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आज का पंचांग

सोमवार, 30 मार्च 2026

दिल्ली|06:14 - 18:38
तिथि
शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र
मघा (3 पाद)
वार
सोमवार

मूल पंचांग

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
तिथि
शुक्ल द्वादशी
नक्षत्र
मघा (3 पाद)
वार
सोमवार
चंद्र राशि
सिंह
हिंदू माह
फाल्गुन – चैत्र संवत 2082 - 2083 | Phalguna 2082 - Chaitra 2083

समय विवरण

शुभ और अशुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त
04:38 - 05:26
सूर्योदय
06:14
अभिजित मुहूर्त
12:02 - 12:50
राहु काल
07:47 - 09:20
यमगंड काल
09:20 - 10:53
गुलिक काल
13:59 - 15:32
सूर्यास्त
18:38
आज विशेष
सोम प्रदोष व्रत | Soma Pradosh Vrat

आगामी त्योहार

आज
30-03-2026
2 दिन
01-04-2026
3 दिन
02-04-2026
6 दिन
05-04-2026

और जानें

पंचांग क्या है?

पंचांग (संस्कृत: पञ्चाङ्ग) हिंदू काल-गणना का एक पवित्र ग्रंथ है जिसमें पाँच मुख्य तत्वों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — की जानकारी होती है। यह वैदिक ज्योतिष पर आधारित है और हजारों वर्षों से भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। पंचांग के आधार पर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहारों की तिथियाँ और विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन जैसे संस्कारों के मुहूर्त निकाले जाते हैं। प्रत्येक दिन का पंचांग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक मान्य होता है। तिथि चंद्रमा की कला पर, नक्षत्र चंद्रमा की राशि स्थिति पर और योग सूर्य-चंद्र के संयुक्त भोग पर निर्भर करता है।

आज के पंचांग का महत्व

प्रतिदिन पंचांग देखने से आप जान सकते हैं कि आज कौन सी तिथि है, कौन सा मुहूर्त शुभ है और कब कोई महत्वपूर्ण काम प्रारंभ करना चाहिए। राहु काल में नए काम शुरू न करने की परंपरा है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ध्यान-पूजन करने से दिन शुभ बनता है। अभिजित मुहूर्त दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है — इसमें किया गया कोई भी शुभ कार्य सफल होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रआज कौन सी तिथि है?
आज की तिथि: शुक्ल द्वादशी
प्रआज राहु काल कब है?
दिल्ली के अनुसार राहु काल 07:47 से 09:20 बजे तक है।
प्रआज कौन सा नक्षत्र है?
आज का नक्षत्र: मघा (3 पाद)
प्रब्रह्म मुहूर्त कब होता है?
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर 48 मिनट चलता है। यह ध्यान, योग और वेद पाठ के लिए सर्वोत्तम समय है।
प्रअभिजित मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त दोपहर के मध्य में 48 मिनट का होता है। यह दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त माना जाता है।