विस्तृत उत्तर
रुद्रयामल तंत्र' में उग्र और तीव्र तांत्रिक प्रयोगों का वर्णन है जो तंत्र-बाधा और शत्रु-नाश के लिए उपयोग किए जाते हैं।
चेतावनी: यह एक 'तामसिक' या 'उग्र' प्रयोग है। आम साधकों के लिए ऐसे प्रयोग सर्वथा 'निषिद्ध' हैं।
भगवद्गीता के अनुसार, जो लोग अहंकारवश या स्वार्थसिद्धि (जैसे शत्रु-नाश) के लिए घोर तप या आसुरी-विधि (तामसिक) से पूजा करते हैं, वे 'आसुरी-निष्ठा' वाले कहलाते हैं और उनका पतन निश्चित होता है।





