विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव साधना में निम्नलिखित नियमों का पालन अनिवार्य है:
- ▸गुरु तत्त्व: योग्य गुरु से दीक्षा और निर्देश प्राप्त करें। भैरव आदेश के बिना तांत्रिक कर्म न करें।
- ▸आचरण: पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन, खान-पान और वाणी की शुद्धि।
- ▸उद्देश्य: सात्त्विक कल्याण, सुरक्षा, समृद्धि, रोगनाश के लिए करें।
- ▸माला/दिशा: रुद्राक्ष या हकीक माला, लाल/काला आसन, दक्षिण मुख।



