विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित ऋग्वेद का एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है। भगवान शिव को समर्पित यह मंत्र गंभीर बीमारियों, असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु (Untimely Death) को टालने का अंतिम और अमोघ ब्रह्मास्त्र माना जाता है।
मूल मंत्र है—'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' जब परिवार में कोई गंभीर रूप से बीमार हो, तो रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का सवा लाख बार जप (या ब्राह्मणों द्वारा अनुष्ठान) करना चाहिए। जप करते समय यह मानसिक ध्यान (Visualization) करना चाहिए कि भगवान शिव अमृत कलश से रोगी के ऊपर अमृत की बूंदें बरसा रहे हैं। यह मंत्र शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Life Force) को चमत्कारिक रूप से बढ़ा देता है।





