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शुक्ल पक्ष

त्रयोदशी

तिथि संख्या 13 · मंगलवार, 31 मार्च 2026

प्रारंभ97%समाप्त
त्रयोदशी तिथि — आज का महत्व
देवता: कामदेव · प्रदोष व्रत — शिव-पार्वती पूजा।

पञ्चाङ्ग — पाँच अंग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
97% पूर्ण
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी (3 पाद)
स्वामी: शुक्र
योग
गंड
अशुभ
करण
तैतिल
शुभ
वार
मंगलवार

सूर्य एवं चन्द्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:38
चंद्र राशि
सिंह
सूर्य राशि
मीन

शुभ-अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
ध्यान, पूजा और योग
04:37 — 05:25
अभिजित मुहूर्त
दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय
12:01 — 12:49
राहु काल
नए कार्य न करें
15:32 — 17:05
यमगंड काल
अशुभ समय
07:46 — 09:19
गुलिक काल
अशुभ समय
12:25 — 13:59

आगामी एकादशी तिथियाँ

14-01-2026
29-01-2026
13-02-2026
27-02-2026
15-03-2026
29-03-2026

30 तिथियों की सूची

शुक्ल पक्ष(अमावस्या → पूर्णिमा)
प्रतिपदाद्वितीयातृतीयाचतुर्थीपंचमीषष्ठीसप्तमीअष्टमीनवमीदशमीएकादशीद्वादशीत्रयोदशी ← आजचतुर्दशीपूर्णिमा
कृष्ण पक्ष(पूर्णिमा → अमावस्या)
प्रतिपदाद्वितीयातृतीयाचतुर्थीपंचमीषष्ठीसप्तमीअष्टमीनवमीदशमीएकादशीद्वादशीत्रयोदशीचतुर्दशीअमावस्या

तिथि क्या है? — विस्तार से जानें

तिथि हिंदू पंचांग (पञ्चाङ्ग) का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह चंद्रमा और सूर्य के बीच कोणीय दूरी पर आधारित है। जब चंद्रमा सूर्य से 12 अंश (डिग्री) आगे बढ़ जाता है, तो एक तिथि पूर्ण होती है।

एक चंद्र मास में कुल 30 तिथियाँ होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा) और 15 कृष्ण पक्ष (घटता चंद्रमा)। एकादशी (11वीं तिथि) विष्णु पूजा और व्रत के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में क्या अंतर है?

अमावस्या के बाद जब चंद्रमा बढ़ता है तो शुक्ल पक्ष होता है (प्रतिपदा से पूर्णिमा)। पूर्णिमा के बाद जब चंद्रमा घटता है तो कृष्ण पक्ष होता है।

एकादशी व्रत का क्या महत्व है?

एकादशी (11वीं तिथि) भगवान विष्णु की पूजा और उपवास के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है।

पूर्णिमा और अमावस्या में क्या करें?

पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा, दान, और पवित्र नदी स्नान शुभ है। अमावस्या पर पितृ तर्पण और श्राद्ध किया जाता है।

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