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ज्योतिष उपाय

ग्रह दोष निवारण, राशि अनुसार उपाय, कुंडली ज्ञान, नवग्रह शांति — ज्योतिष सम्बन्धी सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर।

218प्रश्नोत्तर
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नवग्रह यंत्र कैसे स्थापित करें?

शुक्ल पक्ष रविवार/नवरात्रि। पूर्व/ईशान दिशा, लाल कपड़ा, पंचामृत+गंगाजल शुद्धि, 'ब्रह्मा मुरारि त्रिपुरांतकारी...' 108 बार। प्रतिदिन धूप-दीप। 9 ग्रह एक साथ शांत। प्रामाणिक यंत्र+नित्य पूजा अनिवार्य।

ज्योतिष उपायनवग्रह यंत्रस्थापना
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शनि साढ़ेसाती से बचने के 10 उपाय?

शनिवार पूजा+दीपक, पीपल 7 परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, हनुमान मंगल+शनि, दान(तिल/तेल/लोहा/कंबल), छाया दान, शनि चालीसा, गरीब सेवा, शनि मंदिर, सत्य+कर्म(सबसे बड़ा)।

ज्योतिष उपायसाढ़ेसातीउपाय
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कुंडली में संन्यास योग कैसे दिखता है?

4+ ग्रह एक भाव, शनि+चंद्र(विरक्ति), केतु 1/9/12(मोक्ष), गुरु+केतु(ज्ञान+वैराग्य), 12वाँ शुभ। संन्यास योग≠संन्यास अनिवार्य — आध्यात्मिक रुचि/ध्यान प्रवृत्ति।

कुंडली ज्ञानसंन्यास योगवैराग्य
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एकादशी को कौन से काम न करें?

एकादशी=विष्णु व्रत। न करें: अन्न(चावल विशेष), मांस, दिन सोना, क्रोध, झूठ। करें: विष्णु पूजा, गीता, व्रत, जप, दान। उपवास+भक्ति दिन।

तिथि शास्त्रएकादशीवर्जित
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नवग्रह शांति के लिए नौ ग्रहों के बीज मंत्र

नौ ग्रहों की शांति के लिए उनके विशिष्ट बीजाक्षरों से युक्त तांत्रिक मंत्र निर्धारित हैं। पीड़ित ग्रह के दिन उचित माला से इन मंत्रों का जप करने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव दूर होता है।

दोष निवारणनवग्रहबीज मंत्र
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शनि देव का तांत्रिक मंत्र और जप का समय

शनि के तांत्रिक मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जप हमेशा सूर्यास्त के बाद या रात्रि में, पश्चिम मुख होकर काले हकीक की माला से करना चाहिए।

ग्रह शांतिशनितांत्रिक मंत्र
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मंगल महादशा में क्या करना चाहिए?

7 वर्ष। हनुमान पूजा(मंगलवार), 'ॐ अं अंगारकाय' 108, मूंगा(ज्योतिषी), लाल वस्तु/मसूर/गुड़ दान, सुंदरकांड, क्रोध नियंत्रण(योग)। शुभ=भूमि/साहस/खेल। ऊर्जा=खेल/व्यायाम/सेवा में लगाएँ।

ज्योतिष उपायमंगलमहादशा
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कुंडली में राजयोग कैसे देखें?

केंद्र(1,4,7,10)+त्रिकोण(1,5,9) स्वामी संबंध=पाराशरी राजयोग। गजकेसरी=गुरु+चंद्र केंद्र। नीच भंग=नीच ग्रह+स्वामी देखे। विपरीत=6/8/12। धन=1,2,5,9,11। फल=दशा+बल पर निर्भर। ⚠️ ज्योतिषी अनिवार्य — बहुत जटिल, स्वयं निर्णय=भ्रम।

कुंडली ज्ञानराजयोगकुंडली
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गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

ग्रह उपायगुरुबृहस्पति
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पूर्णिमा को कौन से काम शुभ?

पूर्णिमा=पूर्ण चंद्र। शुभ: सत्यनारायण, व्रत, दान, पूजा, गंगा स्नान, तीर्थ। गृहप्रवेश/विवाह कुछ में वर्जित। भक्ति+दान+साधना दिन।

तिथि शास्त्रपूर्णिमाशुभ
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बुधादित्य योग का क्या प्रभाव होता है?

सूर्य+बुध एक भाव=बुधादित्य। बुद्धि, वाक्पटुता, शिक्षा, लेखन। ⚠️ बहुत आम(हर 3री कुंडली)। सच्चा फल=दोनों बली+शुभ भाव+अस्त नहीं। बुध अस्त=निष्फल।

कुंडली ज्ञानबुधादित्य योगसूर्य
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शुक्र गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?

