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श्मशान काली शाबर मंत्र: शत्रु-प्रेत नाशक, सिद्ध ताली साधना !
काली

श्मशान काली शाबर मंत्र: शत्रु-प्रेत नाशक, सिद्ध ताली साधना !

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मशान काली शाबर मंत्र (शत्रु एवं प्रेत बाधा निवारण)

मशान काली शाबर मंत्र (शत्रु एवं प्रेत बाधा निवारण)

काली काली महा−काली, इन्द्र की बेटी,  ब्रह्मा की साली। पीती  भर भर रक्त प्याली, उड़  बैठी पीपल की डाली। दोनों हाथ  बजाए ताली। जहाँ जाए वज्र की ताली,  वहाँ ना आए दुश्मन हाली।  दुहाई कामरो कामाख्या नैना योगिनी  की, ईश्वर महादेव गोरा पार्वती की,  दुहाई वीर मसान की।।

देवता:

मशान काली (श्मशान काली)।

स्रोत:

शाबर तंत्र परंपरा।

प्रयोजन:

शत्रु या नकारात्मक शक्तियों (जैसे भूत-प्रेत) से किसी भी प्रकार की हानि को रोकना, रक्षा कवच का निर्माण।

विधि:

इस मंत्र को प्रतिदिन 108 बार 40 दिनों तक जप करने से यह सिद्ध हो जाता है। प्रयोग के समय, इसे पढ़कर तीन बार जोर से ताली बजाएं। मान्यता है कि ताली की ध्वनि जहाँ तक पहुँचेगी, वह क्षेत्र शत्रु या नकारात्मक शक्तियों के आक्रमण से सुरक्षित रहेगा 4।

महत्व:

यह देवी काली के श्मशान निवासिनी, उग्र स्वरूप का शाबर मंत्र है। शाबर मंत्रों में विभिन्न देवी-देवताओं की 'दुहाई' या 'आन' देकर उन्हें कार्यसिद्धि के लिए बाध्य करने की परंपरा है, जो इस मंत्र में भी स्पष्ट है। यह तीव्र रक्षा और बाधा निवारण के लिए एक प्रभावी शाबर प्रयोग है।