पूर्णिमा का महत्व
पूर्णिमा वह तिथि है जब चन्द्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देता है। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा को अत्यन्त शुभ और पवित्र माना जाता है। प्रत्येक माह की पूर्णिमा का अपना विशेष नाम और महत्व होता है। इस दिन व्रत, दान, स्नान, सत्यनारायण कथा और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। चन्द्रमा मन का कारक ग्रह है, इसलिए पूर्णिमा पर मानसिक शान्ति और सात्विक कर्मों पर विशेष बल दिया जाता है। पूर्णिमा की रात्रि को चन्द्र-किरणें अमृत-तुल्य मानी जाती हैं।
2026 की सभी पूर्णिमा तिथियाँ
Shakambhari Purnima
3 जनवरी 2026, शनिवार
Pausha Purnima
3 जनवरी 2026, शनिवार
Magha Purnima
1 फरवरी 2026, रविवार
Vasanta Purnima
3 मार्च 2026, मंगलवार
Phalguna Purnima
3 मार्च 2026, मंगलवार
Chaitra Purnima
2 अप्रैल 2026, गुरुवार
Buddha Purnima
1 मई 2026, शुक्रवार
Vaishakha Purnima
1 मई 2026, शुक्रवार
Jyeshtha Adhika Purnima
31 मई 2026, रविवार
Vat Purnima Vrat
29 जून 2026, सोमवार
Jyeshtha Purnima
29 जून 2026, सोमवार
Guru Purnima
29 जुलाई 2026, बुधवार
Ashadha Purnima
29 जुलाई 2026, बुधवार
Shravana Purnima
28 अगस्त 2026, शुक्रवार
Purnima Shraddha
26 सितंबर 2026, शनिवार
Bhadrapada Purnima
26 सितंबर 2026, शनिवार
Sharad Purnima
25 अक्टूबर 2026, रविवार
Ashwina Purnima
26 अक्टूबर 2026, सोमवार
Kartika Purnima
24 नवंबर 2026, मंगलवार
Margashirsha Purnima
23 दिसंबर 2026, बुधवार
पूर्णिमा व्रत और पूजा विधि
- पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल पवित्र नदी या घर पर स्नान करें।
- भगवान विष्णु और चन्द्रदेव की पूजा करें।
- सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें।
- सन्ध्या काल में चन्द्रमा को अर्घ्य (जल) अर्पित करें।
- दान-पुण्य, विशेषकर अन्नदान और वस्त्रदान का विशेष महत्व है।
- ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमन्दों को भोजन कराएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कितनी पूर्णिमा हैं?
2026 में कुल 12 से 13 पूर्णिमा तिथियाँ हैं। प्रत्येक हिन्दू माह में एक पूर्णिमा आती है। अधिक मास होने पर एक अतिरिक्त पूर्णिमा भी हो सकती है।
पूर्णिमा पर क्या करना चाहिए?
पूर्णिमा के दिन स्नान-दान, सत्यनारायण कथा, चन्द्रमा को अर्घ्य, व्रत और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान और पितृ तर्पण भी किया जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण पूर्णिमा कौन सी है?
शरद पूर्णिमा (आश्विन माह) को सबसे पवित्र पूर्णिमा माना जाता है। इसके अतिरिक्त गुरु पूर्णिमा (आषाढ़), बुद्ध पूर्णिमा (वैशाख) और कार्तिक पूर्णिमा भी अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं।