तीर्थ यात्रा
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12 ज्योतिर्लिंग यात्रा से क्या पुण्य मिलता है?
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संक्षिप्त उत्तर
शिव स्वयं प्रकट 12 स्थान। सम्पूर्ण यात्रा = सभी पाप नाश + शिवलोक। सोमनाथ→घृष्णेश्वर। 'सौराष्ट्रे सोमनाथं...' प्रातः स्मरण = दर्शन तुल्य। जीवन में 12 = दुर्लभ पुण्य।
12 ज्योतिर्लिंग = शिव स्वयं प्रकट (ज्योति स्वरूप) — शिव पुराण। सम्पूर्ण यात्रा = महापुण्य।
12 ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ (गुजरात), मल्लिकार्जुन (आंध्र), महाकालेश्वर (उज्जैन), ॐकारेश्वर (MP), केदारनाथ (उत्तराखंड), भीमाशंकर (महाराष्ट्र), काशी विश्वनाथ (वाराणसी), त्र्यंबकेश्वर (नासिक), वैद्यनाथ (देव
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