'ॐ अश्वध्वजाय विद्महे...तन्नो शुक्रः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः' 16,000। शुक्रवार, श्वेत वस्त्र, हीरा/स्फटिक। शुक्र = सुख/सौंदर्य/दांपत्य। + लक्ष्मी पूजा।

ग्रह मंत्रशुक्रगायत्री
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नक्षत्र और राशि में क्या अंतर है?

राशि=12 भाग(30°), नक्षत्र=27 भाग(13°20')। 1 राशि=2¼ नक्षत्र। राशि=सामान्य, नक्षत्र=सूक्ष्म। नक्षत्र=वैदिक ज्योतिष मूल। राशि=शहर, नक्षत्र=मोहल्ला।

ज्योतिष ज्ञाननक्षत्रराशि
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बुध गायत्री मंत्र का जप बुद्धि वृद्धि के लिए कैसे करें?

'ॐ गजध्वजाय विद्महे...तन्नो बुधः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' 9,000। बुधवार, हरे वस्त्र, पन्ना/स्फटिक। बुध = बुद्धि/वाणी कारक। + गणेश + सरस्वती = अधिकतम।

ग्रह मंत्रबुधगायत्री
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बुधवार को कौन से काम शुभ?

बुधवार=बुध(बुद्धि/व्यापार)। सभी कार्य शुभ — व्यापार, दुकान, बैंक, शिक्षा, लेखन, संचार, गृहप्रवेश। कोई विशेष वर्जना नहीं।

वार शास्त्रबुधवारशुभ
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शनि महादशा में क्या करें?

19 वर्ष(सबसे लंबी)। दैनिक: 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, हनुमान चालीसा, पीपल तेल दीपक। शनिवार: तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, शनि चालीसा। सेवा: गरीब/वृद्ध/दिव्यांग। शनि=शिक्षक — कर्म शुद्धि=सबसे बड़ा उपाय। अपमान/झूठ/शोषण=कठोर दंड।

ज्योतिष उपायशनिमहादशा
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शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

ग्रह उपायशनिशनिवार
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शुभ चौघड़िया में कौन से काम करें?

अमृत=सभी शुभ। शुभ=पूजा/विवाह/शिक्षा। लाभ=व्यापार/खरीद। चर=यात्रा। काल=कमाई। उद्वेग=सरकारी। रोग=शत्रु। महत्वपूर्ण=अमृत/शुभ/लाभ।

मुहूर्त शास्त्रशुभ चौघड़ियाकार्य
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रत्न कितने दिन में असर दिखाता है?

नीलम 2-3 दिन(तेज), मोती 10-15, पुखराज 15, माणिक/हीरा/गोमेद 15-30, मूंगा 21-30, पन्ना 30-45, लहसुनिया ~1 माह। 3-5 वर्ष प्रभाव।

रत्न शास्त्ररत्न असरसमय
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नवग्रह शांति मंत्र का जप एक साथ कैसे करें?

सरलतम: नवग्रह स्तोत्र ('जपाकुसुमसंकाशं...') प्रतिदिन = 5 मिनट = 9 ग्रह शांत। क्रमिक: 9 ग्रह × 108 = 972 जप। एकत्र बीज मंत्र (सभी बीज एक में) 108 बार। शनिवार/रविवार। सूर्योदय।

ज्योतिषनवग्रहएक साथ
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शुक्रवार को सफेद वस्तुएं दान करने का क्या महत्व है?

शुक्रवार शुक्र ग्रह का दिन है, सफेद रंग शुक्र का कारक है। सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, वस्त्र, मिश्री) का दान करने से शुक्र मजबूत होता है — वैवाहिक सुख, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि बढ़ती है।

ज्योतिष नियमशुक्रवारशुक्र ग्रह
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शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

वार शास्त्रशुक्रवारशुभ
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विंशोत्तरी दशा पद्धति क्या है?

पराशर प्रणीत, सबसे प्रचलित। 9 ग्रह=120 वर्ष (सूर्य6+चंद्र10+मंगल7+राहु18+गुरु16+शनि19+बुध17+केतु7+शुक्र20)। जन्म नक्षत्र=पहली दशा। योग+दशा=फलित। सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी उपकरण।

ज्योतिष ज्ञानविंशोत्तरीदशा
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लहसुनिया रत्न केतु शांति में कैसे सहायक?

