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Mahad village · Maharashtra

श्री वरदविनायक गणेश मन्दिर

श्री वरदविनायक गणेश मन्दिर — महाड ग्राम, खालापुर तालुका, ज़िला रायगढ़, महाराष्ट्र (खोपोली-समीप; महाड-तालुका के महाड-नगर से भिन्न)

वरदविनायक — अष्टविनायक का चतुर्थ तीर्थ; 'वरद' (वर) + 'विनायक' (गणेश) = वर-दाता गणेश; अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ भक्त स्व-हस्त-स्पर्श एवं स्व-हस्त-अभिषेक कर सकते हैं

अन्य नाम: वरदविनायक · वर-दाता गणेश · भद्रक-वन गणेश · महाड-गणपति

  • अष्टविनायक यात्रा का चतुर्थ तीर्थ
  • अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ…
  • नन्द-दीप 1892 ईस्वी से सतत-प्रज्वल…
  • खालापुर-तालुका महाड-ग्राम
श्री वरदविनायक गणेश मन्दिर
दर्शन समय
05:30 – 21:00
स्वरूप
स्वयंभू पाषाण-मूर्ति
स्थान
Mahad village · Maharashtra
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम
काल
1690 ईस्वी

इस मन्दिर की विशेषता

  • अष्टविनायक यात्रा का चतुर्थ तीर्थ (पाली-पश्चात्); रायगढ़-ज़िला अष्टविनायक-युग्म (पाली + महाड)
  • अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ श्रद्धालु गर्भगृह-स्पर्श एवं स्व-हस्त-अभिषेक कर सकते हैं — अद्वितीय
  • नन्द-दीप 1892 ईस्वी से सतत-प्रज्वलित (130+ वर्ष) — अद्वितीय
  • खालापुर-तालुका महाड-ग्राम — महाड-तालुका के महाड-नगर (रायगढ़ किला-समीप) से भिन्न; प्रायः भ्रम-कारक
  • गणेश-चतुर्थी 2026: सोमवार 14 सितंबर 2026
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री वरदविनायक गणेश — स्वयंभू पाषाण-मूर्ति, पूर्व-मुख, वामामुखी (बायाँ-शुण्ड), पद्मासन; पार्श्व में ऋद्धि एवं सिद्धि पाषाण-प्रतिमाएँ; गर्भगृह-कोण में पृथक श्वेत-संगमरमर दक्षिणामुखी द्वितीय-मूर्ति; मूषक, नवग्रह-देवता एवं शिवलिङ्ग के पृथक-दर्शन

स्वयंभू पाषाण-मूर्ति — अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश-कर मूर्ति-स्पर्श एवं स्व-हस्त-अभिषेक कर सकते हैं (अन्य 7 अष्टविनायक में निषिद्ध)

सम्प्रदाय: गाणपत्य-सम्प्रदाय — अष्टविनायक यात्रा-क्रम का चतुर्थ तीर्थ; भद्रक-वन गृत्समद-तपस्या-स्थल

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

अष्टविनायक-स्थल-पुराण-परम्परा (मुद्गल-पुराण + गणेश-पुराण-व्युत्पन्न-कथा)

कौण्डिन्यपुर के राजा भीम के पुत्र युवराज रुक्मांगद ने ऋषि वाचक्नवी की पत्नी मुकुन्दा के प्रणय-निवेदन को अस्वीकार किया; इन्द्र ने रुक्मांगद-वेष धरकर मुकुन्दा-संग-संग किया; उस-संयोग से गृत्समद का जन्म; गृत्समद ने पुष्पक-वन (बाद में भद्रक-वन / भद्रकवन = आधुनिक महाड) में गणेश की दीर्घ-तपस्या की; गणेश ने प्रकट-होकर वर दिया (ब्राह्मण-स्थिति-वर सहित); गणेश ने उसी-वन में नित्य-निवास का वचन दिया → वरदविनायक

