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Udaipur · Tripura

श्री माँ त्रिपुर सुन्दरी मंदिर

श्री माँ त्रिपुर सुन्दरी मंदिर (मातबाड़ी) — राधाकिशोरपुर पहाड़ी, उदयपुर, ज़िला गोमती, त्रिपुरा

त्रिपुर सुन्दरी / त्रिपुरेश्वरी — श्री-विद्या की सर्वोच्च देवी; षोडशी महाविद्या; सती-दक्षिण-चरण पीठ

अन्य नाम: त्रिपुरेश्वरी · षोडशी (Soroshi) · ललिता त्रिपुर सुन्दरी · मातबाड़ी (माँ-का-घर) · छोटो-माँ (देवी चण्डी की लघु-मूर्ति) · त्रिपुरा-राज्य की कुलदेवी

  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा
  • 10 महाविद्याओं में 3री महाविद्या
  • कूर्म पीठ
  • त्रिपुरा-राज्य की कुलदेवी
श्री माँ त्रिपुर सुन्दरी मंदिर
दर्शन समय
05:00 – 21:00
स्वरूप
मुख्य त्रिपुर सुन्दरी मूर्ति
स्थान
Udaipur · Tripura
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम
काल
1501 ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • 51 शक्ति-पीठ परंपरा — सती के दक्षिण-चरण (दक्षिण पाद-अङ्गुष्ठ-सहित) यहाँ गिरे (पीठ-माला ग्रन्थ); भैरव: त्रिपुरेश
  • 10 महाविद्याओं में 3री महाविद्या — षोडशी (Shodashi); ललिता त्रिपुर सुन्दरी के रूप में श्रीकुल तंत्र की सर्वोच्च देवी
  • कूर्म पीठ (Kurma Pitha) — पहाड़ी का स्वरूप कूर्म-पृष्ठ (कछुए की पीठ) सदृश; मंदिर का नाम भी इसी से
  • त्रिपुरा-राज्य की कुलदेवी (Manikya वंश की कुलदेवी); मणिक्य-वंश-संरक्षित
  • उत्तर-पूर्व भारत का द्वितीय सर्वाधिक-दर्शनीय शाक्त-तीर्थ (कामाख्या के पश्चात्)
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री माँ त्रिपुर सुन्दरी — गर्भगृह में दो श्याम-शिला (कस्ती) मूर्तियाँ; मुख्य मूर्ति 5 फुट (1.57m × 0.64m), चार-भुजा-स्थानक, शिव के वक्ष पर खड़ी, स्वर्ण-मुकुट; लघु 'छोटो-माँ' (देवी चण्डी) 2 फुट

मुख्य त्रिपुर सुन्दरी मूर्ति — 4 भुजाएँ, शिव-वक्ष-स्थानक, स्वर्ण-मुकुट, श्याम-कस्ती शिला; निकट 2 फुट छोटो-माँ चण्डी मूर्ति; दोनों एक ही गर्भगृह में

सम्प्रदाय: शाक्त — विशेष-रूप से श्री-विद्या / श्रीकुल तंत्र परंपरा; 10 महाविद्याओं में तृतीय (षोडशी); शैव एवं वैष्णव दोनों परंपराओं के श्रद्धालु पूज्य

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

पीठ-माला ग्रन्थ

त्रिपुर सुन्दरी को 51 शक्ति-पीठों में सम्मिलित; सती के दक्षिण-चरण (पाद-अङ्गुष्ठ-सहित) यहाँ गिरने का स्रोत; भैरव: त्रिपुरेश

ब्रह्माण्ड पुराण — ललितोपाख्यान

ललिता सहस्रनाम — हयग्रीव-अगस्त्य संवाद; त्रिपुर सुन्दरी = ललिता = आदि पराशक्ति; शास्त्रीय-आधार

त्रिपुर रहस्य एवं त्रिपुर उपनिषद्

त्रिपुर सुन्दरी सर्वोच्च-चेतना / परम-शक्ति-स्वरूप के रूप में स्थापना

देवी भागवत पुराण

देवी को परम-विद्या के रूप में केन्द्रीय-स्थापन; ललिता एवं लक्ष्मी दोनों को 'श्री' कहा गया

