विस्तृत उत्तर
भगवान दत्तात्रेय में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) तीनों की शक्तियां समाहित हैं। उनका बीज मंत्र 'द्रां' (Dram) है। यह एक अत्यंत शक्तिशाली और जाग्रत बीज है जो सीधे परम गुरु तत्व से जोड़ता है।
साधकों के अनुसार, 'ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः' का निरंतर जप करने से अत्यंत चमत्कारी अनुभव होते हैं। सबसे पहला प्रभाव 'पितृ दोष' और पीढ़ियों से चले आ रहे पारिवारिक श्रापों के कटने के रूप में दिखता है। यदि किसी व्यक्ति पर भारी तांत्रिक प्रयोग (काला जादू) किया गया हो, तो इस मंत्र के प्रभाव से वह नकारात्मक ऊर्जा साधक को बिना नुकसान पहुंचाए वापस लौट जाती है। साधक को स्वप्न में मार्गदर्शक गुरुओं के दर्शन होते हैं और उसके जीवन की उलझी हुई समस्याएं अचानक, अप्रत्याशित रास्तों से सुलझने लगती हैं।





