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Hampi · Karnataka

श्री विरूपाक्ष मन्दिर

श्री विरूपाक्ष मन्दिर — हम्पी (पम्पा-क्षेत्र), विजयनगर ज़िला, कर्नाटक

श्री विरूपाक्ष (शिव-रूप) — पम्पा-पति; UNESCO विश्व-धरोहर 'हम्पी स्मारक-समूह' 1986; भारत के सर्वाधिक-प्राचीन निरन्तर-पूज्य हिन्दू मन्दिरों में सम्मिलित (7वीं-शताब्दी मूल; 9-10वीं शताब्दी शिलालेख-साक्ष्य); विजयनगर साम्राज्य (1336-1565) का कुल-देवता-तीर्थ

अन्य नाम: विरूपाक्ष मन्दिर · पम्पा-पति मन्दिर · हम्पी मुख्य-मन्दिर

  • UNESCO विश्व-धरोहर स्थल 'हम्पी स्म…
  • भारत के सर्वाधिक-प्राचीन निरन्तर-प…
  • पम्पा-क्षेत्र-तीर्थ
  • विश्व-प्रसिद्ध छिद्र-कैमरा
श्री विरूपाक्ष मन्दिर
दर्शन समय
06:00 – 21:00
स्वरूप
विरूपाक्ष शिवलिङ्ग
स्थान
Hampi · Karnataka
उत्तम ऋतु
महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026
काल
7वीं-शताब्दी ईस्वी मूल

इस मन्दिर की विशेषता

  • UNESCO विश्व-धरोहर स्थल 'हम्पी स्मारक-समूह' 1986 (4,100 हेक्टेयर; 1,600+ संरक्षित-स्मारक); मानदण्ड (i), (iii), (iv); विजयनगर-साम्राज्य-राजधानी 1336-1565; 1565 तालिकोट-युद्ध-पश्चात् विनाश में विरूपाक्ष मन्दिर एकमात्र निरन्तर-पूज्य रहा
  • भारत के सर्वाधिक-प्राचीन निरन्तर-पूज्य हिन्दू मन्दिरों में सम्मिलित (7वीं-शताब्दी मूल; 9-10वीं शताब्दी शिलालेख-शिव-उल्लेख); चालुक्य + होयसळ-काल विस्तार; विजयनगर-काल शिखर
  • पम्पा-क्षेत्र-तीर्थ — हेमकूट-पर्वत पर पार्वती (पम्पा) ने शिव-विवाह-हेतु तपस्या की; तुङ्गभद्रा-नदी का पुरा-नाम 'पम्पा'
  • विश्व-प्रसिद्ध छिद्र-कैमरा (पिनहोल-कैमरा) उल्टा-छाया-प्रक्षेपण — पूर्व-राय-गोपुरम् की उल्टी-छाया मन्दिर-पश्चिम-दीवार-अन्तर्भाग में लघु-छिद्र से रङ्ग-मण्डप-क्षेत्र में प्रक्षेपित; प्राकृतिक-कैमरा-ऑब्स्क्योरा-सिद्धान्त-प्रदर्शन
  • 9-मञ्जिला पूर्व राय-गोपुरम् ~50 मी (हम्पी का सर्वोच्च-स्मारक); ईंट-पाषाण-आधार-निर्माण
  • कृष्णदेवराय-राज्याभिषेक (1509) + 1510 ईस्वी रङ्ग-मण्डप-निर्माण-स्थल; भू-मध्य-शिवालय (प्रसन्न-विरूपाक्ष) 1513-शिलालेख कृष्णदेवराय-राज्याभिषेक-स्मारक-दान
01
मूल विग्रह

मुख्य देव एवं स्वरूप

श्री विरूपाक्ष (शिव-रूप शिवलिङ्ग); पत्नी देवी पम्पा (तुङ्गभद्रा-नदी की स्थानीय-देवी; पुरा-नाम पम्पा); उप-देवता: भुवनेश्वरी, सूर्य, चन्द्र, गणपति, सुब्रह्मण्य, नन्दी