सौन्दर्य लहरी

आदि शंकराचार्य रचित 100 श्लोक — आनन्द लहरी (प्रारम्भिक 41) + सौन्दर्य लहरी (अगले 59) — त्रिपुर सुन्दरी-स्तुति का प्रमुख स्तोत्र

संत एवं परम्परा

  • महाराजा धन्य मणिक्य देबबर्मा (मणिक्य वंश; 1501 ईस्वी) — देवी-स्वप्न-दर्शन के पश्चात् चित्तगांव से देवी-मूर्ति लाकर प्रतिष्ठित; मूल विष्णु-मंदिर का शक्ति-मंदिर में रूपान्तरण
  • महाराजा राम मणिक्य (1681 ईस्वी) — तूफान-पश्चात् मरम्मत
  • महाराजा कल्याण मणिक्य (1625-1660) — मंदिर के निकट कल्याण सागर तालाब का निर्माण
  • महाराजा राधा किशोर मणिक्य (20वीं शताब्दी प्रारम्भ) — जीर्णोद्धार
  • महर्षि अगस्त्य एवं हयग्रीव — ब्रह्माण्ड पुराण-ललितोपाख्यान का हयग्रीव-अगस्त्य संवाद; ललिता सहस्रनाम-रचना का माध्यम
  • आदि शंकराचार्य — सौन्दर्य लहरी (100 श्लोक) के रचयिता; त्रिपुर सुन्दरी / श्री-विद्या परंपरा के प्रमुख-आचार्य
  • मणिक्य वंश — 1501 से 1949 (त्रिपुरा-राज्य के भारत-संघ-विलय तक) के मंदिर-संरक्षक
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी — 22 सितंबर 2025 PRASHAD-कॉरिडोर उद्घाटन
  • डॉ. माणिक साहा (मुख्यमंत्री त्रिपुरा 2025-26) — माता त्रिपुर सुन्दरी मंदिर न्यास के अध्यक्ष

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 15011501 ईस्वी — महाराजा धन्य मणिक्य देबबर्मा द्वारा वर्तमान मंदिर-संरचना का निर्माण; चित्तगांव से देवी-मूर्ति का स्थानान्तरणWikipedia + tripurasundari.tripura.gov.in + sacredsites.com
  2. 16601625-1660 ईस्वी — महाराजा कल्याण मणिक्य द्वारा कल्याण सागर तालाब का निर्माण (6.4 एकड़, देवी-स्नान-तालाब)Wikipedia + tripuratourism.gov.in
  3. 16811681 ईस्वी — महाराजा राम मणिक्य द्वारा तूफान-पश्चात् मंदिर-मरम्मतWikipedia + tripurasundari.tripura.gov.in
  4. 201821 मई 2018 — माता त्रिपुर सुन्दरी मंदिर न्यास का गठन (11-सदस्यीय कार्यकारी समिति; अध्यक्ष: त्रिपुरा मुख्यमंत्री)tripurasundari.tripura.gov.in
  5. 2019सितंबर 2019: त्रिपुरा उच्च-न्यायालय द्वारा पशु-बलि (पशुबलि) पर रोक; 8 नवंबर 2019 — सर्वोच्च न्यायालय (न्या. आर.एफ. नरीमन) द्वारा HC-आदेश पर रोक; 57-दिवसीय विराम के पश्चात् दिसंबर 2019 में पशुबलि पुनः-प्रारम्भWikipedia + EastMojo + OpIndia
  6. 202522 सितंबर 2025 — प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ₹54 करोड़ PRASHAD-कॉरिडोर पुनर्विकास का उद्घाटन (केन्द्र ₹34.43 करोड़ + त्रिपुरा सरकार ₹17.61 करोड़); तीन-तल परिसर; दैनिक श्रद्धालु-क्षमता 3,500 से 5,000-7,000 तकDD News + PIB + Current Affairs Adda247
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:00 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम ग्रीष्म 5:00 AM-9:00 PM; शीत 5:30 AM-8:30 PM