लहसुनिया=केतु। रोग मुक्ति, दुर्घटना रक्षा, धनलाभ। अनामिका, चांदी, शनिवार, 'ॐ कें केतवे नमः'। ~1 माह। ज्योतिषी सलाह।

रत्न शास्त्रलहसुनियाकेतु
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गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

वार शास्त्रगुरुवारशुभ
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नवग्रह स्तोत्र रोज पढ़ने से लाभ?

9 ग्रह एक साथ शांत('ज्योतिषीय सर्वरोग औषधि')। दोष/साढ़ेसाती/दशा कम। प्रातः 1 बार(3 min)। रविवार विशेष। व्यास रचित।

ज्योतिष उपायनवग्रह स्तोत्रदैनिक
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शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

ज्योतिष नियमशनिवारलोहा
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शनि देव को तेल क्यों चढ़ाते हैं?

कथा: माता छाया ने तेल से शनि ठीक किए=तेल प्रिय। छाया दान=तेल में चेहरा देखकर=शनि(छाया पुत्र)। शनिवार शाम, पीपल/मंदिर, लोहा पात्र, 'ॐ शं शनैश्चराय नमः'।

ज्योतिषशनितेल
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राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18,000। सरल: 'ॐ रां राहवे नमः' 108 नित्य। शनिवार/बुधवार रात्रि, काले वस्त्र, गोमेद/रुद्राक्ष माला, सरसों दीपक। 40 दिन। दुर्गा सप्तशती भी प्रभावी। ज्योतिषी परामर्श।

ज्योतिषराहुमंत्र
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शनि स्तोत्र से शनि दोष कैसे दूर?

दशरथ कृत शनि स्तोत्र(सबसे प्रभावी), वज्रपंजर कवच, बीज मंत्र('ॐ प्रां प्रीं प्रौं'), शनि गायत्री, चालीसा, महामृत्युंजय। शनिवार+दान+हनुमान+कर्म शुद्धि=40 दिन।

ज्योतिष उपायशनि स्तोत्रदोष
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ग्रह दोष और पितृ दोष में क्या संबंध?

पितृ दोष=विशेष ग्रह दोष। सूर्य/चंद्र/9वें पर राहु-केतु-शनि=संकेत। पूर्वजों अतृप्ति=कुंडली ग्रह दोष। उपाय: श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, कौवा/गाय रोटी। पितर तृप्ति=ग्रह दोष कम।

ज्योतिष दर्शनग्रह दोषपितृ दोष
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मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

ज्योतिष नियममंगलवारलाल कपड़ा
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राहु शांति के लिए दान क्या करें?

काले तिल, नारियल(नदी प्रवाहित), काला कंबल, सरसों, लोहा, उड़द, छाया दान, मछली(नदी)। राहु काल में=विशेष। सबसे सरल: नारियल+तिल+उड़द।

ज्योतिष उपायराहुदान
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पति पत्नी के झगड़े खत्म करने का मंत्र

दांपत्य जीवन में अकारण हो रहे वाद-विवाद को खत्म कर प्रेम बढ़ाने के लिए शिव-पार्वती के संयुक्त मंत्र 'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' या 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' का नियमित जप करना चाहिए।

दोष निवारणदांपत्य जीवनपति-पत्नी
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विदेशी यात्रा के लिए मंत्र

वीज़ा और विदेश यात्रा में आ रही सभी बाधाओं को दूर करने के लिए रात्रि के समय राहु ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का संकल्पित जप करना चाहिए।

दोष निवारणविदेशी यात्राराहु
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नजर उतारने का शाबर मंत्र

बुरी नजर को तुरंत नष्ट करने के लिए पीड़ित पर से नमक या मोरपंख को सात बार उतारते हुए हनुमान जी के शाबर मंत्र ('ॐ हनुमान पहलवान...') का उच्चारण करना अत्यंत अचूक है।

दोष निवारणनजर दोषशाबर मंत्र
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चोरी हुई चीज वापस पाने का मंत्र

चोरी हुई या खोई वस्तु को पुनः प्राप्त करने के लिए मंगलवार को लाल आसन पर बैठकर भगवान कार्तिकेय के मंत्र 'ॐ शरवणभवाय नमः' या राहु के बीज मंत्र का जप करना चाहिए।

दोष निवारणखोई वस्तुकार्तिकेय
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कर्ज उतारने का ऋणमोचन मंगल मंत्र

भारी कर्ज उतारने के लिए मंगलवार को लाल वस्त्र पहनकर 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' (मङ्गलो भूमिपुत्रश्च...) का पाठ और मंगल के बीज मंत्र का जप सर्वोत्तम शास्त्रीय उपाय है।

दोष निवारणकर्ज मुक्तिमंगल देव
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घर की कलह दूर करने का मंत्र

