विस्तृत उत्तर
सभी 9 ग्रहों की एक साथ शांति हेतु:
विधि 1: नवग्रह स्तोत्र (सरलतम)
व्यास रचित नवग्रह स्तोत्र: 'जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महद्युतिम्...' — प्रत्येक ग्रह का एक-एक श्लोक। प्रतिदिन एक बार पाठ = सभी 9 ग्रह शांत।
विधि 2: क्रमिक बीज मंत्र
प्रत्येक ग्रह का बीज मंत्र 1-1 माला (108) क्रम से:
सूर्य → चंद्र → मंगल → बुध → गुरु → शुक्र → शनि → राहु → केतु
= 9 × 108 = 972 जप (लगभग 45-60 मिनट)।
विधि 3: नवग्रह बीज एकत्र
'ॐ ह्रां ह्रीं श्रां श्रीं क्रां क्रीं ब्रां ब्रीं ग्रां ग्रीं द्रां द्रीं प्रां प्रीं भ्रां भ्रीं स्रां स्रीं नवग्रहेभ्यो नमः'
= सभी बीज एक मंत्र में — 108 बार।
कब: शनिवार या रविवार। सूर्योदय। पीले/श्वेत वस्त्र।
सरलतम: नवग्रह स्तोत्र = 5 मिनट प्रतिदिन — सभी ग्रह शांत।





