विस्तृत उत्तर
मणिकर्णिका घाट = काशी का सबसे पवित्र श्मशान; गंगा तट; 24×7 अग्नि जलती (हजारों वर्ष से कभी बुझी नहीं)।
विशेष पुण्य: काशी में मृत्यु = मोक्ष (शिव = तारक मंत्र कान में कहते); मणिकर्णिका = सबसे पुण्यदायक श्मशान। कहते हैं शिव स्वयं यहां तारक मंत्र देते हैं — इसलिए काशी में मरना = सीधे मोक्ष।
कथा: विष्णु तपस्या → सुदर्शन चक्र से कुंड खोदा → पार्वती का मणिकर्ण (कान का आभूषण) गिरा = मणिकर्णिका।
दर्शन नियम: फोटो/वीडियो सख्त वर्जित (अत्यंत संवेदनशील)। शांति+श्रद्धा से जाएं। डोम राजा = श्मशान प्रमुख (परंपरागत)।





