विस्तृत उत्तर
क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा' यह भगवान श्रीकृष्ण का अष्टादशाक्षर (18 अक्षरों वाला) महामंत्र है। इसमें 'क्लीं' काम बीज (दिव्य प्रेम और आकर्षण का बीज) है। यह मंत्र मोक्ष और सांसारिक सुख (विशेषकर विवाह और प्रेम) दोनों प्रदान करने वाला है।
मंत्र शास्त्र के नियमानुसार, किसी भी मंत्र को सिद्ध (पुरश्चरण) करने के लिए उसमें जितने अक्षर होते हैं, उतने लाख जप करने का विधान है। अतः इस 18 अक्षरों वाले मंत्र के लिए 18 लाख जप का विधान बताया गया है। हालांकि, कलियुग में इतनी बड़ी संख्या कठिन होने के कारण, गुरुजन इसका 1 लाख या सवा लाख (1,25,000) जप कर दशांश हवन करने का संकल्प भी देते हैं। नियमित रूप से तुलसी की माला पर प्रतिदिन 108 बार इसका जप करने से भी भगवान की असीम कृपा प्राप्त होती है।



