कालिका-पुराण-स्थल-शिलालेख — शिव-सृष्टि-प्रारम्भ-कथा
शिव ने सृष्टि-प्रारम्भ-में यहाँ भस्म-छिड़का + पार्वती-को ज्ञान-प्रदान किया (Templepurohit + Placeguider-कालिका-पुराण-उद्धरण)। मूल-शास्त्रीय-शिलालेख स्थल-को सृष्टि-काल-से-स्थापित करता है।
Guwahati · Assam
उमानन्द मन्दिर — पीकॉक-आइलैण्ड (उमानन्द-द्वीप), ब्रह्मपुत्र-नदी, गुवाहाटी, असम (अहोम-स्वर्गदेव गदाधर सिंह-1694 CE-निर्मित; भस्माचल-पहाड़ी; मदन-भस्म-कथा; केवल-नाव-दर्शन)
उमानन्द देवालय (असमिया: উমানন্দ দেৱালয়); 'उमा' (पार्वती) + 'आनन्द' = शिव-उमा-आनन्द-स्वरूप; भस्माचल (भस्मकुट)-पहाड़ी मदन-भस्म-स्थल; अहोम-स्वर्गदेव गदाधर सिंह (शासन 1681-1696) के आदेश-पर बार-फुकन गढ़गन्या हन्डिक-द्वारा 1694 CE-निर्माण
अन्य नाम: Umananda Temple · Umananda Devaloi · उमानन्द देवालय · Urvasi Island

इस मन्दिर की विशेषता
शिव (उमानन्द-स्वरूप; भस्माचल-पहाड़ी पर); उप-देवता: रॉक-कट-शिल्प सूर्य + गणेश + शिव-देवी (बिच्छू-प्रतीक-सहित) + विष्णु दश-अवतार-सहित
उमानन्द शिव (उमा-आनन्द-स्वरूप)
सम्प्रदाय: शैव (1897-पश्चात्-व्यापारी-पुनर्निर्माता-द्वारा वैष्णव-शिलालेख-जोड़े गए — हाइब्रिड-विशेषता-flag, सम्प्रदाय-परिवर्तन-नहीं)
शिव ने सृष्टि-प्रारम्भ-में यहाँ भस्म-छिड़का + पार्वती-को ज्ञान-प्रदान किया (Templepurohit + Placeguider-कालिका-पुराण-उद्धरण)। मूल-शास्त्रीय-शिलालेख स्थल-को सृष्टि-काल-से-स्थापित करता है।
शिव-इस-पहाड़ी-पर ध्यान-मग्न-काल में कामदेव-तपस्या-भङ्ग-कारक-बना; शिव-क्रोध-अग्नि-से कामदेव भस्म-हुआ — अत: 'भस्माचल/भस्मकुट' ('भस्म-की-पहाड़ी'-नाम)। Wikipedia + बहु-द्वितीयक-सम्मति।
कालिका-पुराण-अनुसार उर्वशी-कुण्ड यहाँ; देवी उर्वशी अमृत-कामाख्या-हेतु-लाती-थीं — द्वीप-वैकल्पिक-नाम 'उर्वशी-द्वीप'। Templepurohit + Placeguider-कालिका-पुराण-उद्धरण।
क्षेत्र-व्यापक 'कामरूप'-नाम के साथ-सम्बद्ध (वह-क्षेत्र जहाँ कामदेव-भस्म-हुआ + परवर्ती-रूप-पुनर्प्राप्ति-हुई)। शास्त्रीय-परम्परा-सम्मति।
अहोम-स्वर्गदेव गदाधर सिंह (शासन 1681-1696) के आदेश-पर बार-फुकन गढ़गन्या हन्डिक-द्वारा 1694 CE-निर्माण। Wikipedia + असम-सरकार Kamrup Metropolitan + Incredible India बहु-स्रोत-सम्मति-पूर्ण।
1897-भूकम्प-में मूल-ईंट-मन्दिर पूर्ण-विनाश; तत्पश्चात्-स्थानीय-धनी-व्यापारी-द्वारा पुनर्निर्माण किया गया जिसने अन्तर्भाग-में-वैष्णव-शिलालेख-जोड़े (शैव-वैष्णव-हाइब्रिड-विशेषता)। Wikipedia + bestofnortheast + Templepurohit।
05:30 (प्रात:; कुछ-स्रोत 06:00) से 18:00 तक
