विस्तृत उत्तर
साधना के दौरान किसी भी प्रकार की नकारात्मकता या क्रोध से दूर रहना भी अनिवार्य है।
शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना साधना की सफलता के लिए आवश्यक है।
साधना की शक्ति और फल सुनिश्चित करने के लिए साधक का संकल्प शुद्ध और दृढ़ होना चाहिए।
साधना में क्रोध और नकारात्मकता मानसिक शुद्धता भंग करते हैं — साधना की सफलता के लिए मानसिक शुद्धता और शुद्ध संकल्प अनिवार्य है।
साधना के दौरान किसी भी प्रकार की नकारात्मकता या क्रोध से दूर रहना भी अनिवार्य है।
शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना साधना की सफलता के लिए आवश्यक है।
साधना की शक्ति और फल सुनिश्चित करने के लिए साधक का संकल्प शुद्ध और दृढ़ होना चाहिए।
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