विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव साधना के नियमों में आचरण स्तंभ के अंतर्गत तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) वर्जित है।
साधना के दौरान पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन, खान-पान और वाणी की शुद्धि अनिवार्य है।
यह सात्त्विक कल्याण, सुरक्षा और रोगनाश के लिए की जाने वाली साधना है, इसलिए उद्देश्य और आचरण दोनों शुद्ध होने चाहिए।