विरूपाक्ष शिवलिङ्ग; तुङ्गभद्रा-तट हेमकूट-पर्वत-समीप मन्दिर; पम्पा-देवी ने यहाँ शिव-विवाह-हेतु तपस्या की (पम्पा-पति-कथा)

सम्प्रदाय: शैव-शाक्त-समन्वय (विरूपाक्ष + पम्पा); विजयनगर-साम्राज्य का कुल-देवता; प्रशासन: द्वि-स्तरीय — ASI (विश्व-धरोहर स्मारक-संरक्षण; 2023 ASI-कर्नाटक-राज्य-विवाद-काल विभाजित अधिकार-क्षेत्र-पुष्टि); धार्मिक-गतिविधि कर्नाटक मुज़राई-शासित

02
स्थल-पुराण

कथा, इतिहास एवं महत्व

पम्पा-पति कथा (पम्पा-क्षेत्र-मूल)

हम्पी का प्राचीन-नाम 'पम्पा-क्षेत्र' — तुङ्गभद्रा-नदी का वैदिक/पुराण-नाम 'पम्पा'। पार्वती ने हेमकूट-पर्वत पर शिव-विवाह-हेतु कठोर-तपस्या की एवं पम्पा-देवी-रूप में विरूपाक्ष-शिव से विवाह किया — इस-कारण विरूपाक्ष = पम्पा-पति; मन्दिर-निकट हम्पी-बाज़ार + हेमकूट-पर्वत-शिखर शिव-विवाह-तीर्थ-केन्द्र।

किष्किन्धा-काण्ड कथा (रामायण-स्थल)

रामायण-किष्किन्धा-काण्ड-अनुसार पम्पा-क्षेत्र वह स्थल जहाँ राम-लक्ष्मण ने सीता-अन्वेषण-काल हनुमान + सुग्रीव से भेंट की; अञ्जनाद्रि-पर्वत (हनुमान-जन्म-स्थल कर्नाटक-दावा-अनुसार) समीप; मतङ्ग-ऋषि-आश्रम-स्थल; शबरी-राम-भेंट-स्थल पारम्परिक-मान्यता।

विजयनगर-साम्राज्य ऐतिहासिक-वृत्तान्त (1336-1565)

हरिहर एवं बुक्क राय-स्थापित विजयनगर-साम्राज्य (1336 ईस्वी) ने हम्पी को राजधानी बनाया; विरूपाक्ष-कुल-देवता-घोषित। लक्कण दण्डेश (15वीं-शताब्दी देवराय द्वितीय-काल चीफ़) ने वृहत्-मन्दिर-निर्माण किया। कृष्णदेवराय (शासन 1509-1529) ने 1510 ईस्वी में अपने राज्याभिषेक (1509) के स्मारक-रूप केन्द्रीय रङ्ग-मण्डप-निर्माण किया एवं पूर्व-राय-गोपुरम्-विस्तार किया। 1513-शिलालेख भू-मध्य-शिवालय (प्रसन्न-विरूपाक्ष) में कृष्णदेवराय-दान-दर्ज। 23 जनवरी 1565 तालिकोट-युद्ध-पराजय-पश्चात् हम्पी का विनाश हुआ किन्तु विरूपाक्ष मन्दिर एकमात्र निरन्तर-पूज्य रहा।

छिद्र-कैमरा (पिनहोल) उल्टा-छाया-प्राकृतिक-चमत्कार

पूर्व-राय-गोपुरम् (9-मञ्जिला ~50 मी ऊँचा) की उल्टी-छाया मन्दिर-पश्चिम-दीवार के एक छोटे-छिद्र से रङ्ग-मण्डप-क्षेत्र की अन्तर्भाग-दीवार पर प्रक्षेपित होती है — विश्व का प्राचीन-कैमरा-ऑब्स्क्योरा-सिद्धान्त-प्रदर्शन-स्थल; अनेक-स्रोत-प्रलेखित।

लक्ष्मी-हाथिनी आशीर्वाद-परम्परा

मन्दिर-निवासी हाथिनी 'लक्ष्मी' श्रद्धालुओं को सूँड से सिर-स्पर्श-कर आशीर्वाद देती है — हम्पी-दर्शन का विश्व-प्रसिद्ध-अनुभव।

