मुद्गल-पुराण + स्कन्द-पुराण + तमिल विनायक-पुराण
ओझर विघ्नेश्वर-कथा-वर्णन; अष्ट-क्षेत्र-गणना
Ozar · Maharashtra
श्री विघ्नेश्वर / विघ्नहर गणपति मन्दिर — ओझर, जुन्नर तालुका, ज़िला पुणे, महाराष्ट्र (कुकड़ी नदी-तट, येडगाँव बाँध-समीप)
विघ्नेश्वर / विघ्नहर — अष्टविनायक का सप्तम तीर्थ; 'विघ्न' (अवरोध) + 'ईश्वर/हर' = विघ्न-निवारक गणेश; अष्टविनायक में एकमात्र स्वर्ण-कलश/शिखर-मन्दिर
अन्य नाम: विघ्नेश्वर · विघ्नहर · विघ्नहारी

इस मन्दिर की विशेषता
श्री विघ्नेश्वर / विघ्नहर गणेश — स्वयंभू पाषाण-मूर्ति, पूर्व-मुख, वामामुखी (बायाँ-शुण्ड); नेत्रों में रत्न (अधिकांश-स्रोत-माणिक; Wikipedia-संस्करण-पन्ना); ललाट पर हीरा; नाभि में रत्न/हीरा; सिन्दूर-तैल-लेप; पीतल ऋद्धि एवं सिद्धि पार्श्व-स्थित
स्वयंभू पाषाण-मूर्ति — विघ्नासुर-पराजय-स्मारक; पूर्व-मुख वामामुखी; अष्टविनायक में एकमात्र पूर्ण-स्वर्ण-कलश-स्वर्ण-शिखर-मन्दिर
सम्प्रदाय: गाणपत्य-सम्प्रदाय — अष्टविनायक यात्रा-क्रम का सप्तम तीर्थ; मुद्गल-पुराण + स्कन्द-पुराण + तमिल विनायक-पुराण-वर्णित विघ्नासुर-कथा-स्थल
ओझर विघ्नेश्वर-कथा-वर्णन; अष्ट-क्षेत्र-गणना
राजा अभिनन्दन ने यज्ञ-काल में इन्द्र को अर्पण-निवेदन-त्याग किया। कुपित इन्द्र ने काल (मृत्यु) को विघ्नासुर-रूप-धारण-कर यज्ञ-विघ्न-हेतु प्रेषित किया। विघ्नासुर ने अनन्तर ब्रह्माण्ड-व्यापी ऋषियों के सर्व-शुभ-कर्म-यज्ञ-विघ्न प्रारम्भ किया। ब्रह्मा/शिव की सलाह पर ऋषियों ने गणेश-आवाहन किया; गणेश ने विघ्नासुर से युद्ध किया; विघ्नासुर ने पराजित-होकर क्षमा-प्रार्थना की एवं वचन दिया कि वह केवल वहीं निवास करेगा जहाँ गणेश-पूजन न हो। विघ्नासुर ने स्वयं गणेश से 'विघ्नेश्वर' उपाधि-धारण-कर विजय-स्मरण-प्रार्थना की; ऋषियों ने ओझर में मूर्ति-प्रतिष्ठा की।
05:00 से 22:30 तक
विशेष नियम: वर्ष-पर्यन्त खुला 365-दिन; कोई प्रवेश-शुल्क नहीं; गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; निःशुल्क पार्किङ्ग; मध्याह्न-विश्राम-काल नहीं
वर्ष-पर्यन्त खुला; कोई प्रवेश-शुल्क नहीं।
ट्रस्ट-कार्यालय बुकिंग; प्रातः 07:00।
अष्टविनायक में अद्वितीय पूर्ण-स्वर्ण-पत्र-लेपन-शिखर एवं कलश का बाह्य-दर्शन।
लेण्याद्री गिरिजात्मज (अष्टविनायक #6) के साथ जुन्नर-तालुका अष्टविनायक-युग्म — एक-दिवसीय-संयोजन।