परिवार में शांति और प्रेम स्थापित करने के लिए क्लेशनाशक मंत्र 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥' का प्रतिदिन पाठ करना सर्वोत्तम उपाय है।

दोष निवारणपारिवारिक कलहशांति
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सफ़र में सुरक्षा का मंत्र

सफ़र के दौरान दुर्घटनाओं और संकटों से बचने के लिए वाहन में बैठते समय श्री राम रक्षा स्तोत्र के अमोघ श्लोक 'आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्...' का तीन बार उच्चारण करना चाहिए।

दोष निवारणयात्रासुरक्षा
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नजर उतारने का मंत्र हिंदी

बुरी नजर के प्रभाव को तत्काल नष्ट करने के लिए मोरपंख या राख से पीड़ित को सात बार उतारते हुए हनुमान जी के शाबर मंत्र ('ॐ नमो सत्य नाम...') का उच्चारण करना चाहिए।

दोष निवारणनजर दोषशाबर मंत्र
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डरावने सपनों का हनुमान मंत्र

नींद में डरावने सपनों और नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए बिस्तर पर लेटकर हनुमान चालीसा की चौपाई 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै...' का 11 बार मानसिक जप करना चाहिए।

दोष निवारणडरावने सपनेहनुमान
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कर्ज उतारने का रामबाण मंत्र

कर्ज के जाल से शीघ्र बाहर निकलने के लिए मंगल देव के मंत्र 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' और गणेश जी के 'ऋणहर्ता मंत्र' का नियमित रूप से जप करना रामबाण उपाय है।

दोष निवारणकर्ज मुक्तिमंगल देव
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वास्तु दोष दूर करने का सिद्ध वास्तु मंत्र

घर के वास्तु दोषों को बिना तोड़-फोड़ के शांत करने के लिए ईशान कोण में बैठकर 'ॐ वास्तु पुरुषाय नमः' या वैदिक वास्तु मंत्र का नियमित जप करना सर्वोत्तम उपाय है।

दोष निवारणवास्तु दोषवास्तु पुरुष
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पित्रों की शांति और तृप्ति के लिए मंत्र

पितरों की शांति के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल और काले तिल से तर्पण करते हुए 'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' का जप और गीता के सातवें अध्याय का पाठ करना चाहिए।

दोष निवारणपितृ दोषतर्पण
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नजर दोष और काला जादू उतारने का हनुमान मंत्र

काले जादू और बुरी नजर को तत्काल काटने के लिए पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से मोरपंख घुमाते हुए हनुमान जी के शाबर मंत्र या 'हनुमान वडवानल स्तोत्र' का पाठ करना चाहिए।

दोष निवारणनजर दोषकाला जादू
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मानसिक तनाव और डिप्रेशन दूर करने का मंत्र

डिप्रेशन और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' और चंद्र देव के बीज मंत्र का गहरी सांसों के साथ मानसिक जप करना चाहिए।

दोष निवारणमानसिक तनावडिप्रेशन
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विदेश यात्रा में आ रही बाधा दूर करने का मंत्र

वीज़ा और विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने के लिए राहु के बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' और भगवान काल भैरव की उपासना करनी चाहिए।

दोष निवारणविदेश यात्राराहु
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भयंकर रोगों से मुक्ति का धनवंतरि मंत्र

असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए भगवान धनवंतरि के मंत्र का जप करना चाहिए। औषधि ग्रहण करने से पूर्व इस मंत्र का स्मरण करने से दवा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

दोष निवारणधनवंतरिरोग निवारण
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कर्ज से मुक्ति के लिए ऋणमोचक मंगल मंत्र

भारी कर्ज से मुक्ति के लिए मंगलवार के दिन लाल वस्त्र धारण कर 'ऋणमोचक मंगल स्तोत्र' का पाठ और मंगल देव के तांत्रिक बीज मंत्र का जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।

दोष निवारणकर्ज मुक्तिमंगल देव
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नजर दोष उतारने का शाबर मंत्र

बुरी नजर के प्रभाव को तत्काल नष्ट करने के लिए मोरपंख या राख से सात बार उतारते हुए हनुमान जी या नरसिंह भगवान के शाबर मंत्रों का प्रयोग अत्यंत अचूक होता है।

दोष निवारणनजर दोषशाबर मंत्र
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घर की नकारात्मकता के लिए मंत्र

घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए प्रातःकाल गायत्री मंत्र का सस्वर पाठ करें और 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र पढ़ते हुए घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

दोष निवारणवास्तुनकारात्मकता
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अनिद्रा दूर करने का मंत्र

