विस्तृत उत्तर
गुग्गुल (Commiphora wightii) एक आयुर्वेदिक राल है जिसे शास्त्रों में अत्यंत पवित्र और शुद्धिकारक माना गया है। इसकी धूनी देना वास्तु-दोष निवारण का एक प्रमाणिक उपाय है।
वास्तु-दोष निवारण: TimesNow के अनुसार पूजा-पाठ में गुग्गुल धूप जलाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में नहीं आती। नियमित गुग्गुल धूनी से पारिवारिक क्लेश दूर होता है और वास्तु के कारण होने वाली समस्याएँ कम होती हैं। इससे निकलने वाली सुगंध शत्रुता का नाश करती है।
देवता का वास: प्रतिदिन संध्या में गुग्गुल धूप जलाने से घर पर देवी-देवताओं का वास होता है। यह घर-मंदिर और यज्ञ-स्थान की पवित्रता बनाए रखता है।
वैज्ञानिक आधार: गुग्गुल में 'गुगुलस्टेरोन' और अन्य यौगिक होते हैं जो शक्तिशाली रोगाणुनाशक हैं। इसका धुआँ वायु में विद्यमान हानिकारक जीवाणुओं और कवकों को नष्ट करता है। इसकी सुगंध सिरदर्द और सीने के दर्द में भी राहत देती है।
उपयोग: प्रतिदिन संध्याकाल में गुग्गुल जलाएँ। विशेष वास्तु-दोष निवारण के लिए शनिवार को गुग्गुल-नीम के पत्ते और काली सरसों एक साथ जलाकर घर में धूनी दें।





