ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
साधना विधि📜 शिव पुराण - उमा संहिता, तंत्र शास्त्र2 मिनट पठन

शिव पंचाक्षरी मंत्र की सिद्धि कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

गुरु दीक्षा लेकर ब्रह्ममुहूर्त में रुद्राक्ष माला से 'ॐ नमः शिवाय' का सवा लाख जप (पुरश्चरण) करें। ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार और दशांश हवन के साथ यह साधना पूर्ण होती है।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव पुराण और तंत्र ग्रंथों के अनुसार पंचाक्षरी मंत्र सिद्धि की विधि:

सिद्धि के लिए पूर्व तैयारी

  1. 1किसी योग्य गुरु से मंत्र दीक्षा लें — बिना दीक्षा के मंत्र सिद्धि कठिन है।
  2. 2सावन मास, शिवरात्रि, या सोमवार से अनुष्ठान प्रारंभ करें।
  3. 3ब्रह्मचर्य पालन करें और सात्विक आहार लें।

जप संख्या (पुरश्चरण)

  • लघु अनुष्ठान: 1,25,000 जप (सवा लाख)
  • पूर्ण पुरश्चरण: 5,00,000 जप (पाँच लाख)
  • प्रतिदिन न्यूनतम 108 बार, अधिकतम 1008 बार

विधि

  1. 1समय: ब्रह्ममुहूर्त (4-6 बजे प्रातःकाल) या प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद)
  2. 2आसन: रुद्राक्ष माला से जप करें; कुश या ऊन के आसन पर बैठें
  3. 3मुद्रा: ज्ञान मुद्रा या अंजलि मुद्रा में बैठें
  4. 4दिशा: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें
  5. 5माला: 108 दाने की रुद्राक्ष माला सर्वश्रेष्ठ है
  6. 6उच्चारण: मन में या धीमी आवाज में जप करें

दशांश हवन: जप पूर्ण होने पर कुल जप का दशांश (1/10) बिल्वपत्र, घी, तिल से हवन करें।

सिद्धि के लक्षण: स्वप्न में शिव दर्शन, मन की अचंचलता, अद्भुत शांति का अनुभव — ये सिद्धि के संकेत हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण - उमा संहिता, तंत्र शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

मंत्र सिद्धिपंचाक्षरीसाधनाजप विधि

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव पंचाक्षरी मंत्र की सिद्धि कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको साधना विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण - उमा संहिता, तंत्र शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।