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साधना विधि📜 गणेश पुराण — उपासना खंड, गणपति अथर्वशीर्ष, तंत्र शास्त्र3 मिनट पठन

गणपति मंत्र जप कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

लाल आसन पर पूर्व/उत्तर मुख करके, रुद्राक्ष माला से, गणेश ध्यान करते हुए 'ॐ गं गणपतये नमः' जपें। अनामिका और अंगूठे से माला पकड़ें। ब्रह्ममुहूर्त या बुधवार को जप विशेष फलदायी है। जप से पूर्व गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

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विस्तृत उत्तर

गणपति मंत्र जप की शास्त्रोक्त विधि गणेश पुराण और गणपति अथर्वशीर्ष में वर्णित है:

जप से पूर्व तैयारी

  1. 1स्नान: प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
  2. 2वस्त्र: लाल वस्त्र सर्वश्रेष्ठ; या पीत/श्वेत वस्त्र
  3. 3आसन: लाल ऊनी या कुश का आसन — भूमि पर न बैठें
  4. 4दिशा: पूर्व या उत्तर मुख करके बैठें
  5. 5दीप: घी का दीप जलाएं

जप विधि (क्रमशः)

1गणेश स्मरण

> वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

> निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

2संकल्प

श्री गणेश प्रसाद प्राप्ति/विघ्न निवारण/कार्य सिद्धि के लिए मंत्र जप करता/करती हूँ।

3न्यास

  • हृदय पर हाथ रखकर 'ॐ गं गणपतये नमः'
  • मस्तक पर 'हृदयाय नमः'
  • नेत्रों पर 'नेत्राभ्यां नमः'

4ध्यान

बंद आँखों से गणेश जी का ध्यान करें — हाथी का मुख, एकदंत, मोदक हाथ में, लाल वस्त्र, बड़ा पेट, मूषक वाहन।

5माला जप

  • माला: रुद्राक्ष माला (सर्वश्रेष्ठ) या लाल चंदन की माला
  • पकड़ने की विधि: अनामिका (ring finger) और अंगूठे से
  • तर्जनी: माला को स्पर्श न करे
  • सुमेरु: मुख्य मनका न लांघें — माला पलटकर वापस आएं
  • मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' प्रत्येक मनके पर

6जप के दौरान

  • मन को गणेश जी पर केंद्रित रखें
  • बीच में बात न करें, उठें नहीं
  • यदि मन भटके तो धीरे से पुनः केंद्रित करें

7जप के बाद

  • माला सिर से लगाएं
  • 'ॐ गं गणपतये नमः' — तीन बार बोलकर माला पूजन करें
  • प्रसाद ग्रहण करें (मोदक या लड्डू)

मंत्र जप के लिए उत्तम काल

  1. 1ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-6 बजे) — सर्वश्रेष्ठ
  2. 2प्रातः 8-10 बजे — सामान्य पूजन के लिए
  3. 3बुधवार — विशेष फलदायी
  4. 4चतुर्थी तिथि — अत्यंत शुभ

गणपति अथर्वशीर्ष पाठ

जप से पूर्व या बाद में गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें — यह 12 ऋचाओं का अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र है जो अथर्ववेद का परिशिष्ट माना जाता है।

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शास्त्रीय स्रोत
गणेश पुराण — उपासना खंड, गणपति अथर्वशीर्ष, तंत्र शास्त्र
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