ऋग्वेद मण्डल 2.23.1 — 'गणानां त्वा' सूक्त

गृत्समद ऋग्वेद मण्डल 2 के मुख्य-ऋषि एवं 'गणानां त्वा गणपतिं हवामहे' सूक्त (ऋग्वेद 2.23.1) के द्रष्टा; यह सूक्त बाद में गणपति-अथर्वशीर्ष का प्रारम्भिक-आवाहन बना। (गणपति-अथर्वशीर्ष की रचना पृथक गणक/अथर्वन-ऋषि-परम्परा को ~8वीं-9वीं शताब्दी ईस्वी में आरोपित — गृत्समद-कर्तृत्व नहीं)

संत एवं परम्परा

  • गृत्समद ऋषि — पुष्पक/भद्रक-वन-तपस्या; ऋग्वेद मण्डल 2 + 'गणानां त्वा' सूक्त-द्रष्टा
  • श्री ढोण्डू पौडकर (1690 ईस्वी) — समीपस्थ सरोवर में स्वयंभू-मूर्ति की पुनः-प्राप्ति
  • सुभेदार रामजी महादेव बिवलकर (पेशवा-सेनापति, 1725 ईस्वी) — वर्तमान मन्दिर-संरचना-निर्माण/समर्पण
  • अनाम-भक्त (1892 ईस्वी) — नन्द-दीप-स्थापना (आज तक सतत-प्रज्वलित)
  • स्वतन्त्र श्री वरदविनायक देवस्थान ट्रस्ट — आधुनिक-प्रशासन (NOT चिञ्चवड देवस्थान)

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 1690श्री ढोण्डू पौडकर द्वारा समीपस्थ सरोवर में स्वयंभू-मूर्ति की पुनः-प्राप्तिWikipedia + Maharashtra Tourism + ashtavinayak.in + ashtavinayak.net + Bhatkanti + Sanatanavibes बहु-स्रोत-सर्वसम्मति
  2. 1725सुभेदार रामजी महादेव बिवलकर (पेशवा-सेनापति) द्वारा वर्तमान मन्दिर-संरचना-निर्माण/समर्पणWikipedia + Maharashtra Tourism + ashtavinayak.in + 6+ बहु-स्रोत
  3. 1892नन्द-दीप-स्थापना (अनाम-भक्त द्वारा); 130+ वर्ष-सतत-प्रज्वलितWikipedia + ashtavinayak.in + Bhatkanti + Sanatanavibes बहु-स्रोत
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

05:30 से 21:00 तक

प्रातः आरती05:30
दैनिक
पञ्चामृत पूजा08:00
दैनिक
मध्याह्न पूजा12:00
दैनिक
सायं आरती19:30
दैनिक
शेज आरती (समापन)21:00
दैनिक

विशेष नियम: गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; निःशुल्क पार्किङ्ग; अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ स्व-हस्त-स्पर्श एवं स्व-हस्त-अभिषेक की अनुमति

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
05:30-21:00 (दैनिक)
उपयुक्त
सभी श्रद्धालु

अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ गर्भगृह में प्रवेश-कर मूर्ति-स्पर्श-दर्शन की अनुमति।

स्व-हस्त अभिषेकनिःशुल्क

अष्टविनायक में अद्वितीय — श्रद्धालु स्व-हस्त-अभिषेक कर सकते हैं; अन्य 7 अष्टविनायक में पुजारी-मध्यस्थ-अनिवार्य।

पञ्चामृत पूजा

प्रातः 08:00 पञ्चामृत-स्नान-पूजा।

पूर्ण-दिवस निजी पूजा (₹31,000)₹31000

पूर्ण-दिवस निःस्थूल निजी-पूजा-बुकिंग; मन्दिर-ट्रस्ट से।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

भाद्रपद गणेश-चतुर्थी 2026भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी-पञ्चमी

सोमवार 14 सितंबर 2026 — 5-दिवसीय उत्सव; भाद्रपद शुक्ल 1-5; अनन्त चतुर्दशी / विसर्जन 25 सितंबर 2026 तक।

