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आज का राहु काल

मंगलवार, 31 मार्च 2026

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:38
अवधि
~90 मिनट

आज का राहु काल — दिल्ली

अशुभ काल
15:3217:05
सूर्योदय: 06:13
सूर्यास्त: 18:38

साप्ताहिक राहु काल तालिका (दिल्ली)

वार
राहु काल समय
प्रहर
मंगलवार
आज
15:32 — 17:05
बुधवार
12:25 — 13:59
गुरुवार
13:59 — 15:32
शुक्रवार
10:51 — 12:25
शनिवार
09:16 — 10:50
रविवार
17:07 — 18:41
सोमवार
07:40 — 09:15

राहु काल में क्या करें -- क्या न करें

कर सकते हैं
नित्य पूजा-पाठ
दैनिक आराधना जारी रखें
राहु मंत्र जाप
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
दुर्गा माता की आराधना
दुर्गा चालीसा पठन शुभ
रोज़मर्रा के काम
सामान्य दिनचर्या सुरक्षित
न करें
नए व्यापार की शुरुआत
व्यापारिक उद्घाटन टालें
विवाह / गृह प्रवेश
शुभ संस्कार इस काल में न करें
महत्वपूर्ण यात्रा
लंबी यात्रा स्थगित रखें
बड़े वित्तीय निर्णय
निवेश और ऋण से बचें

राहु काल क्या है?

राहु काल (Rahu Kaal) हिंदू ज्योतिष में प्रतिदिन का एक विशेष अशुभ काल है जो राहु ग्रह के प्रभाव में होता है। सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच का समय 8 बराबर भागों में बाँटा जाता है। इनमें से एक भाग राहु काल होता है -- लगभग 90 मिनट

वार अनुसार राहु काल का क्रम: रविवार को 8वाँ भाग, सोमवार को 2वाँ, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6वाँ, शुक्रवार को 4वाँ और शनिवार को 3वाँ भाग राहु काल होता है।

स्मरण सूत्र

इसे स्मरण रखने के लिए "रा -- म -- बु -- शु -- गु -- श -- र" क्रम याद किया जाता है। यह क्रम बताता है कि किस वार को कौन-सा भाग राहु काल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?

राहु काल में नए कार्य की शुरुआत, विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार प्रारंभ और यात्रा से बचना चाहिए। यह समय राहु ग्रह के अशुभ प्रभाव में होता है।

राहु काल कितने समय का होता है?

राहु काल लगभग 90 मिनट (डेढ़ घंटे) का होता है। यह सूर्योदय से सूर्यास्त के समय को 8 बराबर भागों में बाँटने पर एक भाग के बराबर होता है।

क्या राहु काल में पूजा कर सकते हैं?

हाँ, राहु काल में राहु की पूजा और दुर्गा माता की आराधना शुभ मानी जाती है। नित्य पूजा-पाठ और मंत्र जाप जारी रखा जा सकता है।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के कुल समय को 8 भागों में बाँटकर वार के अनुसार निर्धारित भाग राहु काल माना जाता है। हर शहर में सूर्योदय-सूर्यास्त के समय अलग होने से राहु काल भी अलग होता है।

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