मंगल आरती एवं बाल्य भोग04:00
दैनिक

दिन की प्रथम आरती; बाल्य-भोग सहित

मायेर स्नान (देवी-स्नान)08:00
दैनिक
अन्न-भोग (प्रसाद-वितरण)08:00-10:00
दैनिक

श्रद्धालुओं हेतु प्रसाद-भोजन

मायेर पूजा आरम्भ09:30
दैनिक
सन्ध्या आरती19:00
दैनिक

सायं प्रमुख आरती

शीतल भोग21:30
दैनिक
मायेर निद्रा (देवी-शयन)22:00
दैनिक

दिन की अन्तिम सेवा

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
ग्रीष्म 05:00-21:00 / शीत 05:30-20:30
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

पंक्ति-दर्शन; कोई प्रवेश-शुल्क नहीं।

ऑनलाइन पूजा / हवन / प्रसाद-गृह-वितरण (2025 से)

माता त्रिपुर सुन्दरी मंदिर न्यास-संचालित आधिकारिक ऑनलाइन-सेवा (2025 से प्रारम्भ); मातबाड़ी का प्रसिद्ध 'पेड़ा' प्रसाद घर पर मँगवा सकते हैं।

विशेष पूजा (अमावस्या / नवरात्रि / दिवाली / माघ पूर्णिमा-ललिता जयन्ती / ललिता पञ्चमी)
उपयुक्त
विशेष-संकल्प हेतु

विशिष्ट-तिथियों पर आधिकारिक संकल्प-पूजा।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

दिवाली मेला (काली पूजा 3-दिवसीय मेला) — मंदिर का सर्वोच्च वार्षिक उत्सवकार्तिक अमावस्या

त्रिपुरा, असम, बंगाल एवं बांग्लादेश से 2+ लाख श्रद्धालु; दिवाली-दिन 2 अनुष्ठान — माता रानी पूजा 10:00 AM + दिवाली विशेष पूजा 12:00 PM + पथ-बलि (पशुबलि) + यज्ञ। 2026 — रविवार 8 नवंबर।

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

विशेष अभिषेक; निशीथ-काल 12:09 AM-1:01 AM (16 फरवरी)। 2026 — रविवार 15 फरवरी।

चैत्र (वासन्तिक) नवरात्रिचैत्र शुक्ल प्रतिपदा-नवमी

9-दिवसीय देवी-उपासना; घटस्थापना 19 मार्च; दुर्गा-अष्टमी एवं राम-नवमी एक-साथ 26 मार्च 2026 पर। 2026 — गुरुवार 19 मार्च से शुक्रवार 27 मार्च।

खर्ची पूजा (त्रिपुरा राज्य-उत्सव — 14 देवताओं की पूजा)अमावस्या के पश्चात् अष्टमी

मणिक्य वंश के 14 देवताओं (चतुर्दश देवता) की पूजा; पुरानी अगरतला के चतुर्दश देवता मंदिर में 7-दिवसीय मेला (मातबाड़ी से भिन्न-स्थल किन्तु समान राज्य-देवी-तंत्र-तंत्र)। 2026 — मंगलवार 21 जुलाई।

शारदीय (शरद) नवरात्रिआश्विन शुक्ल प्रतिपदा-दशमी

दुर्गा-पूजा का विस्तृत-अलंकार। 2026 घटस्थापना — रविवार 11 अक्टूबर; विजयदशमी — मंगलवार 20 अक्टूबर।

ललिता जयन्तीमाघ पूर्णिमा

देवी-प्रादुर्भाव दिवस; ललिता सहस्रनाम पारायण। 2026 — बुधवार 4 मार्च।

ललिता पञ्चमीआश्विन शुक्ल पञ्चमी

शरद नवरात्रि के 5वें दिन ललिता-विशेष-पूजा।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

श्री-विद्या एवं तंत्र-सिद्धि

ललिता त्रिपुर सुन्दरी = श्रीकुल तंत्र की सर्वोच्च देवी; षोडशी महाविद्या; श्री-यन्त्र की अधिष्ठात्री

