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पौराणिक

एकादशी 2026 — सम्पूर्ण तिथि सूची

वर्ष 2026 की सभी 24 एकादशी तिथियाँ — शुक्ल एवं कृष्ण पक्ष

अंतिम अपडेट: 28 अप्रैल 2026

एकादशी का महत्व

एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार आने वाली पवित्र तिथि है — शुक्ल पक्ष (चन्द्रमा बढ़ते समय) और कृष्ण पक्ष (चन्द्रमा घटते समय)। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है। पद्म पुराण में एकादशी व्रत को सर्वश्रेष्ठ व्रत बताया गया है। इस दिन अन्न त्यागकर फलाहार या निर्जला उपवास किया जाता है। एकादशी व्रत से पापों का क्षय, शारीरिक शुद्धि और आत्मिक उन्नति होती है।

2026 की सभी एकादशी तिथियाँ

क्र.तिथिएकादशी का नामपक्ष
114 जनवरी 2026, बुधवारShattila Ekadashi
229 जनवरी 2026, गुरुवारJaya Ekadashi
313 फरवरी 2026, शुक्रवारVijaya Ekadashi
427 फरवरी 2026, शुक्रवारAmalaki Ekadashi
515 मार्च 2026, रविवारPapamochani Ekadashi
629 मार्च 2026, रविवारKamada Ekadashi
713 अप्रैल 2026, सोमवारVaruthini Ekadashi
827 अप्रैल 2026, सोमवारMohini Ekadashi
913 मई 2026, बुधवारApara Ekadashi
1027 मई 2026, बुधवारPadmini Ekadashi
1111 जून 2026, गुरुवारParama Ekadashi
1225 जून 2026, गुरुवारNirjala Ekadashi
1310 जुलाई 2026, शुक्रवारYogini Ekadashi
1411 जुलाई 2026, शनिवारGauna Yogini Ekadashi
1511 जुलाई 2026, शनिवारVaishnava Yogini Ekadashi
1625 जुलाई 2026, शनिवारDevshayani Ekadashi
179 अगस्त 2026, रविवारअगलीKamika Ekadashi
1823 अगस्त 2026, रविवारShravana Putrada Ekadashi
1924 अगस्त 2026, सोमवारVaishnava Shravana Putrada Ekadashi
207 सितंबर 2026, सोमवारAja Ekadashi
2122 सितंबर 2026, मंगलवारParsva Ekadashi
226 अक्टूबर 2026, मंगलवारIndira Ekadashi
2322 अक्टूबर 2026, गुरुवारPapankusha Ekadashi
245 नवंबर 2026, गुरुवारRama Ekadashi
2520 नवंबर 2026, शुक्रवारDevutthana Ekadashi
2621 नवंबर 2026, शनिवारGauna Devutthana Ekadashi
2721 नवंबर 2026, शनिवारVaishnava Devutthana Ekadashi
284 दिसंबर 2026, शुक्रवारUtpanna Ekadashi
2920 दिसंबर 2026, रविवारMokshada Ekadashi

एकादशी व्रत विधि

  • दशमी (एकादशी से एक दिन पहले) की रात्रि में सात्विक भोजन करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु का पूजन करें।
  • पूर्ण उपवास (निर्जला) या फलाहार व्रत रखें — चावल, गेहूँ, दाल आदि अन्न वर्जित हैं।
  • दिन में विष्णु सहस्रनाम, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मन्त्र का जाप करें।
  • रात्रि जागरण करें और भगवान की भक्ति में समय व्यतीत करें।
  • द्वादशी तिथि में पारण (व्रत खोलना) करें — उचित समय पर भोजन ग्रहण करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में कितनी एकादशी हैं?

2026 में कुल 24 एकादशी हैं — प्रत्येक माह में दो एकादशी (शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष) आती हैं। कुछ विशेष वर्षों में अधिक मास के कारण 26 एकादशी भी हो सकती हैं।

निर्जला एकादशी 2026 कब है?

निर्जला एकादशी 2026 ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में आती है। यह सबसे कठिन एकादशी व्रत माना जाता है जिसमें जल भी ग्रहण नहीं किया जाता। सटीक तिथि के लिए ऊपर दी गई सूची देखें।

एकादशी व्रत क्यों रखा जाता है?

एकादशी व्रत भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए रखा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार एकादशी तिथि को 'पापनाशिनी' कहा गया है। इस दिन उपवास करने से पापों का नाश होता है, मन शुद्ध होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।