संत एवं परम्परा

  • पम्पा-देवी / पार्वती — पम्पा-पति-कथा-केन्द्रीय; हेमकूट-पर्वत-तपस्या
  • हरिहर एवं बुक्क राय — विजयनगर-साम्राज्य-स्थापक (1336); विरूपाक्ष-कुल-देवता-घोषक
  • लक्कण दण्डेश (15वीं-शताब्दी देवराय द्वितीय-काल चीफ़) — वृहत्-मन्दिर-निर्माता
  • कृष्णदेवराय (शासन 1509-1529) — 1510 केन्द्रीय रङ्ग-मण्डप-निर्माता; पूर्व-राय-गोपुरम्-विस्तारक; 1513 भू-मध्य-शिवालय-दानदाता
  • ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) — आधुनिक विश्व-धरोहर-स्मारक-संरक्षण
  • कर्नाटक मुज़राई (HR&CE) — आधुनिक धार्मिक-गतिविधि-शासन

ऐतिहासिक घटनाक्रम

  1. 7007वीं-शताब्दी ईस्वी — विरूपाक्ष शैव-स्थल-मूल-स्थापना (पुरातत्व-प्रमाण)Wikipedia + Karnataka.com बहु-स्रोत
  2. 9509-10वीं शताब्दी — शिलालेखों में शिव-उल्लेख प्रारम्भWikipedia बहु-स्रोत
  3. 1336हरिहर एवं बुक्क राय-स्थापित विजयनगर-साम्राज्य; हम्पी-राजधानी; विरूपाक्ष-कुल-देवताWikipedia + Britannica बहु-स्रोत
  4. 150015वीं-शताब्दी — लक्कण दण्डेश (देवराय द्वितीय-काल) वृहत्-मन्दिर-निर्माणWikipedia + Karnataka.com
  5. 1509कृष्णदेवराय-राज्याभिषेक; 1510 केन्द्रीय रङ्ग-मण्डप-निर्माण-प्रारम्भWikipedia बहु-स्रोत
  6. 1513भू-मध्य-शिवालय (प्रसन्न-विरूपाक्ष) में कृष्णदेवराय-राज्याभिषेक-स्मारक-दान-शिलालेखWikipedia Prasanna Virupaksha + Karnataka.com
  7. 156523 जनवरी 1565 तालिकोट-युद्ध-पराजय-पश्चात् हम्पी-विनाश; विरूपाक्ष मन्दिर-केवल निरन्तर-पूज्यWikipedia Hampi + Britannica बहु-स्रोत
  8. 1986UNESCO विश्व-धरोहर स्थल-घोषणा 'हम्पी स्मारक-समूह'UNESCO + ASI बहु-स्रोत
  9. 2026हम्पी उत्सव नवंबर-कार्यक्रम-पुनरारम्भ-घोषणा (मुख्यमन्त्री-निर्णय 2025; COVID-पश्चात् फरवरी-कार्यक्रम-त्याग)Deccan Chronicle 2025-12 + Karnataka Tourism
03
नित्य उपासना

दर्शन समय एवं आरती

06:00 से 21:00 तक · मध्याह्न विश्राम 12:30-17:00

मन्दिर-उद्घाटन + प्रात:-अभिषेक06:00
दैनिक
उच्च-पूजा (मध्याह्न)12:00
दैनिक
(मन्दिर-मध्याह्न-विश्राम)12:30-17:00
दैनिक
सायं-दर्शन-पुनरारम्भ17:00
दैनिक
सायं-दीप-आरती (सूर्यास्त-समय)~18:30
दैनिक
रात्रि-समापन-पूजा21:00
दैनिक

वस्त्र-संहिता: पारम्परिक भारतीय-वस्त्र अनुशंसित; पुरुष धोती/पैण्ट; स्त्री साड़ी/सलवार-सूट; शॉर्ट्स-निषिद्ध (गर्भगृह-प्रवेश-काल विशेष-कठोर)

फोटोग्राफी: बाह्य-प्राङ्गण फोटोग्राफी अनुमत (अनेक-स्रोत 50 रु कैमरा-शुल्क-दावा एकल-स्रोत); गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; प्राधिकारी-अनुमति-आवश्यक

विशेष नियम: ASI केन्द्रीय-संरक्षित स्मारक — निःशुल्क प्रवेश (विशेष-दर्शन 25 रु एकल-स्रोत-दावा); गर्भगृह-फोटोग्राफी निषिद्ध; मध्याह्न-विश्राम 12:30-17:00 (अनेक-स्रोत-सम्मति); दैनिक-समय स्रोत-असम्मति-कारण मन्दिर-पूर्व-कॉल अनुशंसित; तुङ्गभद्रा-नदी-स्नान दर्शन-पूर्व पारम्परिक

04
दर्शन

दर्शन के प्रकार

सामान्य निःशुल्क दर्शननिःशुल्क
समय
06:00-12:30 + 17:00-21:00

विरूपाक्ष शिवलिङ्ग + भुवनेश्वरी-शाला + नन्दी-दर्शन; 9-मञ्जिला राय-गोपुरम् बाह्य-दर्शन।

विशेष-दर्शन (अनेक-स्रोत 25 रु; एकल-स्रोत-flag)₹25

त्वरित-दर्शन व्यवस्था।

छिद्र-कैमरा-उल्टी-छाया-दर्शन (पूर्व-राय-गोपुरम्-प्रक्षेपण)निःशुल्क

रङ्ग-मण्डप-क्षेत्र की अन्तर्भाग-दीवार पर प्राकृतिक-कैमरा-ऑब्स्क्योरा-घटना; विश्व-प्रसिद्ध-अनुभव।

लक्ष्मी-हाथिनी-आशीर्वादनिःशुल्क

मन्दिर-निवासी हाथिनी 'लक्ष्मी' द्वारा सूँड-सिर-स्पर्श-आशीर्वाद।

महाशिवरात्रि-वार्षिक-दर्शन (15 फरवरी 2026)निःशुल्क

रात्रि-पर्यन्त चार-प्रहर-अभिषेक एवं जागरण; मन्दिर-प्रमुख-वार्षिक-उत्सव।

विरूपाक्ष-पम्पा कल्याणोत्सव-दर्शन (दिसंबर)निःशुल्क

वार्षिक विवाह-समारोह; देवी-देवता-विवाह-शोभायात्रा।

हम्पी उत्सव (नवंबर 2026-पुनरारम्भ-घोषित)निःशुल्क

कर्नाटक राज्य-सरकार-आयोजित ~3-दिवसीय उत्सव; नृत्य + संगीत + सांस्कृतिक-कार्यक्रम; नवंबर-कार्यक्रम-पुनरारम्भ 2026-से।

05
उत्सव

प्रमुख पर्व एवं उत्सव

महाशिवरात्रिफाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी; 2026: 15 फरवरी 2026

रात्रि-पर्यन्त चार-प्रहर-अभिषेक एवं जागरण; मन्दिर-प्रमुख-वार्षिक उत्सव

विरूपाक्ष-पम्पा कल्याणोत्सव (वार्षिक विवाह-समारोह)दिसंबर (फलपूजा + विवाह)

वार्षिक देवी-देवता-विवाह-समारोह; देवी-देवता-शोभायात्रा

रथोत्सव (वार्षिक चरियट-उत्सव)फाल्गुन (फरवरी-अप्रैल; स्रोत-असम्मति)

विरूपाक्ष-उत्सव-मूर्ति-रथ-शोभायात्रा

हम्पी उत्सव (कर्नाटक राज्य-सरकार-आयोजित)नवंबर (2026-से पुनरारम्भ; पूर्व-वर्ष COVID-पश्चात् फरवरी-आयोजित)

~3-दिवसीय राज्य-स्तरीय सांस्कृतिक-कार्यक्रम; नृत्य + संगीत

किष्किन्धा-पर्व (रामायण-स्मरण)विशेष-तिथि

हनुमान-सुग्रीव-राम-भेंट-स्थल-स्मरण

06
आस्था

मनोकामना एवं फल

महाशिवरात्रि-व्रत-संकल्प (15 फरवरी 2026)

रात्रि-पर्यन्त चार-प्रहर-अभिषेक एवं जागरण; UNESCO विश्व-धरोहर शिव-तीर्थ-शिवरात्रि-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: शिव-पुराण + परम्परा

विरूपाक्ष-पम्पा कल्याण-दर्शन-संकल्प (वैवाहिक-संकल्प)

वार्षिक दिसंबर देवी-देवता-विवाह-समारोह; पम्पा-पति-कथा-केन्द्रीय; वैवाहिक-सम्बन्ध-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Hampi.in बहु-स्रोत

विरूपाक्ष-शिवलिङ्ग-अभिषेक-संकल्प (1300+ वर्ष-निरन्तर-पूज्य)

भारत के सर्वाधिक-प्राचीन निरन्तर-पूज्य हिन्दू मन्दिरों में सम्मिलित; 7वीं-शताब्दी-मूल; अभिषेक-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: Wikipedia + Karnataka.com + ASI बहु-स्रोत

UNESCO विश्व-धरोहर-हम्पी-तीर्थयात्रा-संकल्प

हम्पी स्मारक-समूह 4,100 हेक्टेयर 1,600+ संरक्षित-स्मारक; विरूपाक्ष = एकमात्र निरन्तर-पूज्य; विश्व-धरोहर-दर्शन-संकल्प-तीर्थ

स्रोत: UNESCO + ASI बहु-स्रोत

किष्किन्धा-रामायण-स्थल-तीर्थयात्रा-संकल्प

रामायण-किष्किन्धा-काण्ड-केन्द्र; राम-हनुमान-सुग्रीव-भेंट-स्थल; अञ्जनाद्रि (हनुमान-जन्म-कर्नाटक-दावा) + मतङ्ग-ऋषि-आश्रम + शबरी-राम-भेंट-स्थल

स्रोत: वाल्मीकि-रामायण किष्किन्धा-काण्ड + परम्परा

लक्ष्मी-हाथिनी-आशीर्वाद-संकल्प

मन्दिर-निवासी हाथिनी 'लक्ष्मी' द्वारा सूँड-सिर-स्पर्श-आशीर्वाद; हम्पी-दर्शन का विश्व-प्रसिद्ध-अनुभव

स्रोत: अनेक-यात्रा-स्रोत बहु-स्रोत

07
जप

मन्त्र एवं स्तोत्र

  • शिव पञ्चाक्षरी मन्त्र (ॐ नम: शिवाय)पञ्चाक्षरी मन्त्रशैव-परम्परा
  • विरूपाक्ष-अष्टकम्अष्टक-स्तोत्रहम्पी-शैव-परम्पराइस मन्दिर हेतु
  • श्री रुद्रम् + चमकम् (महान्यास)वेद-स्तोत्रकृष्ण-यजुर्वेद तैत्तिरीय-संहिताअभिषेक-काल पाठ-परम्परा
  • पम्पा-स्तोत्रम्देवी-स्तोत्रहम्पी-शैव-शाक्त परम्पराइस मन्दिर हेतु
08
तीर्थाटन

समीप के तीर्थ एवं परिपथ

हेमकूट-पर्वत-शिव-तीर्थ-समूह200 मी

पम्पा-पार्वती-तपस्या-स्थल; अनेक छोटे शिव-मन्दिर; पम्पा-पति-कथा-केन्द्र

मन्मथ पुष्करिणी (मन्मथ-तीर्थ)100 मी

मन्दिर-संलग्न पुष्करिणी; 1199 ईस्वी-शिलालेख-दुर्गा-शाला-समीप; (पम्पा पुष्करिणी एक अन्य-तीर्थ अञ्जनाद्रि-समीप — असम्मेलित)

भू-मध्य-शिवालय (प्रसन्न-विरूपाक्ष)1.5 किमी

14वीं-शताब्दी अलग शिव-मन्दिर; 1513-कृष्णदेवराय-राज्याभिषेक-स्मारक-दान-शिलालेख; 1980-दशक-पुनर्खोज; पावस-काल बाढ़-कारण बन्द

विट्ठल मन्दिर + पाषाण-रथ2 किमी

विजयनगर-वास्तुकला-शिखर; प्रसिद्ध 'सङ्गीत-स्तम्भ' (शिला-स्तम्भ-स्पर्श-संगीत); पाषाण-रथ — भारत की मुद्रा-50 रु नोट-छवि

