पूषन देवता मंत्र
(वैदिक, मार्गदर्शक एवं रक्षक)
मंत्र
मंत्र: ॐ पूषन तव व्रते वय नरिषेभ्य कदाचन। स्तोतारस्तेइहस्मसि। ॐ पूषणे नम:।
देवता
पूषन (वैदिक सौर देवता, मार्गों के रक्षक, पशुओं के पालक, समृद्धि और पोषण के देवता)।
स्रोत
यह मंत्र वेदों से है और रेवती नक्षत्र से सम्बंधित है।
प्रयोजन
रेवती नक्षत्र की ऊर्जा को सशक्त करना, यात्राओं में सुरक्षा, खोई हुई वस्तुओं या पशुओं की पुनः प्राप्ति, मार्गदर्शन, तथा भौतिक एवं आध्यात्मिक समृद्धि।
विधि
ज्योतिषीय साधना में नक्षत्र शांति और पूषन देवता की कृपा प्राप्ति हेतु इसका जप किया जाता है।
महत्व
पूषन वैदिक काल के महत्वपूर्ण देवताओं में से एक थे, जिनका कार्यक्षेत्र व्यापक था। कालांतर में इनकी उपासना कम प्रचलित हो गई, जिस कारण इनके विशिष्ट मंत्र भी अल्पज्ञात हो गए। यह मंत्र वैदिक ज्योतिष और प्राचीन देव परंपराओं के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।






