पाण्डव-पञ्च केदार कथा (महाभारत-उत्तर परंपरा)
कुरुक्षेत्र-युद्ध के पश्चात् पाण्डव कृष्ण की सलाह पर वाराणसी पहुँचे; शिव गढ़वाल में नन्दि-रूप (बैल) में पलायन; गुप्तकाशी में भीम ने बैल पहचाना; शिव पृथ्वी में लीन एवं 5-स्थानों पर पुनः-प्रकट: केदारनाथ (कूबड़), तुङ्गनाथ (बाहु), रुद्रनाथ (मुख), मध्यमहेश्वर (नाभि), कल्पेश्वर (केश)
