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Tirupati · Andhra Pradesh

श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमला

श्री वेंकटेश्वर / श्रीनिवास / गोविन्द / बालाजी

अन्य नाम: तिरुपति बालाजी · वेंकटेश्वर स्वामी · श्रीनिवास · गोविन्द · बालाजी · वेंकटाद्रि नाथ

  • 108 Divya Desam
श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमला
दर्शन समय
02:30 (सुप्रभातम् सेवा से) – 01:00 अगले दिन (24-घंटे के निकट सेवाएँ)
स्वरूप
स्वयंभू मूल विग्रह 'ध्रुव बेरम
स्थान
Tirupati · Andhra Pradesh
उत्तम ऋतु
अक्टूबर से मार्च
काल
अति प्राचीन

इस मन्दिर की विशेषता

  • 108 Divya Desam
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री वेंकटेश्वर (विष्णु)

स्वयंभू मूल विग्रह 'ध्रुव बेरम / मूलविरट्' (~8 फ़ुट) — पूर्वाभिमुख खड़ी मुद्रा; वक्षस्थल पर व्यूह लक्ष्मी अंकित। पंच बेरमुलु: (1) ध्रुव बेरम — मूल मूर्ति, (2) भोग श्रीनिवास / कौतुक बेरम — 1 फ़ुट रजत प्रतिमा (614 ई. में दान), (3) उग्र श्रीनिवास / स्नपन बेरम — रौद्र रूप, कैशिक द्वादशी पर वार्षिक शोभायात्रा, (4) मलयप्प स्वामी / उत्सव बेरम — 1330 ई. से मुख्य शोभायात्रा-मूर्ति, (5) कोलुवु श्रीनिवास / बलि बेरम — कोषाध्यक्ष-संरक्षक

सम्प्रदाय: वैष्णव (वैखानस आगम पद्धति — रामानुजाचार्य द्वारा 12वीं शताब्दी में संस्थापित)

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

वराह पुराण

वेंकटाचल माहात्म्य — प्रमुख स्रोत; प्रसिद्ध श्लोक: 'वेंकटाद्रि समं स्थानं ब्रह्माण्डे नास्ति किञ्चन। वेंकटेश समो देवो न भूतो न भविष्यति॥' (वेंकटाद्रि के समान कोई स्थान नहीं, वेंकटेश के समान कोई देव न था न होगा)

भविष्योत्तर पुराण

वेंकटाचल माहात्म्य — तिरुवेंकटमुदयान को साक्षात् श्रीकृष्ण के रूप में मानता है; वल्मीक (मूर्ति-प्रकटन स्थल) = देवकी; तमरिंद वृक्ष = वसुदेव; शेषाचलम = बलराम (आदिशेष-अवतार); तिरुमला = मथुरा; स्वामी पुष्करिणी = यमुना; गिरि-वन-जीव = गोप-कन्याएँ

आदित्य पुराण

श्री व्यास द्वारा रचित — 'वेंकटाद्रि समम्...' श्लोक का द्वितीय स्रोत

स्कन्द पुराण, पद्म पुराण, गरुड़ पुराण, ब्रह्माण्ड पुराण, मार्कण्डेय पुराण, हरिवंश, वामन पुराण, ब्रह्म पुराण, ब्रह्मोत्तर पुराण

सभी में वेंकटाचल माहात्म्य के उद्धरण उपलब्ध

संत एवं परम्परा

  • श्री रामानुजाचार्य (11वीं-12वीं शताब्दी) — तीन बार तिरुमला आये; वैखानस आगम के अनुसार दैनिक अनुष्ठान-पद्धति का संस्थानीकरण; 1119 ई. में 'तिरुपति जीयर मठ' की स्थापना
  • श्री प्रतिवादि भयंकर अण्णंगाचार्य (14वीं-15वीं शताब्दी) — 'श्री वेंकटेश सुप्रभातम्' के रचयिता; मूल नाम हस्तिगिरीनाथन अण्णन्; काञ्ची में जन्म; मणवाल मामुनि के शिष्य; वडकलै परंपरा। 'प्रतिवादि भयंकर' उपाधि शास्त्रार्थ में विपक्षियों को निरुत्तर करने के कारण काञ्ची-विद्वानों द्वारा प्रदत्त
  • श्री अन्नमाचार्य (15वीं शताब्दी) — तेलुगु संकीर्तन-गायक; ~32,000 कीर्तन रचे; मंदिर परिसर में लगभग 3,000 ताम्र-पत्र संकीर्तन सुरक्षित
  • श्री आदि शंकराचार्य — कई पुराण-स्रोत वेंकटेश की उपासना का संदर्भ देते हैं