ट्रस्ट-संचालित 5 भक्त-भवन; 20+ वर्ष से वार्षिक ~300 सामुदायिक-विवाह-संचालन।
सोमवार 14 सितंबर 2026; प्रमुख-वार्षिक-समारोह; अनन्त चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 तक।
गुरुवार 22 जनवरी 2026 — गणेश-पुनर्जन्म।
5-दिवसीय भव्य-दीप-प्रज्ज्वलन; द्वि-पाषाण-दीपमाला (gateway-समीप) भव्य-प्रकाशन।
विशेष महाभिषेक एवं पूजा।
अष्टविनायक में नाम-अनुसार सर्व-विघ्न-निवारक; विघ्नासुर-पराजय-कथा अनुसार सर्व-कार्य-विघ्न-निवारण-तीर्थ
स्रोत: मुद्गल-पुराण + स्कन्द-पुराण + ashtavinayak.net बहु-स्रोत
राजा अभिनन्दन-यज्ञ-विघ्न-कथा अनुसार — यज्ञ, अनुष्ठान एवं कर्म-काण्ड-विघ्न-निवारण-तीर्थ
स्रोत: मुद्गल-पुराण + Ganapati Naman blog
चिमाजी अप्पा-वसई-विजय-पश्चात्-स्वर्ण-शिखर-लेपन परम्परा अनुसार — सैन्य-विजय-कृतज्ञता एवं युद्ध-विजय-संकल्प-तीर्थ
स्रोत: Wikipedia + Maharashtra Tourism बहु-स्रोत
अष्टविनायक में एकमात्र पूर्ण-स्वर्ण-पत्र-लेपन-शिखर एवं कलश-दर्शन — अद्वितीय वैभव-दर्शन-संकल्प
स्रोत: Wikipedia + ashtavinayak.net + 5+ बहु-स्रोत
जुन्नर-तालुका अष्टविनायक-युग्म — गिरिजात्मज (पुत्र-प्राप्ति) + विघ्नेश्वर (विघ्न-हरण) एक-दिवसीय-संकल्प
स्रोत: Maharashtra Tourism + Trawell
सुन्दर-प्राकृतिक-स्थल; मन्दिर-दृश्य-पृष्ठभूमि
पवित्र-स्नान-तीर्थ
अष्टविनायक यात्रा-क्रम का पूर्व-तीर्थ; एकमात्र बौद्ध-गुफा-मन्दिर; जुन्नर-तालुका युग्म-यात्रा एक-दिवसीय
छत्रपति शिवाजी महाराज जन्म-स्थल (1630); UNESCO-नामांकित मराठा-दुर्ग
पुणे-ज़िला का उत्तरतम तालुका-HQ; ऐतिहासिक-केन्द्र
ऐतिहासिक-व्यापार-केन्द्र; NH-60 मार्ग-बिन्दु
12 ज्योतिर्लिङ्ग में सम्मिलित; अष्टविनायक-ज्योतिर्लिङ्ग संयुक्त-यात्रा
अष्टविनायक यात्रा-क्रम का अग्रिम-अष्टम-तीर्थ
सप्तम तीर्थ; क्रम: 1. मोरगाँव → 2. सिद्धटेक → 3. पाली → 4. महाड → 5. थेऊर → 6. लेण्याद्री → 7. **ओझर (यह)** → 8. रांजणगाँव → मोरगाँव-समापन
8 मंदिर · 3 दिन
गिरिजात्मज + विघ्नेश्वर — जुन्नर-तालुका अष्टविनायक-युग्म (~15 किमी); एक-दिवसीय-संयोजन; पुत्र-प्राप्ति + विघ्न-हरण-संकल्प-संयुक्त
2 मंदिर
पुणे-केन्द्रित बहु-तीर्थ-संयोजन — लेण्याद्री + ओझर + भीमाशङ्कर ज्योतिर्लिङ्ग; 2-3 दिवसीय
3 मंदिर
एक-तालुका बहु-धर्म-धरोहर-संयोजन — बौद्ध (लेण्याद्री) + मराठा (शिवनेरी) + गाणपत्य (ओझर)
3 मंदिर