विस्तृत उत्तर
12 ज्योतिर्लिंग = शिव स्वयं प्रकट (ज्योति स्वरूप) — शिव पुराण। सम्पूर्ण यात्रा = महापुण्य।
12 ज्योतिर्लिंग: सोमनाथ (गुजरात), मल्लिकार्जुन (आंध्र), महाकालेश्वर (उज्जैन), ॐकारेश्वर (MP), केदारनाथ (उत्तराखंड), भीमाशंकर (महाराष्ट्र), काशी विश्वनाथ (वाराणसी), त्र्यंबकेश्वर (नासिक), वैद्यनाथ (देवघर), नागेश्वर (द्वारका), रामेश्वरम (TN), घृष्णेश्वर (औरंगाबाद)।
पुण्य: शिव पुराण — 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन = सभी पापों का नाश + शिव लोक प्राप्ति। *'सौराष्ट्रे सोमनाथं च...'* श्लोक का प्रातः स्मरण = ज्योतिर्लिंग दर्शन तुल्य।
यात्रा: जीवन में 12 ज्योतिर्लिंग सम्पूर्ण = अत्यंत दुर्लभ पुण्य। क्रम कोई भी।





