विस्तृत उत्तर
तुलसी को 'विष्णुप्रिया' और 'माता लक्ष्मी का स्वरूप' माना जाता है। तुलसी का जल पीने के आध्यात्मिक और स्वास्थ्य-संबंधी दोनों प्रकार के लाभ हैं।
आध्यात्मिक लाभ: तुलसी-जल पीने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मानसिक तनाव कम होता है और आर्थिक बाधाएँ घटती हैं। यह आत्मा की शुद्धि करता है और भक्ति-भाव जागृत करता है। वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
धार्मिक मान्यता: किसी भी प्रसाद में तुलसी-पत्र डालकर पीने से वह महाप्रसाद बन जाता है। भगवान विष्णु को अर्पित तुलसी-जल पीना विशेष पुण्यकारी है। मृत्यु के समय तुलसी-जल देने की परंपरा मोक्ष-प्राप्ति के लिए है।
वैज्ञानिक आधार: तुलसी में यूजेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट और रोगनाशक गुण हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाते हैं। तुलसी-जल के नित्य सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सेवन विधि: प्रातःकाल खाली पेट तुलसी के 3-5 पत्ते ताज़े जल में भिगोकर उस जल को पीने से अधिकतम लाभ मिलता है।