माघी गणेश-जयन्ती 2026माघ शुक्ल चतुर्थी

गुरुवार 22 जनवरी 2026 — 5-दिवसीय उत्सव; माघी-चतुर्थी पर प्राप्त नारियल-प्रसाद को सन्तान-वर-दायक माना जाता है।

सङ्कष्टी चतुर्थी (मासिक)कृष्ण चतुर्थी (प्रत्येक मास)

विशेष महाभिषेक; चन्द्र-दर्शन-पारणा।

जन्माष्टमी एवं विजयदशमी शोभायात्राभाद्रपद कृष्ण अष्टमी + आश्विन शुक्ल दशमी

विशेष पूजा एवं शोभायात्रा।

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

वर-मांग संकल्प (वर-दाता गणेश)

'वरद-विनायक' = वर-दाता गणेश; गृत्समद-तपस्या-वर-दान-कथा अनुसार वर-मांग का प्रमुख-तीर्थ; अष्टविनायक में नाम-अनुसार वर-दाता

स्रोत: ashtavinayak.in + Wikipedia + Maharashtra Tourism

स्व-हस्त-अभिषेक-दर्शन संकल्प (अद्वितीय)

अष्टविनायक में एकमात्र मन्दिर जहाँ श्रद्धालु स्व-हस्त-स्पर्श एवं स्व-हस्त-अभिषेक कर सकते हैं — गणेश से प्रत्यक्ष-स्पर्श-संवाद

स्रोत: Wikipedia + Saranam + ashtavinayak.in + 6+ बहु-स्रोत

ब्राह्मणत्व-वर-संकल्प (गृत्समद-परम्परा)

गृत्समद ने यहाँ तपस्या-कर ब्राह्मणत्व-वर प्राप्त किया; जन्म-स्थिति-परिवर्तन एवं आध्यात्मिक-उन्नति-संकल्प

स्रोत: स्थल-परम्परा + Wikipedia Gritsamada

सन्तान-वर-संकल्प (माघी नारियल-प्रसाद परम्परा)

माघी-चतुर्थी पर नारियल-प्रसाद सन्तान-वर-दायक मान्य; निःसन्तान-दम्पतियों का संकल्प-तीर्थ

स्रोत: ashtavinayak.in + Maharashtra Tourism बहु-स्रोत

नन्द-दीप-दर्शन संकल्प (130+ वर्ष-सतत-प्रज्वलित)

1892 ईस्वी से सतत-प्रज्वलित नन्द-दीप — अष्टविनायक में अद्वितीय; अटूट-भक्ति-प्रतीक-दर्शन-संकल्प

स्रोत: Wikipedia + ashtavinayak.in + 5+ बहु-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • ॐ गं गणपतये नमःबीज मन्त्रगाणपत्य परम्परा
  • 'गणानां त्वा गणपतिं हवामहे' (ऋग्वेद 2.23.1)वैदिक सूक्तऋग्वेद मण्डल 2 — गृत्समद ऋषिइस मन्दिर हेतुगृत्समद ऋषि (वरदविनायक-तपस्वी) द्वारा द्रष्ट सूक्त; बाद में गणपति-अथर्वशीर्ष का प्रारम्भिक-आवाहन बना
  • गणपति अथर्वशीर्षउपनिषद् स्तोत्रअथर्ववेद (गणक/अथर्वन-ऋषि-परम्परा, ~8वीं-9वीं शताब्दी ईस्वी)प्रारम्भिक-आवाहन गृत्समद-सूक्त ऋग्वेद 2.23.1 से उद्धृत; अथर्वशीर्ष-स्वयं गृत्समद-कर्तृत्व नहीं
  • सङ्कटनाशन गणेश स्तोत्रस्तोत्रनारद-पुराणसङ्कष्टी चतुर्थी विशेष
  • वक्रतुण्ड महाकाय श्लोकश्लोकगाणपत्य परम्परा
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

