमेंट्स / तारा तारिणी विकास बोर्ड के माध्यम से।
4 केबिन; क्षमता ~150 श्रद्धालु प्रति घंटा; आधिकारिक NIC-मूल्य ₹15 वापसी (अद्यतन सञ्चालकीय मूल्य भिन्न हो सकते हैं)। सञ्चालक: Ropeway Resorts Pvt. Ltd., कोलकाता।
मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक पर्व — चैत्र-मास के समस्त मंगलवार; मुण्डन-संस्कार का प्रमुख समय; ~750 अधिकृत नापित नियुक्त; विस्तृत समय ~05:00 AM - 11:00 PM। 2026 चैत्र मंगलवार (4 मंगलवार — पञ्च-मंगल इस वर्ष नहीं): सोम 10 मार्च (पहिली मंगलबार), 17 मार्च (द्वितीय), 24 मार्च (बोड़ा मंगलबार — महानतम दिन), 31 मार्च (शेष मंगलबार)।
9-दिवसीय देवी-उपासना; घटस्थापना 19 मार्च 2026; राम-नवमी 27 मार्च 2026 पर पूर्णता। चैत्र-परब के साथ-अतिव्यापी।
ओडिया नववर्ष का प्रमुख संक्रांति-उत्सव। 2026 — मंगलवार 14 अप्रैल।
9-रात्रि उत्सव; चण्डी-पाठ एवं चण्डी-यज्ञ। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।
तंत्र-साधकों हेतु विशेष-शुभ; मासिक अभिषेक एवं विशेष-पूजा
दोल पूर्णिमा (फरवरी/मार्च); वासन्तिका पर्व (मार्च/अप्रैल); चितलगि अमावस्या / श्रावण अमावस्या (जुलाई/अगस्त); गम्हा पूर्णिमा (जुलाई/अगस्त); सप्तपुरी अमावस्या (अगस्त); सारदीय पर्व (सितंबर/अक्टूबर); दीपावली / श्यामकाली पूजा (अक्टूबर/नवंबर)
चैत्र-मंगलवारों पर मुण्डन-संस्कार का प्रमुख स्थल; तारा तारिणी की कृपा से बालक-कल्याण
स्रोत: स्थल-परंपरा (taratarini.nic.in)
तारा तारिणी सिद्ध-तंत्र-पीठ; 10 महाविद्याओं में तारा-स्वरूप; नील-सरस्वती / उग्र-तारा परंपरा का प्रमुख-स्थान
स्रोत: तारा तंत्र परंपरा + वसिष्ठ-तारा-वंश
कालिका पुराण-घोषित 4 आदि शक्ति-पीठों में स्तन-खण्ड — पूर्व-तट देवी-यात्रा का अनिवार्य पीठ; अन्य 3: विमला (पुरी), कामाख्या (गुवाहाटी), कालिका (कोलकाता)
स्रोत: कालिका पुराण + देवी भागवत पुराण
गर्भगृह में बुद्ध-मूर्ति एवं हरित-तारा मंत्र — हिन्दू-बौद्ध समन्वय-स्थल; तटीय-ओडिशा तारा-कॉरिडोर (सलिहुण्डम सहित) का प्रमुख-तीर्थ
स्रोत: महायान तंत्र + क्षेत्रीय परंपरा
वसु प्रहराज को देवी ने युगल-कन्या-स्वरूप दर्शन दिए — सन्तति-कामना एवं युगल-पुत्री हेतु
स्रोत: स्थल-परंपरा (वसु प्रहराज वृत्तान्त)
मौर्य-काल (3री शताब्दी ईसा-पूर्व); सम्राट अशोक का चतुर्थ शिलालेख; क्षेत्र की प्राचीनता का प्रत्यक्ष-प्रमाण
बंगाल की खाड़ी पर सुप्रसिद्ध समुद्र-तट; तारा तारिणी-यात्रा के साथ युग्म-गन्तव्य
4 आदि शक्ति-पीठों में सम्मिलित विमला देवी (पाद-खण्ड); 4-पीठ यात्रा का अगला तीर्थ
औषधीय गन्धक-जल झरना
दारिङ्गबाड़ी एवं पश्चिमी-गंजाम का प्रवेश-द्वार
2री शताब्दी ईसा-पूर्व से 12वीं शताब्दी ईस्वी थेरवाद/महायान/वज्रयान स्थल; सलिहुण्डम में उत्खनित तारा-मूर्ति तटीय-ओडिशा तारा-कॉरिडोर का प्रत्यक्ष-प्रमाण
आधुनिक तिब्बती शरणार्थी-बस्ती
स्तन-खण्ड (Stana Khanda) — पूर्व-तट क्रम: कालीघाट (मुख-कोलकाता) → कामाख्या (योनि-गुवाहाटी) → विमला (पाद-पुरी) → तारा तारिणी (स्तन-गंजाम); 7-9 दिवसीय यात्रा
4 मंदिर · 9 दिन
मुख्य-भूमि भारत का प्रमुख स्तन-पीठ
52 मंदिर
तारा तारिणी → विमला (पुरी) → भैरवी पीठ (जाजपुर) → माँ तारिणी घटगाँव (केन्दुझर) → दक्षिणेश्वर / कालीघाट (कोलकाता) → तारापीठ (बीरभूम, बंगाल) → कामाख्या — पूर्वी-भारत देवी-यात्रा-वलय
7 मंदिर
ओडिशा पर्यटन द्वारा संवर्धित आन्तरिक देवी-चतुर्थ्य
4 मंदिर
तारा तारिणी (हिन्दू-शाक्त + बौद्ध-तारा सिञ्जन) → सलिहुण्डम (बौद्ध तारा-मूर्ति) → रत्नागिरि / उदयगिरि / ललितगिरि (ओडिशा बौद्ध-त्रिकोण)
5 मंदिर