विस्तृत उत्तर
परिवार में बिना कारण क्लेश, सदस्यों के बीच मनमुटाव, वाद-विवाद और अशांति का रहना घर में नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष के जमा होने का संकेत है। पारिवारिक प्रेम और सौहार्द को पुनः स्थापित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की सात्विक आराधना सबसे अचूक मानी गई है।
घर की कलह को दूर करने के लिए विष्णु पुराण और भागवत में वर्णित यह सिद्ध श्लोक अमोघ है—'कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतक्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥' इसका अर्थ है कि हे क्लेशों (दुःखों और विवादों) का नाश करने वाले गोविंद, आपको नमस्कार है। घर की महिला या किसी भी सदस्य को प्रतिदिन सुबह और शाम घी का दीपक जलाकर इस श्लोक का 108 बार पाठ करना चाहिए। इसके प्रभाव से परिवार का वातावरण सात्विक होता है और आपसी कड़वाहट तुरंत दूर हो जाती है।





