ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
नक्षत्र #11/27

पूर्व फाल्गुनी (3 पाद)

मंगलवार, 31 मार्च 2026

स्वामी
शुक्र
देवता
भग
पाद
3
पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र — विशेषताएँ
देवता: भग · शुभ — विवाह, प्रेम, कला

आज का पंचांग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
योग
गंड
करण
तैतिल
चंद्र राशि
सिंह

साप्ताहिक नक्षत्र

मंगलवार आज
पूर्व फाल्गुनी (3 पाद)
2026-03-31
बुधवार
उत्तर फाल्गुनी (3 पाद)
2026-04-01
गुरुवार
हस्त (3 पाद)
2026-04-02
शुक्रवार
चित्रा (2 पाद)
2026-04-03
शनिवार
स्वाति (2 पाद)
2026-04-04
रविवार
विशाखा (2 पाद)
2026-04-05
सोमवार
अनुराधा (1 पाद)
2026-04-06

27 नक्षत्रों की सूची

1
अश्विनी
स्वामी: केतु · देवता: अश्विनी कुमार
2
भरणी
स्वामी: शुक्र · देवता: यम
3
कृत्तिका
स्वामी: सूर्य · देवता: अग्नि
4
रोहिणी
स्वामी: चंद्र · देवता: ब्रह्मा
5
मृगशिरा
स्वामी: मंगल · देवता: चंद्र
6
आर्द्रा
स्वामी: राहु · देवता: रुद्र
7
पुनर्वसु
स्वामी: बृहस्पति · देवता: अदिति
8
पुष्य
स्वामी: शनि · देवता: बृहस्पति
9
आश्लेषा
स्वामी: बुध · देवता: सर्प
10
मघा
स्वामी: केतु · देवता: पितृगण
11
पूर्व फाल्गुनी ← आज
स्वामी: शुक्र · देवता: भग
12
उत्तर फाल्गुनी
स्वामी: सूर्य · देवता: अर्यमा
13
हस्त
स्वामी: चंद्र · देवता: सूर्य
14
चित्रा
स्वामी: मंगल · देवता: विश्वकर्मा
15
स्वाति
स्वामी: राहु · देवता: वायु
16
विशाखा
स्वामी: बृहस्पति · देवता: इंद्राग्नि
17
अनुराधा
स्वामी: शनि · देवता: मित्र
18
ज्येष्ठा
स्वामी: बुध · देवता: इंद्र
19
मूल
स्वामी: केतु · देवता: निऋति
20
पूर्वाषाढ़ा
स्वामी: शुक्र · देवता: जल
21
उत्तराषाढ़ा
स्वामी: सूर्य · देवता: विश्वेदेव
22
श्रवण
स्वामी: चंद्र · देवता: विष्णु
23
धनिष्ठा
स्वामी: मंगल · देवता: वसु
24
शतभिषा
स्वामी: राहु · देवता: वरुण
25
पूर्वभाद्रपद
स्वामी: बृहस्पति · देवता: अजैकपाद
26
उत्तरभाद्रपद
स्वामी: शनि · देवता: अहिर्बुध्न्य
27
रेवती
स्वामी: बुध · देवता: पूषा

नक्षत्र क्या है?

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में आकाश में चंद्रमा के पथ (भचक्र) को 27 बराबर भागों में बाँटकर बनाया गया तारा-समूह है। प्रत्येक नक्षत्र 13 अंश 20 कला (13°20′) का होता है और 4 पादों में विभाजित है। चंद्रमा लगभग 27.3 दिनों में पूरे भचक्र का चक्कर लगाता है।

प्रत्येक नक्षत्र का एक स्वामी ग्रह और एक अधिष्ठाता देवता होता है। नक्षत्र के आधार पर ही जन्म कुंडली का चंद्र राशि, दशा क्रम और नामाक्षर निर्धारित होते हैं। पुष्य नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है (विवाह को छोड़कर)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नक्षत्र और राशि में क्या अंतर है?

एक राशि 30° की होती है और उसमें 2.25 नक्षत्र आते हैं। नक्षत्र 13°20' का होता है। राशि सूर्य पर आधारित है, नक्षत्र चंद्रमा पर।

सबसे शुभ नक्षत्र कौन सा है?

पुष्य नक्षत्र को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है — यह लगभग सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम है (विवाह को छोड़कर)।

आज के नक्षत्र में क्या करें?

आज पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र है — शुभ — विवाह, प्रेम, कला।

आज का पंचांगआज की तिथिराहु कालशुभ मुहूर्तचौघड़िया