मंगलवार, 31 मार्च 2026
शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति किसी कार्य को सफल बनाने के लिए अनुकूल हो। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले का काल है — यह अध्ययन, ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम है।
अभिजित मुहूर्त दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का होता है — किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत यहाँ करें। यह विष्णु का काल माना जाता है और इसमें शुरू किया गया कार्य अवश्य सफल होता है।
ब्रह्म मुहूर्त में जागकर ध्यान, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और अध्ययन करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह समय मन की एकाग्रता के लिए सबसे उपयुक्त है।
अभिजित मुहूर्त में नए व्यापार की शुरुआत, यात्रा, विवाह-संबंधी निर्णय और किसी भी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत की जा सकती है।
राहु काल अशुभ काल है जिसमें नए काम शुरू न करें। शुभ मुहूर्त जैसे ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त सकारात्मक समय हैं।