विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव साधना में निम्नलिखित कर्म वर्जित हैं:
- ▸मारण, मोहन, उच्चाटन आदि तामसिक या हानिकारक प्रयोग।
- ▸क्रोध, आलस्य, सहवास, तामसिक भोजन (मांस, मदिरा)।
- ▸गुरु आज्ञा का उल्लंघन।
- ▸मंत्र को अप्रामाणिक ढंग से जपना।
वर्जित कर्म: मारण-मोहन-उच्चाटन जैसे तामसिक प्रयोग, क्रोध, मांस-मदिरा, सहवास, गुरु आज्ञा का उल्लंघन और अप्रामाणिक मंत्र जप।
बटुक भैरव साधना में निम्नलिखित कर्म वर्जित हैं:
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको सावधानियाँ और नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।