विस्तृत उत्तर
भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए हनुमान जी सर्वोत्तम रक्षक हैं। हनुमान चालीसा में स्वयं तुलसीदास जी ने लिखा है:
1हनुमान चालीसा — सर्वोत्तम रक्षा कवच
> 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै। महावीर जब नाम सुनावै॥'
— हनुमान जी का नाम लेते ही भूत-पिशाच भाग जाते हैं।
2हनुमान रक्षा मंत्र
> **ॐ नमो भगवते महावीराय महाबलाय भय भंजनाय
> सर्वदुष्टग्रह विनाशाय हं फट् स्वाहा**
यह सर्वाधिक प्रभावी रक्षा मंत्र है।
3बजरंग बाण
भूत-प्रेत बाधा में बजरंग बाण का पाठ तत्काल प्रभावी है।
4रामरक्षा स्तोत्र
ऋषि विश्वामित्र द्वारा रचित रामरक्षा स्तोत्र का पाठ नकारात्मक शक्तियों से सर्वांगीण रक्षा करता है।
5हनुमान कवच
> ॐ हनुमान पूर्वतः पातु, दक्षिणे च वायुनंदनः।
> पश्चिमे तु महावीरः, उत्तरे पर्वताश्रयः॥
> आग्नेय्यां च महाभागः, नैऋत्ये रघुनंदनः।
> वायव्यां वीर हनुमान्, ईशान्यां च प्रतापवान्॥
6आपातकालीन मंत्र (तत्काल)
> 'जय हनुमान' — तीन बार बोलें
> या 'ॐ हं हनुमते नमः' — 21 बार
7सुरक्षा श्लोक (सोने से पूर्व)
> शृण्वंतु विश्वे अमृतस्य पुत्राः।
(रामनाम और हनुमान स्मरण सोने से पूर्व अवश्य करें।)
व्यावहारिक उपाय
- 1घर में हनुमान चालीसा की पुस्तक रखें
- 2द्वार पर हनुमान जी का चित्र लगाएं — नकारात्मक शक्तियाँ प्रवेश नहीं करतीं
- 3प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ — घर में सकारात्मक ऊर्जा
- 4मंगलवार को चमेली के तेल का दीप — नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- 5शयन कक्ष में हनुमान जी का चित्र — रात्रि भय से रक्षा
शास्त्रीय मान्यता
वाल्मीकि रामायण में हनुमान जी को 'भयंकर' कहा गया है — किंतु वे भक्तों के लिए 'अभय' हैं। जो हनुमान जी की शरण में है, उसे कोई भी नकारात्मक शक्ति हानि नहीं पहुँचा सकती।


