विस्तृत उत्तर
पूजा या जप में हुई किसी भी ज्ञात अथवा अज्ञात भूल-चूक या त्रुटि के लिए अंत में देवता से क्षमा मांगना अनिवार्य है।
यह क्षमा प्रार्थना साधना की पूर्णाहुति का अनिवार्य अंग है।
पूजा में किसी भी ज्ञात या अज्ञात त्रुटि के लिए अंत में देवता से क्षमा प्रार्थना अनिवार्य है — यह साधना की पूर्णाहुति का अंग है।
पूजा या जप में हुई किसी भी ज्ञात अथवा अज्ञात भूल-चूक या त्रुटि के लिए अंत में देवता से क्षमा मांगना अनिवार्य है।
यह क्षमा प्रार्थना साधना की पूर्णाहुति का अनिवार्य अंग है।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको साधना के चरण से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।