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 966966 ई. — पल्लव रानी समवाई द्वारा प्रथम लेखीय अनुदान — आभूषण एवं भूमि दानविकिपीडिया
  2. 1119श्री रामानुजाचार्य द्वारा तिरुपति जीयर मठ की स्थापना; वैखानस आगम पद्धति का व्यवस्थापनविकिपीडिया + Chinnajeeyar
  3. 1130गोविन्दराज स्वामी मंदिर तिरुपति की पुनःस्थापना — चिदम्बरम (तिरुचित्र-कूट) से बचाये गये उत्सव-विग्रह को रामानुजाचार्य द्वारा यहाँ प्रतिष्ठितWikipedia Govindaraja Temple
  4. 1330मलयप्प स्वामी (उत्सव-मूर्ति) का चलन; इस वर्ष से मुख्य शोभायात्रा-मूर्ति के रूप में स्थापितविकिपीडिया
  5. 15172 जनवरी 1517 — विजयनगर सम्राट श्रीकृष्णदेवराय ने मंदिर में अपनी प्रतिमा स्थापित की; आनन्द निलयम् विमान पर स्वर्ण-गिल्डिंग कराई; अनेक दानविकिपीडिया
  6. 1932TTD (Tirumala Tirupati Devasthanams) अधिनियम — आधिकारिक ट्रस्ट गठनविकिपीडिया
  7. 1933TTD संचालन प्रारम्भविकिपीडिया
  8. 1985मात्रुश्री तरिगोंडा वेंगमम्बा अन्नप्रसादम — दैनिक 2,000 भक्तों से प्रारंभ; आज दैनिक 2.5-3 लाखTTD News
  9. 20117 जुलाई 2011 — राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल द्वारा ₹35 करोड़ की लागत से नया अन्नप्रसादम भवन उद्घाटनTTD
  10. 2019श्रीवाणी ट्रस्ट का गठन — 5 राज्यों में 2,068 मंदिरों का निर्माण (जनवरी 2023 तक)विकिपीडिया
  11. 2024नवम्बर 2024 — श्री बी॰आर॰ नायडू (Bollineni Rajagopal Naidu) TTD ट्रस्ट बोर्ड के नये अध्यक्ष नियुक्तTTD आधिकारिक X एवं Instagram
  12. 2024सितंबर 2024 — TTD लड्डू प्रसाद घी मिलावट विवाद; AP मुख्यमंत्री श्री चन्द्रबाबू नायडू ने पूर्व YSRCP सरकार पर पशु-वसा (गोमांस+सूकर-वसा) मिश्रित घी प्रयोग का आरोप; ~68 लाख किग्रा घी ₹250 करोड़ मूल्य; आपूर्तिकर्ता भोले बाबा डेरी (उत्तराखंड); SIT जाँच। सुप्रीम कोर्ट 30 सितंबर 2024: 'पशु वसा का निर्णायक प्रमाण नहीं'India TV + Siasat + Wikipedia
  13. 202510 सितंबर 2025 — श्री अनिल कुमार सिंघल IAS द्वितीय बार EO नियुक्त (पूर्व में मई 2017 - अक्टूबर 2020); रंगनायकुल मंडपम् तिरुमला में शपथ-ग्रहण; पूर्व EO श्री जे॰ श्यामला राव से कार्यभार ग्रहणDeccan Chronicle + Hindudayashankar + The Hans India
  14. 2025नवम्बर 2024 - अक्टूबर 2025 (11 माह) — TTD ट्रस्टों को कुल ₹918.6 करोड़ हुण्डी दान प्राप्त (₹579.38 कर डिजिटल + ₹339.20 कर ऑफ़लाइन)Grokipedia (TTD Trust Research)
  15. 2009तिरुपति लड्डू को GI टैग (भौगोलिक संकेत) प्राप्त — GI Act 1999 के अंतर्गत; निर्माण केवल वैखानस ब्राह्मणों द्वारा मंदिर के 'पोतु' (रसोई) में निश्चित 'दित्तम्' विधि से — काजू, किशमिश, बादाम, मिश्री, बेसन के निश्चित अनुपात में। TTD अनधिकृत प्रयोग पर कानूनी कार्रवाई करता है।Wikipedia + Siasat + IIPTA
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

