विस्तृत उत्तर
लोबान (Boswellia serrata — Frankincense) एक राल-आधारित धूप है जो भारतीय और विश्व की अनेक आध्यात्मिक परंपराओं में भूत-प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों के निवारण के लिए प्रयुक्त होती है।
परंपरागत मान्यता: माना जाता है कि लोबान का धुआँ नकारात्मक शक्तियों को असहज करता है और उन्हें दूर भगाता है। इसकी गहरी और विशिष्ट सुगंध ऋषि-मुनियों को प्रिय थी और वे साधना में इसका उपयोग करते थे।
वैज्ञानिक आधार: लोबान में 'बोसवेलिक एसिड' और अन्य तत्व होते हैं। शोधों में पाया गया है कि लोबान का धुआँ चिंता और अवसाद को कम करता है। यह मस्तिष्क के उन भागों को प्रभावित करता है जो भावनात्मक नियंत्रण से संबंधित हैं। जब मन शांत और सकारात्मक होता है तो भय और नकारात्मक अनुभव स्वाभाविक रूप से कम होते हैं।
उपयोग विधि: लोबान की छोटी-छोटी डलियाँ अंगारे या धूप-पात्र पर रखकर जलाएँ। इसका धुआँ घर के प्रत्येक कमरे, कोने और छत के पास करें। संध्याकाल में यह उपाय विशेष प्रभावी माना जाता है। TimesNow के अनुसार पूजा-पाठ में लोबान और गुग्गुल धूप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश नहीं होता।





