विस्तृत उत्तर
यह मंत्र भगवान हनुमान के उग्र 'रुद्रावतार' (शिव के 11वें अवतार) स्वरूप की वंदना है। इस मंत्र में 'हुं फट्' का प्रयोग हुआ है, जो तंत्र शास्त्र में अस्त्र मंत्र कहलाता है। इसका अर्थ है कि यह मंत्र किसी अस्त्र (हथियार) की तरह मारक और सुरक्षात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है।
इस मंत्र का प्रयोग सामान्य पूजा के लिए नहीं, बल्कि अत्यंत विकट परिस्थितियों में किया जाता है। जब साधक पर कोई भारी तांत्रिक प्रयोग (काला जादू) हुआ हो, अज्ञात शत्रुओं का भय हो, या प्राणों पर संकट हो, तब लाल वस्त्र पहनकर मंगलवार की रात को इसका जप किया जाता है। यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा को तुरंत छिन्न-भिन्न कर देता है और साधक के चारों ओर एक अभेद्य सुरक्षा घेरा बना देता है। इसका जप हमेशा मूंगे या रुद्राक्ष की माला से किया जाना चाहिए।