02:30 (सुप्रभातम् सेवा से) से 01:00 अगले दिन (24-घंटे के निकट सेवाएँ) तक

सुप्रभातम् सेवा02:30-03:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक

श्री वेंकटेश सुप्रभातम् पाठ — बंगारु वकीली (स्वर्ण द्वार) पर। प्रतिवादि भयंकर अण्णंगाचार्य रचित (29 श्लोक सुप्रभात + 11 स्तोत्र + 16 प्रपत्ति + 14 मंगलम् = कुल 70 श्लोक)

तोमाला सेवा / थोमाला सेवा03:30-04:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक

तुलसी एवं माला अर्पण

तिरुप्पावडा सेवा06:00-08:00
दैनिकबुकिंग आवश्यक
दर्शनम्08:00-19:00
दैनिक

सामान्य दर्शन काल

पूलंगि अलंकारम् एवं दर्शनम्21:00-01:00
दैनिक

पुष्प-श्रृंगार के साथ रात्रि दर्शन

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सर्व दर्शन (निःशुल्क)निःशुल्क
प्रतीक्षा
8-12 घंटे (कभी-कभी 12-20 घंटे)
उपयुक्त
सभी भक्त — कोई पास अनिवार्य नहीं

वैकुण्ठम् क्यू कॉम्प्लेक्स से क्यू-दर्शन; निःशुल्क परन्तु लम्बा प्रतीक्षा-काल

विशेष प्रवेश दर्शन (Special Entry / Sheeghra Darshan ₹300)₹300
प्रतीक्षा
2-4 घंटे
उपयुक्त
समय-सीमित भक्त

₹300 प्रति व्यक्ति; पूर्व-बुकिंग; तेज़ क्यू

दिव्य दर्शन (पैदल — अलिपिरि / श्रीवारि मेट्टू से)निःशुल्क
प्रतीक्षा
8-10 घंटे
उपयुक्त
पैदल चढ़ने वाले तीर्थयात्री

तिरुपति से अलिपिरि (3,550 सीढ़ी, 9.8 किमी, 3-5 घंटे) या श्रीवारि मेट्टू (2,388 सीढ़ी, 2.1 किमी, 1.5-2 घंटे) चढ़कर पहुँचने पर निःशुल्क दिव्य दर्शन। टोकन ऊपर मिलता है।

VIP / Break दर्शन
प्रतीक्षा
~2 घंटे
उपयुक्त
प्रोटोकॉल भक्त — अनुशंसा पत्र (Recommendation Letter) अनिवार्य
श्रीवाणी दर्शन (SRIVANI Donation Darshan)₹10300
उपयुक्त
बड़ी राशि का दान कर तीव्र दर्शन इच्छुक भक्त

श्रीवाणी ट्रस्ट को दान — दर्शन के साथ-साथ भारत भर में मंदिर निर्माण में सहायता। Vaikuntha Ekadashi 2026 हेतु 8,000 टिकट।

05
अनुष्ठान

विशेष पूजा एवं सेवा

  • सहस्र दीप अलंकरण सेवा

    1000 दीप अलंकरण

  • सहस्रनाम अर्चना

    विष्णु सहस्रनाम पाठ

  • कल्याणोत्सवम्

    वेंकटेश-पद्मावती विवाह सेवा (दैनिक)

  • अष्टदल पाद पद्म आराधना

    गुरुवार विशेष

  • तिरुप्पावडा सेवा

    विशिष्ट अन्न-समर्पण

06
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

श्रीवारी सालकटला ब्रह्मोत्सवम् (वार्षिक 9-दिवसीय)आश्विन मास (सितम्बर-अक्टूबर)

तिरुमला का सर्वोच्च वार्षिक उत्सव। प्रारम्भ: अंकुरार्पणम् + ध्वजारोहणम्; समापन: चक्र स्नानम् + ध्वज अवरोहणम्। 13 वाहन-शोभायात्रा का क्रम: पेद्द शेष → चिन्न शेष → हंस → सिंह → मुथ्यापु पन्दिरि → कल्पवृक्ष → सर्वभूपाल → मोहिनी अवतार + गरुड़ → हनुमंत → गज → सूर्य प्रभा → चन्द्र प्रभा → रथोत्सवम् → चक्र स्नानम्। गरुड़ वाहनम (5वाँ दिन) = सर्वाधिक प्रतीक्षित। 2026 विशेष — अधिक मास वर्ष DOUBLE ब्रह्मोत्सवम्: (1) सालकटला ब्रह्मोत्सवम् 15-23 सितंबर 2026 (गरुड़ वाहनम 19 सितंबर 7 PM; रथोत्सवम् 22 सितंबर), तत्पश्चात् (2) नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् 12-20 अक्टूबर 2026 (पूर्व का अनुमान 24 सितंबर - 2 अक्टूबर ग़लत था — Phase E सत्यापन)।