स्रोत: ब्रह्माण्ड पुराण ललितोपाख्यान + त्रिपुर रहस्य + सौन्दर्य लहरी

51 शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प

सती के दक्षिण-चरण-पीठ; भैरव: त्रिपुरेश; पीठ-माला ग्रन्थ-प्रमाणित

स्रोत: पीठ-माला ग्रन्थ

उत्तर-पूर्व शक्ति-सर्किट यात्रा (कामाख्या + त्रिपुर सुन्दरी + नार्तियांग)

उत्तर-पूर्व भारत का द्वितीय सर्वाधिक-दर्शनीय शाक्त-तीर्थ (कामाख्या के पश्चात्); संयुक्त-यात्रा का प्रमुख-तीर्थ

स्रोत: उत्तर-पूर्व शाक्त-परंपरा

मातबाड़ी 'पेड़ा' प्रसाद-संकल्प

मातबाड़ी का प्रसिद्ध पेड़ा-प्रसाद; देवी की कृपा हेतु; 2025 से ऑनलाइन गृह-वितरण भी उपलब्ध

स्रोत: स्थल-परंपरा

पशु-बलि-संकल्प (पारंपरिक)

त्रिपुर सुन्दरी मंदिर भारत के उन कुछ शाक्त-मंदिरों में सम्मिलित जहाँ पशुबलि कानूनी रूप से अनुमत; दीवाली एवं विशेष-तिथियों पर पारंपरिक पशुबलि का स्थल; 2019 में SC-stay के पश्चात् पुनः-प्रारम्भ

स्रोत: त्रिपुरा शाक्त-परंपरा (कानूनी रूप से अनुमत)

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ललिता सहस्रनामस्तोत्रब्रह्माण्ड पुराण — ललितोपाख्यान; हयग्रीव-अगस्त्य संवादइस मन्दिर हेतुदेवी ललिता त्रिपुर सुन्दरी के 1,000 नाम; एकमात्र सहस्रनाम जिसमें कोई नाम पुनरावृत्त नहीं
  • ललिता त्रिशतीस्तोत्रब्रह्माण्ड पुराणइस मन्दिर हेतु300 नाम; पञ्चदशाक्षरी मंत्र के 15 अक्षरों पर आधारित
  • सौन्दर्य लहरीस्तोत्रआदि शंकराचार्य रचित — 100 श्लोक (आनन्द लहरी 1-41 + सौन्दर्य लहरी 42-100)इस मन्दिर हेतुत्रिपुर सुन्दरी-स्तुति का प्रमुख स्तोत्र
  • श्री विद्या पञ्चदशाक्षरी मंत्र (15-अक्षरी)मंत्रश्री-विद्या तंत्र परंपराइस मन्दिर हेतुतीन कूट (वाग्भव + कामराज + शक्ति) देवी के मुख/वक्ष/नाभि-कटि के प्रतीक; केवल गुरु-दीक्षा द्वारा प्रदान
  • षोडशी मंत्र (16-अक्षरी)मंत्रश्री-विद्या तंत्र — पञ्चदशी का विस्तारइस मन्दिर हेतुपञ्चदशी + 'श्रीं' बीज = 16 अक्षर; देवी का सूक्ष्म-मंत्र
  • त्रिपुर सुन्दरी गायत्री मंत्रगायत्री मंत्रDrik Panchangइस मन्दिर हेतुक्लीं त्रिपुरादेवि विद्महे, कामेश्वरि धीमहि, तन्नः क्लिन्ने प्रचोदयात्
  • मूल बीज मंत्रमूल मंत्रश्री-विद्या परंपराइस मन्दिर हेतुॐ ऐं ह्रीं श्रीं महा त्रिपुर सुन्दरी नमः
  • श्री त्रिपुर सुन्दरी स्तोत्रम् / अष्टकम्स्तोत्रदेवी-उपासना परंपराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