अञ्जनाद्रि-पर्वत (हनुमान-जन्म-कर्नाटक-दावा-स्थल)5 किमी

रामायण-किष्किन्धा-काण्ड-केन्द्र; हनुमान-जन्म-स्थल कर्नाटक-दावा-अनुसार

लोटस महल + क्वीन्स बाथ + एलिफेण्ट स्टेबल्स3 किमी

विजयनगर-शाही-वास्तुकला; इण्डो-इस्लामिक-समन्वय

तुङ्गभद्रा-नदी-घाट + हम्पी-बाज़ार (विरूपाक्ष-बाज़ार)50 मी

ऐतिहासिक स्तम्भ-पंक्ति बाज़ार-गली; मन्दिर-सम्मुख; तुङ्गभद्रा-स्नान दर्शन-पूर्व पारम्परिक

UNESCO विश्व-धरोहर हम्पी स्मारक-समूह-तीर्थयात्रा

एकमात्र निरन्तर-पूज्य मन्दिर; 4,100 हेक्टेयर समूह-केन्द्र-तीर्थ

1600 मंदिर

किष्किन्धा-रामायण-यात्रा (हम्पी + अञ्जनाद्रि + मतङ्ग-आश्रम + शबरी-स्थल)

राम-हनुमान-सुग्रीव-भेंट-स्थल-केन्द्र (पम्पा-तट)

5 मंदिर

पम्पा-क्षेत्र शैव-शाक्त-समन्वय-तीर्थयात्रा

विरूपाक्ष-पम्पा-विवाह-तीर्थ; हेमकूट-शिव-तीर्थ-समूह + तुङ्गभद्रा-नदी-तीर्थ

3 मंदिर

विजयनगर साम्राज्य ऐतिहासिक-यात्रा (हम्पी + पट्टदकल + बादामी + ऐहोले)

विजयनगर-कुल-देवता-तीर्थ; विजयनगर-राजधानी-केन्द्र

4 मंदिर

09
मार्गदर्शन

यात्रा एवं संपर्क

पता
श्री विरूपाक्ष मन्दिर, हम्पी (पम्पा-क्षेत्र), विजयनगर ज़िला, कर्नाटक — PIN 583239 (तुङ्गभद्रा-नदी-दक्षिण-तट)
हवाई अड्डा
जिन्दल विजयनगर हवाई अड्डा (VDY) — ~37 किमी; हुबली HBX — ~150 किमी वैकल्पिक
रेलवे
होस्पेट (होसपेटे) जङ्क्शन (HPT) — मन्दिर-से 13-14 किमी
बस-स्टैण्ड
होस्पेट बस-स्टैण्ड; कर्नाटक RTC नियमित-बस-सेवा हम्पी-तक
उत्तम ऋतु
महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026; विरूपाक्ष-पम्पा कल्याणोत्सव दिसंबर; हम्पी उत्सव नवंबर 2026 (पुनरारम्भ-घोषित); रथोत्सव फाल्गुन (फरवरी-अप्रैल); शीत-मासों (नवंबर-फरवरी) में यात्रा-आरामदायक; पावस-ऋतु (जून-सितंबर) में तुङ्गभद्रा-नदी-उच्च-स्तर भू-मध्य-शिवालय-बाढ़
प्रबन्धन
द्वि-स्तरीय प्रशासन — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) UNESCO विश्व-धरोहर स्मारक-संरक्षण (2023 ASI-कर्नाटक-राज्य-विवाद-काल विभाजित अधिकार-क्षेत्र-पुष्टि); धार्मिक-गतिविधि कर्नाटक हिन्दू धार्मिक एवं चैरिटेबल एण्डाउमेण्ट्स विभाग (मुज़राई / HR&CE)-शासित
वेबसाइट
https://asi.nic.in
13 किमीHospet Junction Railway
37 किमीJindal Vijayanagar Airport
150 किमीHubli
350 किमीBangalore
370 किमीHyderabad
350 किमीGoa
320 किमीBelur-Halebidu
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