भीड़: गरुड़ वाहनम पर 3-4 लाख; आवास 6+ माह पूर्व बुक करें

वैकुण्ठ एकादशी / वैकुण्ठ द्वार दर्शनमार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी

वैकुण्ठ द्वार (परमपद-द्वार) 10 दिनों के लिए खुलता है। 2026 हेतु 30 दिसम्बर 2025 - 8 जनवरी 2026। एकादशी के दिन प्रातः 9-11 बजे श्री मलयप्प स्वामी (श्री देवी + भू देवी सहित) की स्वर्ण रथ शोभायात्रा। द्वादशी पर 5:30-6:30 AM स्वामी पुष्करिणी में चक्र स्नानम्।

रथ सप्तमीमाघ शुक्ल सप्तमी

एक दिवस में 7 वाहनों पर भगवान् का परिक्रमा — सूर्य की उत्तरायण-दिशा को सम्मान। प्रातः सूर्य प्रभा से रात्रि चन्द्र प्रभा तक।

तिप्पी तीर्थम् / तेप्पोत्सवम्फाल्गुन मास

स्वामी पुष्करिणी में 5-दिवसीय नौका-उत्सव; अन्तिम दिन भगवान् पुष्करिणी में स्नान करते हैं

ज्येष्ठाभिषेकज्येष्ठ मास

3-दिवसीय जलाभिषेक उत्सव — गर्भगृह में मूल विग्रह का विशेष अभिषेक (वर्ष में मात्र इसी अवसर पर)

07
आस्था

मनोकामना एवं फल

ऋण-मुक्ति एवं भौतिक सुख-समृद्धि

मान्यता: श्री वेंकटेश ने कुबेर से विवाह-व्यय हेतु ऋण लिया था; आज भी भक्त 'मन्नत-पूर्ति' पर हुण्डी में दान देकर ऋण-चुकाई में सहभागी होते हैं — 'श्री वारि हुण्डी' विश्व का सर्वाधिक धनदान-पात्र (2025-26 अनुमानित ₹1,729 करोड़)

स्रोत: वेंकटाचल माहात्म्य — वराह पुराण

मनोवांछित कामना-पूर्ति एवं केश-मुण्डन व्रत

मान्यता: जो भक्त अपने केश दान करता है, माता नीलादेवी (नीलाद्रि स्वामिनी) उन्हें ग्रहण करती हैं; भगवान् वेंकटेश का वर। तिरुमला में सामान्य दिनों में लगभग 25,000-40,000 भक्त मुण्डन-व्रत करते हैं; पीक दिनों पर रिकॉर्ड 85,518 (12 जून 2015) तक पहुँच चुका। 1,300+ नाई शिफ्टों में सेवारत।

स्रोत: स्थल-परंपरा (पुराण-संदर्भ)

मोक्ष / वैकुण्ठ-प्राप्ति

वैकुण्ठ एकादशी पर 'वैकुण्ठ द्वार दर्शन' से वर्ष-भर के पापों से मुक्ति एवं वैकुण्ठ-गमन का मार्ग

स्रोत: पद्म पुराण + भविष्योत्तर पुराण

08
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • श्री वेंकटेश सुप्रभातम् (Sri Venkateswara Suprabhatam)स्तोत्र-समूहश्री प्रतिवादि भयंकर अण्णंगाचार्य प्रणीत (14वीं-15वीं शताब्दी)। चार खण्ड: सुप्रभात (29 श्लोक) + स्तोत्र (11) + प्रपत्ति (16) + मंगलम् (14) = कुल 70 श्लोक। प्रतिदिन प्रातः 02:30 बजे बंगारु वकीली पर पाठ।इस मन्दिर हेतुभगवान् को जागृत करने का प्रातः-काल मंत्र; M.S. सुब्बुलक्ष्मी का संस्करण विश्व-प्रसिद्ध
  • गोविन्द नामालु / गोविन्दा संकीर्तननाम-संकीर्तनश्री अन्नमाचार्य परंपरा (15वीं शताब्दी, ~32,000 कीर्तन)इस मन्दिर हेतुतिरुमला में 'गोविन्द! गोविन्द!' के उच्चस्वर जयघोष की परंपरा — दर्शन क्यू में सतत
  • विष्णु सहस्रनामस्तोत्रमहाभारत, अनुशासन पर्वतिरुमला में सहस्रनाम अर्चना सेवा — आधिकारिक TTD पूजा
  • वेंकटेश्वर अष्टोत्तर शतनामावलि (108 नाम)नामावलिवराह पुराण / वैखानस आगम परंपराइस मन्दिर हेतुअर्चना के दौरान पाठ्य
09
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

