विस्तृत उत्तर
कपूर जलाकर घर में घुमाना हिन्दू पूजा-परंपरा का अनिवार्य अंग है। आरती का समापन कर्पूर से ही होता है। इसके धार्मिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तीनों प्रकार के लाभ हैं।
आध्यात्मिक लाभ: कपूर समर्पण और निःस्वार्थता का प्रतीक है — यह जलकर शून्य हो जाता है, कोई अवशेष नहीं छोड़ता। आरती में कपूर जलाने से देवता का तेज वातावरण में व्याप्त होता है। घर में कपूर जलाकर घुमाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा का विनाश होता है।
वैज्ञानिक लाभ: कपूर में 'टेरपेन' यौगिक होते हैं जो जलने पर हवा में फैलते हैं। ये हवा में विद्यमान जीवाणुओं, विषाणुओं और कवकों को नष्ट करते हैं। मच्छरों और कीड़ों को भी भगाते हैं। कपूर की सुगंध मस्तिष्क के श्वसन केंद्र को उत्तेजित करती है जिससे मन शांत और तनावमुक्त होता है।
उपयोग विधि: प्रतिदिन सुबह-शाम कपूर की एक या दो बत्ती जलाकर घर के प्रत्येक कमरे में घुमाएँ। विशेष रूप से अंधेरे कोनों और बंद कमरों में घुमाएँ। सप्ताह में एक बार गुग्गुल के साथ कपूर जलाना वास्तु-शुद्धि के लिए विशेष उपयोगी है।