कल्याण सागर तालाब (निकटवर्ती)100 मी

1625-1660 ईस्वी महाराजा कल्याण मणिक्य द्वारा निर्मित; 6.4 एकड़ (224 गज × 160 गज); देवी का स्नान-तालाब; पवित्र बोस्टामी काले-कछुए (Nilssonia nigricans — IUCN द्वारा 2002 में विलुप्त घोषित परन्तु यहाँ एवं असम के हयग्रीव माधव मंदिर में पुनः-खोजे गए) — कूर्म पीठ की पहचान से सम्बद्ध

भुवनेश्वरी मंदिर, उदयपुर4 किमी

1660-1675 ईस्वी महाराजा गोविन्द मणिक्य द्वारा निर्मित (गोमती नदी-तट); 17वीं शताब्दी बंगाली चार-चाला स्थापत्य; रवीन्द्रनाथ टैगोर के नाटक 'राजर्षि' एवं 'बिसर्जन' में अमर; ASI-संरक्षित

चतुर्दश देवता मंदिर, पुरानी अगरतला60 किमी

1760 ईस्वी महाराजा कृष्ण मणिक्य द्वारा निर्मित; मणिक्य वंश के 14 राज-देवताओं (बुरासा/शिव, लम्प्रा/विष्णु आदि) का घर; खर्ची पूजा का केन्द्र

नीरमहल जल-महल, रुद्रसागर झील30 किमी

1930 ईस्वी महाराजा बीर बिक्रम किशोर मणिक्य द्वारा निर्मित; भारत का सर्वाधिक-बड़ा जल-महल; अगरतला से 53 किमी दक्षिण

उनाकोटी शैल-तक्षण (UNESCO अस्थायी-सूची 2022)250 किमी

11वीं-12वीं शताब्दी ईस्वी शैव शैल-तक्षण मूर्तियाँ; उनाकोटीश्वर काल भैरव ~30 फुट

51 शक्ति-पीठ यात्रा-संकल्प

दक्षिण-चरण-पीठ; भैरव: त्रिपुरेश

51 मंदिर

उत्तर-पूर्व भारत शाक्त-सर्किट

कामाख्या (गुवाहाटी, असम) + त्रिपुर सुन्दरी (उदयपुर, त्रिपुरा) + नार्तियांग दुर्गा (मेघालय) — उत्तर-पूर्व का द्वितीय सर्वाधिक-दर्शनीय शाक्त-तीर्थ (कामाख्या के पश्चात्)

3 मंदिर

मणिक्य वंश त्रिपुरा-राज्य मंदिर-सर्किट

मातबाड़ी (उदयपुर) → भुवनेश्वरी (उदयपुर) → चतुर्दश देवता (पुरानी अगरतला) → अगरतला त्रिपुर सुन्दरी उप-मंदिर → नीरमहल → उनाकोटी

6 मंदिर · 3 दिन

10 महाविद्या तीर्थ-यात्रा

3री महाविद्या (षोडशी) का प्रमुख-स्थल

10 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री माता त्रिपुर सुन्दरी मंदिर, मातबाड़ी, उदयपुर, ज़िला गोमती — 799120, त्रिपुरा (STD: 03821)
हवाई अड्डा
महाराजा वीर विक्रम (MBB) हवाई अड्डा, अगरतला — ~64 किमी
रेलवे
उदयपुर रेलवे स्टेशन (UDR) — ~5 किमी; लुमडिंग-सबरूम सेक्शन NF रेलवे पर
बस-स्टैण्ड
उदयपुर बस स्टैंड; अगरतला से ~55 किमी NH-8 (बिशालगढ़-होकर) 1.5-2 घंटे
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-मार्च सर्वोत्तम; दिवाली मेला (8 नवंबर 2026) सर्वोच्च; शारदीय नवरात्रि (11-20 अक्टूबर 2026) दुर्गा-पूजा; मानसून (जून-सितंबर) में भारी वर्षा
हेल्पलाइन
03821-223520 (कार्यालय), 8416014059 (मोबाइल)
5 किमीUdaipur Railway Station
55 किमीAgartala
64 किमीMBB Airport, Agartala
0.1 किमीKalyan Sagar Lake
4 किमीBhubaneshwari Temple, Udaipur
60 किमीChaturdash Devta Temple, Old A…
30 किमीNeermahal
250 किमीUnakoti rock carvings