विस्तृत उत्तर
यक्षराज कुबेर ब्रह्मांड की समस्त संपदा के रक्षक और देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं। जहां माता लक्ष्मी धन का सृजन करती हैं, वहीं कुबेर उस धन को संचित करने और अचानक आर्थिक लाभ (जैसे रुका हुआ पैसा या अप्रत्याशित संपत्ति) दिलाने का कार्य करते हैं।
कुबेर देव का अमोघ और अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है—'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥' इस मंत्र की साधना उत्तर दिशा (कुबेर की दिशा) की ओर मुख करके की जाती है। यदि लगातार 41 दिनों तक कमल गट्टे की माला से प्रतिदिन इस मंत्र का 108 बार जप किया जाए और कुबेर यंत्र पर पीले पुष्प अर्पित किए जाएं, तो यह व्यक्ति के जीवन में अचानक धन लाभ के मार्ग प्रशस्त कर देता है।





