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शिव बाधा निवारण मंत्र: हर काम में रुकावट दूर, अचूक वरदान !
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शिव बाधा निवारण मंत्र: हर काम में रुकावट दूर

📿 पौराणिक•1 मिनट पढ़ें
अंतिम अपडेट: 22 मई 2025
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शिव और शक्ति के बीज मंत्रों से भरपूर यह तांत्रिक मंत्र जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाता है।

ज्ञान-सार

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ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय - शिव मंत्र

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय

परिचय:

यह एक अत्यंत शक्तिशाली बीज मंत्र है, जो भगवान शिव और पराशक्ति दोनों का आह्वान करता है। इसमें "ह्रीं" माया/शक्ति का बीज मंत्र है और "ह्रौं" शिव का बीज मंत्र है। इन बीज अक्षरों का संयोजन इस मंत्र को "ॐ नमः शिवाय" का एक अधिक गूढ़ और संभवतः तांत्रिक साधनाओं के लिए उपयुक्त रूप प्रदान करता है।

लाभ:

इस मंत्र के जाप से शीघ्र संपत्ति, सौभाग्य और सफलता की प्राप्ति होती है। कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और बिगड़े हुए काम भी बनने लगते हैं। इसके अतिरिक्त, घर में सुख-शांति और धन की कामना के लिए भी यह मंत्र अत्यंत प्रभावी है!

जाप विधि:

इस मंत्र का प्रतिदिन 21 या 108 बार जाप करना श्रेयस्कर माना गया है। जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए। साधक को पूर्व दिशा की ओर मुख करके, आसन पर बैठकर, धूप-दीपक जलाकर और संकल्प लेकर मंत्र जाप करना चाहिए।

स्रोत:

यद्यपि किसी एक विशिष्ट पुराण का नाम सीधे तौर पर सभी उपलब्ध संदर्भों में स्पष्ट नहीं है, इसे "वेद शास्त्रों" से सम्बंधित और "मंत्र शास्त्र" का एक महत्वपूर्ण मंत्र माना गया है। मन्त्रमहोदधि जैसे प्राचीन तंत्र ग्रंथ में इसका उल्लेख मिलता है, और इसे त्रैवर्णिकों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य) को ही देने योग्य मंत्रों में गिना गया है। इसका उल्लेख विशिष्ट तंत्र ग्रंथों में होना इसे सामान्य साधकों के लिए अल्पज्ञात बनाता है।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

शिव अवतार कथा

अश्वत्थामा शिव के किस अवतार का अंश है

अश्वत्थामा शिव के 'सवन्तिक रुद्र' अंशावतार हैं। द्रोणाचार्य की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने सवन्तिक रुद्र के अंश से उनके पुत्र रूप में जन्म लिया। जन्म से मस्तक में दिव्य मणि थी जो उन्हें अजेय बनाती थी।

लोक

हाटकेश्वर शिवलिंग क्या है?

हाटकेश्वर शिवलिंग पाताल में ब्रह्मा द्वारा स्थापित भगवान शिव का विशाल दिव्य लिंग है।

महेश्वर कवचम् परिचय और आधार

महेश्वर स्वरूप क्या है?

महेश्वर (महान ईश्वर) भगवान शिव का वह स्वरूप है जो उनकी कल्याणकारी, सहज कृपालु और सौम्य प्रकृति को दर्शाता है — यह हर जीव पर अनुकंपा बरसाने वाला स्वरूप है।

लोक

हाटकेश्वर शिव कौन हैं?

हाटकेश्वर शिव वितल लोक में स्थित भगवान शिव का स्वरूप है, जो माता भवानी के साथ वहाँ निवास करते हैं।

शिव पूजा

अमरनाथ बर्फ शिवलिंग की पूजा का क्या विशेष विधान है?

अमरनाथ: प्राकृतिक हिम शिवलिंग, शिव ने पार्वती को अमर कथा सुनाई। यात्रा: संकल्प, ब्रह्मचर्य, निरंतर जप। गुफा में: दर्शन + प्रार्थना + प्रसाद अर्पण। श्रावण पूर्णिमा सर्वाधिक शुभ (पूर्ण आकार)। चंद्र कलाओं से बढ़ता-घटता है। साथ पार्वती-गणेश हिम संरचनाएं भी। दर्शन से मोक्ष प्राप्ति का विधान।

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