विचारों की चंचलता रोककर गहरी नींद के लिए 'अगस्तिर्माधवश्चैव मुचुकुन्दो...' श्लोक या 'ॐ शान्तिः' का बिस्तर पर लेटकर मानसिक जप करना चाहिए।

दोष निवारणअनिद्राशांति
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मानसिक शांति के लिए बुद्ध मंत्र

तनाव और मानसिक अशांति दूर करने के लिए बुध ग्रह का बीज मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः' जपना चाहिए। यह मस्तिष्क की नसों को शांत कर एकाग्रता बढ़ाता है।

ग्रह शांतिमानसिक शांतिबुध ग्रह
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पितृ दोष दूर करने का मंत्र

अमावस्या या शनिवार को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके 'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' का जप करने और पुण्य अर्पित करने से पितृ दोष पूर्णतः शांत हो जाता है।

दोष निवारणपितृ दोषमोक्ष
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नवग्रह शांति के लिए बीज मंत्र

ग्रहों के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए नवग्रहों के विशिष्ट बीज मंत्रों का जप उनके निर्धारित दिन और उचित माला से करना चाहिए, जिससे ग्रहों की ऊर्जा संतुलित होती है।

दोष निवारणनवग्रहबीज मंत्र
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भद्रा काल क्या है — इसमें कौन से काम न करें?

भद्रा(विष्टि करण)=अशुभ करण। प्रति पक्ष 4 बार। सभी मांगलिक कार्य वर्जित(विवाह/गृहप्रवेश/व्यापार)। मुख=अत्यंत अशुभ, पूँछ=कम। .com→'भद्रा काल'।

मुहूर्त शास्त्रभद्राविष्टि करण
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ग्रहों की दशा खराब हो तो क्या उपाय करें?

नवग्रह स्तोत्र(रोज़ 3 min), हनुमान चालीसा, नवग्रह हवन, ग्रह-विशिष्ट बीज मंत्र 108+दान+वार व्रत, रत्न(ज्योतिषी), गरीब सेवा, गीता कर्मयोग। ज्योतिषी से कुंडली-विशिष्ट। कर्म शुद्धि=सबसे बड़ा उपाय।

ज्योतिष उपायदशाग्रह
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नीच भंग राजयोग कैसे बनता है?

नीच ग्रह+राशि स्वामी देखे/केंद्र/उच्च युति/शुभ दृष्टि=नीचता भंग→राजयोग। रंक→राजा, प्रतिकूलता→उत्कर्ष। Self-made सफल लोगों में। ⚠️ जटिल — ज्योतिषी पुष्टि।

कुंडली ज्ञाननीच भंगराजयोग
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केतु महादशा में क्या समस्या आती है और उपाय?

7 वर्ष। अचानक हानि/रोग/वैराग्य/दिशाहीनता। 'ॐ कें केतवे' 108, गणेश पूजा(केतु नियंत्रक), गणपति अथर्वशीर्ष, कुत्ते को रोटी, सप्तरंगी/सप्तधान्य दान, लहसुनिया(ज्योतिषी)। आध्यात्मिक साधना=सर्वोत्तम। केतु=मोक्ष द्वार।

ज्योतिष उपायकेतुमहादशा
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ज्योतिष उपाय — प्रश्नोत्तर

ज्योतिष उपाय से सम्बन्धित 218+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर यहाँ उपलब्ध हैं। सनातन धर्म के विद्वानों द्वारा दिए गए इन उत्तरों में वेद, पुराण, उपनिषद और शास्त्रों के प्रमाण दिए गए हैं। यदि आप ज्योतिष उपाय के बारे में कोई भी प्रश्न खोज रहे हैं — चाहे विधि हो, नियम हो, सामग्री हो या लाभ — तो यहाँ आपको शास्त्रसम्मत उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर में स्रोत, विधि और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है।

अन्य विषय

🙏
पूजा विधि
24 विषय
📿
मंत्र जाप विधि
56 विषय
🔱
शिव पूजा
43 विषय
🔮
तंत्र साधना
42 विषय
🏠
वास्तु शास्त्र
12 विषय
💭
सपनों का मतलब
3 विषय
🙏
व्रत उपवास विधि
8 विषय
🔥
देवी पूजा
46 विषय
🧘
ध्यान साधना
14 विषय
🛕
तीर्थ यात्रा
25 विषय
🔥
हवन यज्ञ विधि
10 विषय
📜
स्तोत्र पाठ
20 विषय
🐘
गणेश पूजा
8 विषय
🙏
विष्णु भक्ति
13 विषय
🕯️
श्राद्ध पितृ कर्म
8 विषय
🎊
त्योहार पर्व
5 विषय
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