वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों की विशेषताएँ, स्वामी ग्रह, तत्व, शुभ रत्न और मंत्र
मेष राशि के जातक साहसी, ऊर्जावान और नेतृत्व करने में दक्ष होते हैं।...
वृषभ राशि के जातक धैर्यवान, विश्वसनीय और व्यावहारिक स्वभाव के होते हैं।...
मिथुन राशि के जातक बुद्धिमान, बहुमुखी और संचार में कुशल होते हैं।...
कर्क राशि के जातक भावुक, देखभाल करने वाले और परिवार से गहरा जुड़ाव रखते हैं।...
सिंह राशि के जातक आत्मविश्वासी, उदार और प्राकृतिक नेता होते हैं।...
कन्या राशि के जातक विश्लेषणात्मक, परिश्रमी और विवरण पर ध्यान देने वाले होते हैं।...
तुला राशि के जातक संतुलन प्रिय, न्यायप्रिय और सामाजिक स्वभाव के होते हैं।...
वृश्चिक राशि के जातक तीव्र, दृढ़निश्चयी और गहन भावनाओं वाले होते हैं।...
धनु राशि के जातक आशावादी, स्वतंत्र और ज्ञान की खोज में रहने वाले होते हैं।...
मकर राशि के जातक महत्वाकांक्षी, अनुशासित और दीर्घकालिक लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं।...
कुंभ राशि के जातक प्रगतिशील, मानवतावादी और मौलिक विचारों वाले होते हैं।...
मीन राशि के जातक कल्पनाशील, सहानुभूतिपूर्ण और आध्यात्मिक झुकाव वाले होते हैं।...
वैदिक ज्योतिष में राशि (Rashi) का अर्थ है चंद्रमा की स्थिति के अनुसार व्यक्ति का जन्म चिन्ह। कुल 12 राशियाँ होती हैं — मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। प्रत्येक राशि का एक स्वामी ग्रह, तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) और गुण (चर, स्थिर, द्विस्वभाव) होता है।
राशि जानने से व्यक्ति के स्वभाव, करियर, प्रेम सम्बन्ध, स्वास्थ्य और जीवन की दिशा का अनुमान लगाया जा सकता है। प्रत्येक राशि के लिए शुभ रत्न, मंत्र और आराध्य देवता भी निर्धारित हैं जिनकी उपासना से ग्रह दोषों का निवारण होता है।