चामुण्डा देवी के तीव्र मंत्र (नवार्ण मंत्र के अतिरिक्त)
मंत्र:
ॐ ग्लौ हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा।
- इस मंत्र का जप नवार्ण मंत्र के साथ या स्वतंत्र रूप से करें।
- सिद्धकुंजिका स्तोत्र का पाठ संपूर्ण साधना है।
- विशेष अनुष्ठान में सदैव गुरु द्वारा निर्देशित विधि का पालन करें।
यह मंत्र सिद्धकुंजिका स्तोत्र का हिस्सा होने के कारण गूढ़ और अल्पज्ञात है। बिना कुंजिका स्तोत्र
के दुर्गा सप्तशती का पाठ पूर्ण फल नहीं देता, ऐसा माना जाता है। यह मंत्र देवी
की संहारक शक्ति को तीव्रता से जाग्रत करता है और साधक के लिए अद्भुत सिद्धियां एवं सुरक्षा प्रदान करता है।