श्री पद्मावती अम्मवारी मंदिर, तिरुचनूर17 किमी

श्री वेंकटेश की पत्नी श्री पद्मावती देवी (अलमेलु मंगा) का मुख्य मंदिर — लक्ष्मी का अवतार। TTD-संचालित। वसन्तोत्सवम् (3-दिवसीय, वैशाख पूर्णिमा) मुख्य उत्सव। तिरुपति यात्रा अधूरी मानी जाती है पद्मावती दर्शन के बिना।

श्री गोविन्दराज स्वामी मंदिर, तिरुपति22 किमी

1130 ई. में रामानुजाचार्य द्वारा प्रतिष्ठित — चिदम्बरम (तिरुचित्र-कूट) से बचाये गये उत्सव-विग्रह के रक्षार्थ। गोविन्दराज को वेंकटेश का ज्येष्ठ भ्राता मानने की परंपरा। योग-निद्रा (शयन) मुद्रा में।

श्री कालहस्ती मंदिर (राहु-केतु पूजा हेतु प्रसिद्ध)38 किमी

5 पंच भूत स्थलों में से एक — वायु तत्त्व का शिव लिंग। राहु-केतु एवं काल-सर्प दोष निवारण हेतु विश्व-प्रसिद्ध।

श्री कपिलेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुपति19 किमी

तिरुपति का एकमात्र शिव मंदिर; कपिल तीर्थ जलप्रपात के निकट

आकाश गंगा तीर्थम् (तिरुमला)5 किमी

मंदिर के दैनिक अभिषेक हेतु जल का स्रोत; मान्यता: श्री वेंकटेश के चरण-कमलों से उद्भूत; भगवान् ने अपने भक्त तिरुमला नंबि के बोझ-न्यूनार्थ इसे सृजित किया

श्री कल्याण वेंकटेश्वर मंदिर, नारायणवनम् (विवाह-स्थल)50 किमी

मान्यतानुसार वेंकटेश-पद्मावती विवाह यहीं संपन्न हुआ

श्री कल्याण वेंकटेश्वर मंदिर, श्रीनिवास मंगापुरम् (मधुर मास)12 किमी

मान्यता: विवाहोपरांत 6 मास भगवान् ने यहाँ माता पद्मावती के साथ निवास किया

108 दिव्य देशम् यात्रा

75वाँ दिव्य देशम् — आलवारों द्वारा नालायिर दिव्य प्रबन्धम् में स्तुत 108 वैष्णव दिव्य क्षेत्रों में सर्वोच्च लोकप्रिय एवं तीर्थयात्रित स्थल

108 मंदिर

सप्तगिरि तीर्थ-यात्रा (शेषाचलम के 7 पर्वत)

केन्द्रीय एवं अंतिम बिन्दु — वेंकटाद्रि (7वाँ पर्वत) पर मुख्य मंदिर

तिरुपति 7-मंदिर सर्किट

केन्द्र — श्री वारि मंदिर तिरुमला; अन्य 6: गोविन्दराज, पद्मावती (तिरुचनूर), कल्याण वेंकटेश्वर (नारायणवनम् + श्रीनिवास मंगापुरम्), कपिलेश्वर, श्री कालहस्ती

श्री वेंकटेश 108 नाम स्तोत्र पाठ-यात्रा (वैखानस आगम)

नित्य पाठ-स्थल

10
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

हवाई अड्डा
तिरुपति अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, रेणिगुंट (TIR; ICAO: VOTP) — तिरुमला से 28-32 किमी (तिरुपति शहर से 14 किमी); 1971 स्थापित; नया टर्मिनल अक्टूबर 2015
रेलवे
तिरुपति रेलवे स्टेशन (तिरुमला से 22 किमी)
उत्तम ऋतु
अक्टूबर से मार्च — मौसम अनुकूल; ब्रह्मोत्सवम् (सितंबर) एवं वैकुण्ठ एकादशी (दिसंबर-जनवरी) पीक भीड़
हेल्पलाइन
TTD टोल-फ़्री: 1800-425-4141
वेबसाइट
https://www.tirumala.org
150 किमीChennai
250 किमीBangalore
550 किमीHyderabad
380 किमीVijayawada