विस्तृत उत्तर
शुद्धता भंग होने पर, जैसे कि मल-विसर्जन के बाद, साधक को पूर्ण स्नान करके ही पूजा स्थान पर पुनः बैठना चाहिए।
यही नियम हवन में बैठने से पहले भी लागू है: यदि साधक मल विसर्जन के लिए गया हो, तो हवन में बैठने से पहले पूर्ण स्नान अनिवार्य है।
शुद्धता भंग होने (जैसे मल विसर्जन) पर पूर्ण स्नान करके ही पूजा स्थान पर पुनः बैठें — यह नियम हवन पर भी लागू है।
शुद्धता भंग होने पर, जैसे कि मल-विसर्जन के बाद, साधक को पूर्ण स्नान करके ही पूजा स्थान पर पुनः बैठना चाहिए।
यही नियम हवन में बैठने से पहले भी लागू है: यदि साधक मल विसर्जन के लिए गया हो, तो हवन में बैठने से पहले पूर्ण स्नान अनिवार्य है।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको सावधानियाँ और नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।