पंचांग (संस्कृत: पञ्चाङ्ग) हिंदू काल-गणना का एक पवित्र ग्रंथ है जिसमें पाँच मुख्य तत्वों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — की जानकारी होती है। यह वैदिक ज्योतिष पर आधारित है और हजारों वर्षों से भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। पंचांग के आधार पर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहारों की तिथियाँ और विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन जैसे संस्कारों के मुहूर्त निकाले जाते हैं। प्रत्येक दिन का पंचांग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक मान्य होता है। तिथि चंद्रमा की कला पर, नक्षत्र चंद्रमा की राशि स्थिति पर और योग सूर्य-चंद्र के संयुक्त भोग पर निर्भर करता है।
प्रतिदिन पंचांग देखने से आप जान सकते हैं कि आज कौन सी तिथि है, कौन सा मुहूर्त शुभ है और कब कोई महत्वपूर्ण काम प्रारंभ करना चाहिए। राहु काल में नए काम शुरू न करने की परंपरा है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ध्यान-पूजन करने से दिन शुभ बनता है। अभिजित मुहूर्त दिन का सर्वश्रेष्ठ समय है — इसमें किया गया कोई भी शुभ कार्य सफल होता है।