वस्त्र-संहिता: मामूली-पारम्परिक-वस्त्र; प्रवेश-पूर्व जूते-त्याग
फोटोग्राफी: गर्भगृह-पूजा-समय में निषिद्ध; ड्रोन-असम-नियम-अधीन-प्रतिबन्धित
विशेष नियम: केवल-नाव/फेरी-पहुँच कचारी-घाट-से; द्वीप-पर रात्रि-निवास-निषेध; प्रवेश-निःशुल्क (केवल-फेरी-शुल्क); गोल्डन-लंगूर-संरक्षण-न-खिलाएं/न-छुएं (विलुप्त-प्राय); मूल-1897-भूकम्प-पश्चात्-पुनर्निर्मित-मन्दिर शैव-वैष्णव-हाइब्रिड-शिलालेख; अर्चना-सटीक-समय-स्रोत-नहीं — drop
उमानन्द-शिव-दर्शन + रॉक-कट-शिल्प (सूर्य + गणेश + विष्णु दश-अवतार-सहित + शिव-देवी-बिच्छू-प्रतीक)।
हजारों-तीर्थयात्री-फेरी-पार-दर्शन; मन्दिर-रात्रि-भर खुला; फेरी-विस्तार 9 AM-4 PM-दिन-में। Drik Panchang-Nishita Kaal 12:09-1:01 AM 16 फरवरी।
प्रत्येक-मास कृष्ण-पक्ष चतुर्दशी।
हजारों-तीर्थयात्री-फेरी-पार-दर्शन; मन्दिर-रात्रि-भर खुला; फेरी-विस्तार 9 AM-4 PM-दिन-में; मदन-भस्म-कथा-स्मरण
मासिक-शिव-व्रत; Drik Panchang-गणित
श्रावण-मास-शिव-व्रत-दर्शन
शिव-तपस्या-भङ्ग-कारक कामदेव-यहाँ शिव-क्रोध-अग्नि-से भस्म-हुआ; भस्माचल-पहाड़ी 'भस्म-की-पहाड़ी'; मदन-भस्म-स्थल-दर्शन-संकल्प-तीर्थ
स्रोत: कालिका-पुराण-शिलालेख + बहु-द्वितीयक-सम्मति
अहोम-स्वर्गदेव गदाधर सिंह (शासन 1681-1696)-आदेश-पर बार-फुकन गढ़गन्या हन्डिक-निर्मित 1694 CE; अहोम-राजवंश-शैव-तीर्थ-दर्शन-संकल्प
स्रोत: Wikipedia + असम-सरकार + Incredible India
हजारों-तीर्थयात्री-फेरी-पार-दर्शन; मन्दिर-रात्रि-भर खुला; Nishita Kaal 12:09-1:01 AM 16 फरवरी-शिव-केन्द्रीय-व्रत-पूर्ति-संकल्प-तीर्थ
स्रोत: Drik Panchang + calendardate.com
कालिका-पुराण-अनुसार उर्वशी-कुण्ड यहाँ; देवी उर्वशी अमृत-कामाख्या-हेतु-लाती-थीं; कामरूप-क्षेत्र-नामकरण-शास्त्रीय-स्रोत-तीर्थ-दर्शन-संकल्प
स्रोत: कालिका-पुराण-उद्धरण
भारत-मुख्यधारा-मन्दिर-समूह-में अद्वितीय केवल-नाव/फेरी-ब्रह्मपुत्र-पार-दर्शन-व्रत; कचारी-घाट-से 8-15-मिनट-फेरी-यात्रा-तीर्थ-संकल्प
स्रोत: स्थल-व्यवस्था-केन्द्रीय
51 शक्ति-पीठों-में-प्रथम; कामरूप-क्षेत्र-केन्द्रीय; उमानन्द-शास्त्रीय-कथा-जोड़ी (उर्वशी-अमृत-कामाख्या-हेतु-लाने-कथा)
9-ग्रह-केन्द्रीय-तीर्थ
शिव-मन्दिर; कचारी-घाट-निकट
ब्रह्मपुत्र-तट-मन्दिर
वशिष्ठ-ऋषि-आश्रम
गुवाहाटी-व्यापक-तीर्थ-सर्किट
ब्रह्मपुत्र-द्वीप-शिव-मन्दिर; कामाख्या-शास्त्रीय-कथा-जोड़ी (उर्वशी-अमृत-कामाख्या-हेतु-लाने-कथा)
6 मंदिर
एकमात्र-नदी-द्वीप-मन्दिर; केवल-नाव-पहुँच
3 मंदिर
कालिका-पुराण/योगिनी-तन्त्र-मूल-कथा-स्रोत (उर्वशी-कुण्ड + मदन-भस्म + कामरूप-नामकरण)
5 मंदिर