विस्तृत उत्तर
यदि पाठ में अनजाने में कोई त्रुटि हो जाए, तो अंत में भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना (शिव अपराध क्षमापना स्तोत्र) अवश्य करनी चाहिए।
यदि संस्कृत उच्चारण कठिन लगे, तो किसी विद्वान के पाठ को सुनकर उच्चारण को शुद्ध करने का प्रयास करें, और साथ ही श्लोकों के अर्थ और भावार्थ पर ध्यान केंद्रित करें।