मन्दिर-सरोवर (पश्चिम)100 मी

1690 में श्री ढोण्डू पौडकर ने इसी सरोवर से स्वयंभू-मूर्ति की पुनः-प्राप्ति की; पवित्र-स्नान-तीर्थ

गोमुख (उत्तर)50 मी

पवित्र जल-निकास; अभिषेक-जल-गन्तव्य

मूषक, नवग्रह-देवता एवं शिवलिङ्ग पृथक-दर्शन10 मी

मुख्य-गर्भगृह के अतिरिक्त समूह-दर्शन

खोपोली7 किमी

निकटतम रेलवे एवं बस-स्टैण्ड; एडलैब्स इमेजिका-समीप

लोनावाला21 किमी

पश्चिमी-घाट हिल-स्टेशन; कार्ला-भाजा गुफा-समीप

पाली बल्लालेश्वर मन्दिर (अष्टविनायक #3)42 किमी

अष्टविनायक यात्रा-क्रम का पूर्व-तीर्थ; रायगढ़-ज़िला युग्म-यात्रा

थेऊर चिन्तामणि मन्दिर (अष्टविनायक #5)110 किमी

अष्टविनायक यात्रा-क्रम का अग्रिम-तीर्थ

भीमाशङ्कर ज्योतिर्लिङ्ग100 किमी

12 ज्योतिर्लिङ्ग में सम्मिलित; संयुक्त-यात्रा

अष्टविनायक यात्रा शास्त्रोक्त क्रम — चतुर्थ तीर्थ

चतुर्थ तीर्थ; क्रम: 1. मोरगाँव → 2. सिद्धटेक → 3. पाली → 4. **महाड (यह)** → 5. थेऊर → 6. लेण्याद्री → 7. ओझर → 8. रांजणगाँव → मोरगाँव-समापन

8 मंदिर · 3 दिन

पाली-महाड रायगढ़-ज़िला अष्टविनायक-युग्म-यात्रा

पाली (बल्लालेश्वर) + महाड (वरदविनायक) — रायगढ़-ज़िला अष्टविनायक-युग्म ~42 किमी; प्राकृतिक-एक-दिवसीय-संयोजन

2 मंदिर

अष्टविनायक + भीमाशङ्कर ज्योतिर्लिङ्ग + कार्ला-भाजा गुफा संयुक्त-यात्रा

महाड (वरदविनायक) + भीमाशङ्कर ज्योतिर्लिङ्ग + कार्ला-भाजा गुफा संयोजन

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री वरदविनायक मन्दिर, महाड ग्राम, खालापुर तालुका, ज़िला रायगढ़, महाराष्ट्र — PIN 410202 (कतिपय-स्रोत 410203/410205; पुराने मुम्बई-पुणे राजमार्ग से 1.5 किमी)
हवाई अड्डा
मुम्बई CSMIA (मुम्बई) ~63-74 किमी; पुणे अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (PNQ) ~85-88 किमी
रेलवे
खोपोली रेलवे स्टेशन (मध्य रेलवे) — 6-7 किमी; करजत रेलवे स्टेशन — 24-25 किमी
बस-स्टैण्ड
महाड बस-स्टैण्ड (खालापुर तालुका; MSRTC); खोपोली बस-डिपो ~6-7 किमी; लोनावाला से 21 किमी
उत्तम ऋतु
अक्टूबर-फरवरी सर्वोत्तम मौसम; गणेश-चतुर्थी 14 सितंबर 2026; विसर्जन 25 सितंबर 2026; माघी गणेश-जयन्ती 22 जनवरी 2026; मानसून (जून-सितंबर) पश्चिमी-घाट-दर्शन-काल
7 किमीKhopoli
21 किमीLonavala
25 किमीKarjat
70 किमीMumbai
75 किमीMumbai CSMIA
85 किमीPune
88 किमीPune Airport
42 किमीPali
110 किमीTheur