विस्तृत उत्तर
नीम को भारतीय परंपरा में 'कड़वा नीम — मीठा जीवन' की उपमा दी जाती है। इसके पत्तों का धुआँ नकारात्मक ऊर्जा और हानिकारक शक्तियों के निवारण के लिए प्रभावशाली माना जाता है।
शास्त्रीय और तांत्रिक परंपरा: तंत्र-मंत्र की परंपरा में नीम के पत्तों की धूनी देना भूत-प्रेत बाधा और नकारात्मक ऊर्जा के निवारण का सशक्त उपाय माना जाता है। नवरात्रि में देवी के स्वागत के लिए नीम पत्तों की धूनी दी जाती है।
वैज्ञानिक आधार: नीम में 'निम्बिन', 'निम्बिडिन' और 'अज़ाडिरेक्टिन' जैसे शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल और एंटीफंगल यौगिक होते हैं। इसके जलाने पर निकलने वाला धुआँ हवा में विद्यमान रोगाणुओं, फंगस, मच्छरों और कीड़ों को नष्ट करता है। जहाँ जीवाणु-मुक्त वातावरण होता है वहाँ मन शांत और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
उपयोग विधि: घर के हर कमरे में थोड़े सूखे नीम पत्ते जलाकर धुआँ करें। विशेष रूप से कोनों, दरवाज़ों और खिड़कियों के पास धुआँ करें जहाँ नकारात्मकता के प्रवेश की आशंका हो। महीने में एक-दो बार यह उपाय पर्याप्त है।




